मल्लनमूलई का मल्ला चोर
मल्लनमूलई का मल्ला चोर सदगुरु यहाँ मल्ला नाम के एक चोर की एक दिलचस्प कहानी सुना रहे हैं, जो शिव का एक परम भक्त था। सद्गुरु : आज मैं आप को एक योगी के बारे में बता रहा हूँ जो मेरे जन्मस्थान के बहुत निकट रहा करते थे। मैंने इस व्यक्ति के बारे में सुना था और उन विलक्षण घटनाओं के बारे में भी जो वहां हुइं थीं, पर अपनी युवावस्था में मैंने उनकी ओर कोई ख़ास ध्यान नहीं दिया। वे बातें सुन कर मुझे थोड़ा रोमांच होता था, पर उस समय उन सब को मैंने कोई महत्व नहीं दिया। एक लुटेरे की शिवभक्ति मैसूर से लगभग 16 किमी दूर, नंजनगुड के नाम से प्रसिद्ध जगह की बाहरी सीमा पर एक शिव-भक्त रहता था। उसका नाम मल्ला था। वह किसी धार्मिक परंपरा से नहीं जुड़ा था और पूजा, ध्यान के नियम नहीं जानता था। लेकिन बचपन से ही आँखें बंद करने पर उसे सिर्फ शिव दिखते थे। शायद उनके लिये भक्त एक ठीक शब्द नहीं है। उनके जैसे लाखों लोग हैं जो एक तरह से शिव के बंदी हैं, उनके पास कोई और चारा ही नहीं है। शायद मैं भी उनके जाल में फंस गया। हम उनकी खोज नहीं कर रहे थे - हम ऐसे घमंडी थे कि कोई खोज कर ही नहीं सकते थे -- लेकिन उनके फंदे में फंस गए ...