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Showing posts from December, 2023

जानिये क्यों शास्त्रों में वर्जित है शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण करना?

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जानिये क्यों शास्त्रों में वर्जित है शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण करना? एक तरफ भगवान् को अर्पित किया गया प्रसाद पवित्र माना जाता है वहीँ दूसरी तरफ  भगवान् शिव (Lord Shiva)  को  शिवलिंग (Shivling)  के माध्यम से चढ़ाये गए प्रसाद को खाने की शास्त्रों में मनाही है। हजारों और लाखों की संख्या में शिवलिंग (Shivling) पर प्रसाद चढ़ाया भी जाता है और उसी को फिर खाया भी जाता है बिना यह जाने हुए कि ऐसा करना शास्त्रों में वर्जित है।  आज हम  शिव पुराण (Shiv Purana)  में वर्णित इस तथ्य को उजागर करेंगे कि आखिर क्यों शिवलिंग पर अर्पित किये गए भोग को खाने से सख्त मना किया गया है साथ ही यह भी बताएंगे कि ऐसे कौन से शिवलिंग है जिनपर अर्पित किये गए भोग को शिव भक्त खा सकते हैं। शिव पुराण के 22वें अध्याय में वर्णित इस श्लोक में यह स्पष्ट उल्लेख मिलता है : “चण्डाधिकारो यत्रास्ति तद्भोक्तव्यं न मानवै:। चण्डाधिकारो नो यत्र भोक्तव्यं तच्च भक्तित:।।” भावार्थ :  जिस भी स्थान पर चण्ड का अधिकार दिखाई पड़ता है उस स्थान पर शिवलिंग पर अर्पित किये गए प्रसाद को ग्रहण नहीं करना चाहिए। ज...

प्रदीप मिश्रा के शिव पुराण के उपाय और टोटके | 2 |

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प्रदीप मिश्रा के शिव पुराण के टोटके |  Pradeep Mishra Ke Totke, Upay “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं ”  आप में से अधिकांश लोगो ने ऊपर दिए श्लोक को जरूर सुना होगा और इसे सुनकर आपके दिमाग में सिर्फ एक ही शख्सियत की छवि उभर कर आई होगी और वो होगी कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (Pradeep Mishra) की। जी हां दोस्तो मध्य प्रदेश राज्य के मशहूर कथावाचक  पंडित प्रदीप मिश्रा  (Pandit Pradeep Mishra) आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है । उनकी कथा और टोटकों (Totke) के चर्चे हर जगह आपको सुनने मिल जाएंगे। यही वजह है कि वह आए दिन सुर्खियों का हिस्सा बने रहते है। तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको कथावाचक प्रदीप मिश्रा (Pradeep Mishra Ke Totke) के टोटके,  प्रदीप मिश्रा के शिव पुराण के टोटके PDF  के बारे में बताएंगे तो जानने के लिए आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े पंडित प्रदीप मिश्रा  का जन्म सन 1980 में मध्यप्रदेश के सीहोर में हुआ था। मिश्रा जी (Mishra Ji) हमेशा श्री राम कथा, श्री मद भागवत कथा और शिव पुराण (Shiv Puran) कथा का कथावाचन करने के साथ साथ लोगो की कई गंभीर समस्याओं को हल करने के...

पशुपति व्रत, विधि एवम विभिन्न उपाय

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पशुपति व्रत एवम विधि नमः शिवाय: श्री शिवाय नमस्तुभ्यं पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी (सीहोरे वाले) द्वारा श्री शिव महापुराण की कथा में बताये कुछ अचूक उपाय लिखित रूप में पशुपति व्रत  एवम  विधि पशुपतिनाथ का एक व्रत होता है जिसे कहते हैं पशुपति व्रत। यह व्रत 5 सोमवार का होता है। इस पशुपति व्रत को करने से किसी भी मनोकामना को पूरा किया जा सकता है। रोग, बिमारी, नौकरी, व्यापार, कर्जा, शादी, संतान, आदि।  व्रत और पूजन की विधि। सुबह पूजा की थाली लगाकर ले जाओ। थाली में जल, अभिषेक का समान, चंदन, अक्षत, फूल, बेल पत्र, इतर और भी जो पूजा की समग्री होती है सब रख कर ले जाना है। बाबा का स्नान पूजन करे। बाबा से निवेदन और विनती करे: ‘मैंने पशुपति व्रत रखा है और मेरी ये कामना है। मैंने शिवमहापुराण की कथा में ऐसा सुना है की इस व्रत को करने वाले व्यक्ति की मनोकामना आप अवश्य पूरी करते हैं। मेरी भी मनोकामना पूरी करिये बाबा’। पूजा संपन्न होने के बाद थाली लेकर घर आ जाए। इसके बाद शाम के समय प्रदोष काल में वापस सुबह वाली पूजा की थाली लेनी है।थाली में 6 घी के दिए रख लेना है और कुछ भी मीठा का भोग बनाकर उस...