गर्भस्थ बच्चों की परेशानी दूर करने के लिए
गर्भस्थ बच्चों की परेशानी दूर करने के लिए
तीसरा दिन पातालेश्वर शिव पुराण जमशेदपुर झारखंड
गर्भस्थ शिशु को होने वाली परेशानी जैसे दिल में छेद है या पूर्णतः स्वस्थ नहीं है। अतः शिशु किसी ने किसी रूप में रोगीला है।
तो उस गर्भस्थ नारी से निवेदन है कि वह अपने घर से थोड़े से चावल लें, उनमें से 1008 साबुत चावल के दाने भगवान भोलेनाथ के पंचाक्षर मंत्र 'नमः शिवाय' को बोलकर एकत्रित करके उसमें एक बेलपत्र रखकर, उसे श्वेत वस्त्र में बांध ले इसके उपरांत भगवान शिव के मंदिर में दिल से, भाव से, प्रार्थना करके रख कर आए।
3 या 4 दिन में बच्चों की परेशानी दूर हो जाएगी । वह पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाएगा। 3 या 4 दिन बाद पुन जांच कर आएंगे तो उसे बच्चों को स्वस्थ ही पाएंगे।
अगर बाबा एक बार में न सुने तो, एक बार पुनः इस उपाय को करें।
सात काले तिल और एक काली मिर्च का उपाय
मनोकामना पूर्ति के लिए
सात काले तिल और एक काली मिर्च अपनी हथेली में लेकर किसी भी शिवरात्रि को अपने मन की इच्छा कहते हुए भगवान भोलेनाथ को अर्पित कर दें। आने वाली अगली शिवरात्रि तक भगवान भोलेनाथ आपकी इच्छा अवश्य पूरी कर देंगे।
प्रदोष के दिन रात 9 बजकर 15 मिनट पर अवश्य करें
रोग मुक्ति का यह अचूक उपाय
किसी भी दिन रात 9 बजकर 15 मिनट पर अपने घर में विराजमान शिवलिंग पर या फिर मंदिर के शिवलिंग पर अस्पताल में भर्ती उस बीमार व्यक्ति का नाम लेकर आंवले के जल से अभिषेक पूजन करने पर एक , दो या तीन दिनों में ही वह व्यक्ति स्वस्थ होकर घर आ जाएगा।
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