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Day - 02 ll श्री शिव चर्चा ll पूज्य पण्डित प्रदीप जी मिश्रा (सीहोर वाले) ll सीहोर, मध्य प्रदेश

 Day - 02 ll श्री शिव चर्चा ll पूज्य पण्डित प्रदीप जी मिश्रा (सीहोर वाले) ll सीहोर, मध्य प्रदेश  (00:01) [संगीत] की विश्वनाथ भगवान की राम महारानी की सरस्वती सरकार की श्वर महादेव (01:05) की मलेश्वर की ओकारेश्वर भगवान की संत सदगुरु देव माता की प्र नम (02:13) श नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय नमः शिवाय ओम नमः शिवाय नमः शिवाय ओम नमः शिवाय [संगीत] ओ (03:19) नमः शिवाय नम ओम नम शिवाय ओ नमः शिवाय नम शिवाय ओ नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः [संगीत] शिवाय शिवाय बो बोला नमः शिवाय बोरा नमः शिवाय बोलो नमः शिवाय बोलो नमः शिवाय गरा नमः शिवाय गोरा नमः शिवाय (04:27) [संगीत] नम शम शिवाय ओम नमः शिवाय ः शवा श ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय नम शिवाय ओ नमः शिवाय ओम नम शिवाय विश्वनाथ भगवान की महाकालेश्वर भगवान की जय ओमकालेश्वर भगवान की जय कुरेश्वर महादेव की जय हर हर महादेव हर हर महा मदेव हर हर महादेव (05:36) हर श्री शिव महापुराण कथा के माध्यम से शिव चर्चा की ओर आगे बढ़ते हुए भगवान देवदिदेव महादेव की पवित्र तीन दिवसीय शिव चर्चा दीपावली महापर्व का यह पवित्र अवसर जिसमें आप और हम सभी भगवान शिव की इस पवित्र ...

Day - 01 ll श्री शिव चर्चा ll पूज्य पण्डित प्रदीप जी मिश्रा (सीहोर वाले) ll सीहोर, मध्य प्रदेश

Day - 01 ll श्री शिव चर्चा ll पूज्य पण्डित प्रदीप जी मिश्रा (सीहोर वाले) ll सीहोर, मध्य प्रदेश दीपावली महा उत्सव की विधिवत पूजन कार्तिक मास में जो दीपावली के पांच दिवस की पूजन होता है। धन तेरस नरक,  रूप चौदस, दीपावली, गोवर्धन पूजन और भाई दूज । इन पाच दिन तक पांच पर्वीय दीपावली महापर्व को मनाया जाता है ।  यह कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष के अंतर्गत आता है और देवताओं की जो दीपावली है अर्थात देव दिवाली शुक्ल पक्ष के अंतर्गत आती है।  भगवान स्वयं वेदव्यास जी महाराज ने स्कंद पुराण, विष्णु पुराण, कुर्म पुराण, ब्रह्म विवत पुराण और अनेक पुराणों में कार्तिक के महत्व का वर्णन किया है। कार्तिक मास, दामोदर मास के अंतर्गत भगवान शंकर की आराधना, लक्ष्मी जी की आराधना, श्री हरि नारायण की आराधना करी जानी चाहिए। कार्तिक महात्म्य के अंतर्गत कथा आती है सत्यभामा जी ने भगवान श्री कृष्ण से पूछ लिया कि मेरा पूर्व जन्म कैसा था और मेरा कौन सा पुण्य ऐसा रहा है जिस पुण्य के कारण यह कल्प वृक्ष मुझे प्राप्त हुआ। जो वृक्ष देवलोक में देवताओं के पास विराजमान है।  ऐसा कौन सा पुण्य हमने कर दिया जिस पुण्य क...