काशी
काशी में अनेक शिवभक्त काशी नगरी की पंचक्रोशी यात्रा करने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं,परंतु उन्हें इस पुनीत यात्रा का ज्ञान नहीं #चले श्री ढुंढीराज कृपा से कई पौराणिक पुस्तकों में वर्णित काशी की पंचकोशी यात्रा के पौराणिक विधि नियम कई खण्डों में इसे आप तक पहुँचने का प्रयास करूँगा #ॐ_विश्वेश्वराय_नमः यात्रा नियम पिछला लिंक नीचे है यह नं.3है ज्ञानवापी से कन्दवाँ पहला वास स्थान ( ३ कोस), मणिकर्णिका से कन्दवाँ तक के देवताओं के नाम, मणिकर्णिका जाकर वहां गंगा में स्नान अथवा मार्जन ( आचमन करें), मौन विसर्जन कर, तत्पश्चात् मन्दिरों में दर्शन पूजन करते हुए यात्रा आरम्भ करें। मणिकर्णितटे छन्नं, गंगाकेशवमप्युत। ललितां च ततः पूज्य, जरासंध्येश्वरं विभुम् ।। मणिकर्णिका महादेव का दर्शन पूजन कर ललिताघाट के ऊपर ललिता देवी की पूजा करे फिर मीरघाट आवें । यहां पर जरासन्धेश्वर की पूजा करें 1- मणिकर्णिकायै नमः गंगा की पूजा करें। 2- मणिकर्णिकेश्वराय नमः। गोमठ सन्यासाश्रम, म० नं० सी.के. 8/12 में 3- सिद्धिविनायकाय नमः उसी मार्ग में अमेठी के मन्दिर के बाहर म०नं० सी.के. 6/1 म...