शिव से संबंधित नियम एक

★ पारिजात का पुष्प तोड़ा नहीं जाता उसे भूमि पर गिरे हुए पुष्पको ही उठाया जाता है। और जमीन से उठाकर ही चढ़ाया जाता है। यह फूल पुष्प भगवान भोलेनाथ को बहुत प्रियहै। 

★ यदि फूल जल में गिर गया है तो भगवान भोलेनाथ को अर्पित नहीं किया जाता।
★ वे अर्थात राम झारे से भगवान भोलेनाथको जल नहीं चढ़ाया जाता। आप श्रृंगी से जल चढ़ा सकते हो।

★ जल के पात्र में डाली गई शक्कर किसी भी चीज से मिलाई नहीं जाती। उसे डालकर यूं ही छोड़ दिया जाता है।

★ जल आराम से समर्पित करो। जल्दबाजीमें नहीं। यदि इनके जाल में कुछ गिर जाए तो उसे निकाल नहींजाता। नया जल चढ़ाया जाता है।

कर्ज मुक्ति के लिए पांच शिवरात्रि यह उपाय करें।
शिवरात्रि वाले दिन एक बेलपत्र और एक पात्र में शक्कर मिला हुआ दूध लेकर जाएं । बेलपत्र की डंडी जलहरी की तरफ करके दूध को शिवलिंग पर अर्पित करें। और किसी पत्र में मात्र इतना दूध झेल लें कर आए जिससे उसकी एक बिंदी दरवाजे पर अलमारी पर लगाई जा सके। इतना ही दूध ले की वस्तु के नहीं जल्दी से आकर अपने द्वार पर अलमारी पर या तिजोरी पर उसकी एक बिंदी लगा दें। दूध में एक्स्ट्रा पानी ना मिलाएं।

Comments

Popular posts from this blog

विभीषण की पुत्री त्रिजटा

प्रदीप मिश्रा के शिव पुराण के उपाय और टोटके | 2 |

जानिये क्यों शास्त्रों में वर्जित है शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण करना?