30 सितम्बर शिवरात्रि को कर लें रुद्राक्ष, एक दाना चावल और सफ़ेद पुष्प से करें मनोकामना पूर्ति का उपा
30 सितम्बर शिवरात्रि को कर लें रुद्राक्ष, एक दाना चावल और सफ़ेद पुष्प से करें मनोकामना पूर्ति का उपाय
श्राद्ध पक्ष की शिवरात्रि के दिन बाबा देवाधिदेव महादेव को एक सफेद पुष्प समर्पित कर देने पर अपने मन की कामना करकर बाबा देवदिदेव महादेव तीन महीने व कामना पूर्ण करता और जिसके यहां पर विदव जन ब्राह्मण जन ने कहा हो कि पितृ दोष ज्यादा है या घर में शुभ कार्य नहीं हो रहा या तकलीफें ज्यादा हो रही है कोई बड़ी बीमारी ने अगर घेर लिया है कोई बड़ी तकलीफ सामने आ गई हो तो उनको भी निवेदन करूंगा कि प्रयास करना कि एक सफेद पुष्प अपने हाथ से बाबा देवद महादेव को समर्पित कर उसके बाद तुम्हें जो बड़ी बीमारी है उसकी जब शिवरात्रि पर आप समर्पित कर दो एक
(00:57) महीना पूर्ण हो जाए अगले महीने की शिवरात्र आए श्राद्ध पक्ष की शिवरात्रि जाएगी अक्टूबर की फिर अगले महीने की जब शिवरात्रि आए तो उसके पहले आपकी जो बीमारी है उसकी एक बार जांच कराना बाबा देवदिदेव महादेव उस बीमारी को समाप्त जरूर जब ज्यादा घर में पितृ दोष हो ना ऐसा लगे कि पितृ दोष बहुत ज्यादा है एक रुपए कमा रहे हैं सवा रुपए खर्च हो रहा है हाथ में पैसा नहीं टिकरा दुकान चार दिन अच्छी चल रही है फिर व्यापार डाउन हो जाता है कोई पैसा लेकर भग गया नहीं तेरा कहीं कर्जा मात्रा बढ़ गई है यह पितृ दोष के लक्षण है इसमें आपके घर में जो भी
(01:40) रुद्राक्ष पड़ा जो भी रुद्राक्ष रखा हो क्योंकि संभाल के तो आप रखते नहीं पटक देते जो भी रुद्राक्ष आपके घर में रखा हुआ एक पानी के पात्र में उस रुद्राक्ष को डाल दीजिए उसमें एक चावल का दाना डाल दीजिए महाराज परिंडा जहां होता है मटका हंडा या रसोई घर में आपका जो पानी भरने का स्थान होता है जिसको आरो वारो क्या क्या लगा के रखते हो उसी के कहीं पास में उस कलश को रख दीजिए ऊपर से उसको ढाक दीजिए शाम के समय सुबह रखा 10 बजे से 12 बजे के बीच में शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शंकर का नाम स्मरण करकर ओम नमः शिवाय बोलकर श्री शिवाय नमस्तुभ्यं बोलकर
(02:37) या महा मृत्युंजय मंत्र का स्मरण कर कर या गायत्री मंत्र का स्मरण करकर जो मंत्र आपकी बुद्धि में विवेक में समाहित हो उस मंत्र का नाम लेकर राम कृष्ण हरि जो बोल सकते हो एक घी का दिया अवश्य प्रज्वलित करें लंबी बाती का कौन सी बाती का फूल बत्ती का नहीं गोल बत्ती का नहीं लंबी बात बत्ती का मुख दक्षिण की ओर कहां पर होना चाहिए दक्षिण ना पूरब ना पश्चिम ना उत्तर बत्ती का मुख कहां हो दक्षिण तो दिए की जो बाती का मुख कहां होना चाहिए दक्षिण का और दक्षिण का जब जब दक्षिण का मुख हो दक्षिण की ओर बाती
(03:44) हो महाराज तब दक्षिण की बाती जलाने के बाद में भगवान से वहीं पर प्रार्थना करें जो कलश रखा है उसके ऊपर जो प्लेट रखी है ढाका गया है वहां अपना सीधा हाथ रखें और अपने पूर्वजों का अपने पित्रों का स्मरण करें कि मेरे धन को लेकर कोई चले गया मेरा व्यापार ऐसा चल रहा है मेरा घर में बच्चों का विवाह नहीं हो रहा या घर में इतनी अशांति है या तकलीफ है या कष्ट है यह सबका स्मरण करकर उस कलश को रात्रि भर रखे रहने दे सुबह स्नान आदि करने के बाद फिर एक घी का दिया दक्षिण की ओर लगाकर सुबह 10 बजे से 12 बजे के बीच में उस जल को शिव जी को समर्पित कर कर आ जाए और व रुद्राक्ष लेकर
(04:33) वापस महाराज वापस उस रुद्राक्ष को अपने घर में रख दीजिए वर्ष भर वह रुद्राक्ष आपको कभी बीमारी से नहीं घिरने देगा कभी किसी जगह खड्डे में नहीं जाने देगा वो उन्नति की ओर ही बढ़ाएगा भले कोई भी रुद्राक्ष एक मुखी से लेकर 14 मुखी 20 मुखी 18 मुखी जो रुद्राक्ष आपके पास में आप तो उसका स्मरण करें [संगीत] आप उसका स्मरण करें रुद्राक्ष का ज शि
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