काशी वाले से मिलना बड़ा जरुरी

काशी वाले से मिलना बड़ा जरुरी,
डमरू वाले से मिलना बड़ा जरुरी,
मिलना बड़ा जरुरी, मुझे मिलना बड़ा जरुरी,
मिलना बड़ा जरुरी, मुझे मिलना बड़ा जरुरी
काशी वाले से मिलना बड़ा जरुरी,
डमरू वाले से मिलना बड़ा जरुरी,

श्यामा प्यारी से मिलना बड़ा जरुरी,
राधा रानी से मिलना बड़ा जरुरी,

जो मैं होती पवन बसंती,
झोँका बन कर आती,
जो मैं होती पवन बसंती,
झोँका बन कर आती,
जो मैं होती बेला चमेली,
जो मैं होती पवन बसंती,
झोँका बन कर आती,
जो मैं होती पवन बसंती,
झोँका बन कर आती,

जो मैं होती बेला चमेली,
चरणों में बिछ जाती,
जो मैं होती बेला चमेली,
चरणों में बिछ जाती,
जो मैं होती बेला चमेली,
चरणों में बिछ जाती,
जो मैं होती बेला चमेली,
चरणों में बिछ जाती,
बन ना सकी हवा का झोँका,
ये मेरी मजबूरी,
बन ना सकी हवा का झोँका,
ये मेरी मजबूरी,

काशी वाले से मिलना बड़ा जरुरी,
डमरू वाले से मिलना बड़ा जरुरी,
मिलना बड़ा जरुरी, मुझे मिलना बड़ा जरुरी,
मिलना बड़ा जरुरी, मुझे मिलना बड़ा जरुरी
काशी वाले से मिलना बड़ा जरुरी,
डमरू वाले से मिलना बड़ा जरुरी,

जो मैं होती काली बदरिया,
झमा झम नीर बहाती,
जो मैं होती काली बदरिया,
झमा झम नीर बहाती,
जो मैं होती काली बदरिया,
छम छम नीर बहाती,
जो मैं होती काली बदरिया,
झमा झम नीर बहाती,


गरज गरज के बरस बरस के,
तुमको नित नहलाती,
गरज गरज के बरस बरस के,
तुमको नित नहलाती,
गरज गरज के बरस बरस के,
तुमको नित नहलाती,
गरज गरज के बरस बरस के,
तुमको नित नहलाती,

बन ना सकी काली बदरिया ,
ये मेरी मजबूरी,
बन ना सकी काली बदरिया ,
ये मेरी मजबूरी,

राधा रानी से मिलना बड़ा जरुरी,
श्यामा प्यारी से मिलना बड़ा जरुरी,

जो मैं तेरा पता जानती,
खत लिखती भिजवाती,
सब रसिकन को संग में लेकर,
तुमसे मिलने आती,
पता तेरा मेरे पास नहीं है,
ये मेरी मजबूरी,
राधा रानी से मिलना बड़ा जरुरी,
श्यामा प्यारी से मिलना बड़ा जरुरी,

जो तुम होती पास हमारे,
झूम झूम कर गाती,
हाथ पकड़ ईठलाती श्यामा,
मन के भाव सुनाती,
मेरी तो मज़बूरी राधे,
तेरी क्या मज़बूरी,
ये मेरी मजबूरी,
राधा रानी से मिलना बड़ा जरुरी,
श्यामा प्यारी से मिलना बड़ा जरुरी,






राधा रानी से मिलना बड़ा जरुरी,
मिलना बड़ा जरुरी, मुझे मिलना बड़ा जरुरी,
श्यामा प्यारी से मिलना बड़ा जरुरी,
राधा रानी से मिलना बड़ा जरुरी,

जो मैं होती पवन बसंती,
झोँका बन कर आती,
जो मैं होती बेला चमेली,
चरणों में बिछ जाती,
ना बन पाई हवा का झोँका,
ये मेरी मजबूरी,
राधा रानी से मिलना बड़ा जरुरी,
श्यामा प्यारी से मिलना बड़ा जरुरी,

जो मैं होती काली बदरिया,
छम छम नीर बहाती,
गरज गरज और बरस बरस कर,
तुमको नित नहलाती,
ना बन पाई काली बदरिया ,
ये मेरी मजबूरी,
राधा रानी से मिलना बड़ा जरुरी,
श्यामा प्यारी से मिलना बड़ा जरुरी,

जो मैं तेरा पता जानती,
खत लिखती भिजवाती,
सब रसिकन को संग में लेकर,
तुमसे मिलने आती,
पता तेरा मेरे पास नहीं है,
ये मेरी मजबूरी,
राधा रानी से मिलना बड़ा जरुरी,
श्यामा प्यारी से मिलना बड़ा जरुरी,

जो तुम होती पास हमारे,
झूम झूम कर गाती,
हाथ पकड़ ईठलाती श्यामा,
मन के भाव सुनाती,
मेरी तो मज़बूरी राधे,
तेरी क्या मज़बूरी,
ये मेरी मजबूरी,
राधा रानी से मिलना बड़ा जरुरी,
श्यामा प्यारी से मिलना बड़ा जरुरी,

Comments

Popular posts from this blog

विभीषण की पुत्री त्रिजटा

प्रदीप मिश्रा के शिव पुराण के उपाय और टोटके | 2 |

जानिये क्यों शास्त्रों में वर्जित है शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण करना?