शूलटंकेश्वर महादेव
शूलटंकेश्वर महादेव - Shulantkeshwar Mahadev शूलटंकेश्वर महादेव :- कहते हैं काशी के कण-कण में शिव है और यहां की महिमा भी अनंत है काशी को मंदिरों का शहर कहा जाता है और यहां गलियों से सड़क तक कई ऐसे मंदिर हैं जिनकी पौराणिकता और महत्त्व पुराणों में मौजूद है। इनमें से ही एक मंदिर है काशी से लगभग 15 किलोमीटर दूर माधवपुर में स्थित शूल टंकेश्वर महादेव मंदिर । इस मंदिर में मौजूद विशालकाय शिवलिंग दूर दराज से आने वाले भक्तों के सभी कष्टों का निवारण करता है लेकिन काशी के दक्षिण में बसा यह इलाका इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि काशी में उत्तरवाहिनी होकर बहने वाली गंगा इसी शूल टंकेश्वर मंदिर के पास घाटों से उत्तरवाहिनी होकर काशी में प्रवेश कर रही ऐसा क्यों और क्या वजह है जो गंगा काशी में हुई उत्तरवाहिनी उसी से जुड़ी है इस मंदिर की पूरी कहानी। भगवान शिव ने सबसे पहले अपना ज्ञान सप्त ऋषियों को दिया शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर दक्षिण में जिस स्थान से गंगा उत्तरवाहिनी होकर काशी में प्रवेश करती हैं वहां है शूलटंकेश्वर का मंदिर। मंदिर के पुजारी बताते हैं इस मंदिर का नाम पहले माधव ऋषि के नामपर माध...