31 अगस्त को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक मनाएं राखी का त्योहार
31 अगस्त को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक मनाएं राखी का त्योहार हर साल श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है रक्षाबंधन कई पंचांगों में रक्षाबंधन 30 अगस्त बुधवार रात 9 बजकर 5 मिनट के बाद लिखा है, जो सैद्धांतिक दृष्टि से ठीक हो सकता है किन्तु व्यावहारिक दृष्टि से ठीक नहीं। 31 अगस्त गुरुवार को सुबह 9 बजे श्रवण पूजन के उपरांत सायंकाल 5 बजे तक रक्षाबंधन का पर्व मनाना कल्याणकारी होगा श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को प्रतिवर्ष रक्षाबंधन का पवित्र पर्व मनाया जाता है। इसमें अपराह्न व्यापिनी पूर्णिमा तिथि जरूरी है और इसमे भद्रा वर्जित है। भद्रा में रक्षाबंधन से राजा का अनिष्ट और फाल्गुनी (होलिका दहन) से प्रजा अग्नि इत्यादि उत्पातों से प्रजा एक ही वर्ष में हीन हो जाती है। व्रती को चाहिए कि इस दिन सुबह विधिपूर्वक स्नान करके देवता पितर और ऋषियों का स्मरण करें पूर्वा में ही गाय के गोबर से लिपे शुद्ध स्नान पर रक्षासूत्र रखकर उसका यथाविधि पूजन करें। उसके बाद रक्षासूत्र को दाहिने हाथ में बंधवाना चाहिए। रक्षासूत्र बांधते समय ब्राह्मणों को यह मन्त्रोच्चारण करना जरूरी है। येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्र महाबला ।। ते...