Day - 02 ll श्री शिव महापुराण कथा ll पूज्य पण्डित प्रदीप जी मिश्रा (सीहोर वाले) ll नासिक, महाराष्ट्र
Day - 02 ll श्री शिव महापुराण कथा ll पूज्य पण्डित प्रदीप जी मिश्रा (सीहोर वाले) ll नासिक, महाराष्ट्र आज हम एक कथा सुना रहे हैं । सुखदेव जी महाराज की कथा । एक बार राजा जनक ने तीन बातें श्री सुखदेव जी महाराज से कही। उसमें एक बात राजा जनक जी ने सुखदेव जी से कही कि सबसे बड़ा आश्रम गृहस्थ आश्रम कैसे होता है। दुनिया का सबसे बड़ा आश्रम ग्रहस्श्र आश्रम है क्योंकि साधु बनना सरल है सन्यासी बनना सरल है तपस्वी बनना सरल है साधक बनना सरल है उपासक बनना सरल है पर अपने घर में अपने परिवार में अपनी पत्नी अपने पति अपने बच्चे अपने भाई अपने बंधु अपने सखा अपने मित्र अपने दोस्त और अपने अपनों के साथ में घर में रहना बड़ा कठिन है। साधु बन गए घर छोड़ दिया अकेले तो कहीं रह लो। अकेले तो तुम होटल में पड़े रहे। तो तुम्हारा मन लग जाएगा। पर घर में तो रहे हो घर में इधर से माताजी कुछ कहे उधर से पिताजी कुछ कहे उधर से पत्नी कुछ कहे उधर से पति कुछ कहे उधर से भाई कुछ कहे उधर से बहू कुछ कहे उधर से रिश्तेदार कुछ कहे तब घर में रहना बड़ा कठिन हो जाता है। साधु बनना सरल है तपस्वी बनना सरल है साधक बनना सरल है उपासक बनना ...