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कुंदकेश्वर महादेव

कुंदकेश्वर महादेव की कथा 

उज्जैन के चंदनवन स्थित महर्षि सांदीपनि के आश्रम में अति प्राचीन श्री कुंदकेश्वर महादेव का मंदिर विद्यमान है। यह मंदिर उज्जैन के प्रसिद्ध 84 महादेवों में से 40 वें नंबर पर आता है । 

मां पार्वती विश्व में सबसे सुंदर है। एक बार राक्षस विदल-उत्पल ने मां पार्वती को देखा तो उन्हें पाने की लालशा करने लगा, एक बार राक्षस विदल-उत्पल माता पार्वती को परेशान करने लगा। जब वह माता पार्वती को स्पर्श करने जा ही रहा था तो उन्होंने कुंदुक को उठाकर उस पर वार कर दिया । जिससे उसके प्राण पखेरू उड़ गए, परंतु वह कुंदुक जाकर भगवान भोलेनाथ के पैरों में लग गया। उनके पैरों से रक्त स्राव होने लगा।
पार्वती जी को बहुत दुख हुआ बाबा भोलेनाथ के चरणों में घर पर क्षमा मांगने लगी। तब भगवान भोलेनाथ बोले पार्वती तुम इस बात का दुख मत करो लेकिन एक बात का ध्यान रखो कि तुम्हारे कुंदुक ने मेरे पैर को चोट पहुंचाई है और कुंदुक मेरे पैरों के पास आकर गिरा है। इसलिए आज से मेरा नाम कुंदकेश्वर होगा।
आज के बाद यदि मृत्यु लोक में रहने वाले व्यक्ति के शरीर में कोई रोग या दुख व्यापेगा। और मेरे अर्थात कुंदकेश्वर महादेव की कथा पूरी सुन लेगा या फिर कुंदकेश्वर नाम का उच्चारण कर लेगा तो मैं हर हाल में उसके दुख का, उसके शरीर के रोग का पूर्णतया निवारण कर दूंगा।

यदि आपको दवाई नहीं लग रही हो, या काम नहीं कर रही है अर्थात अगर किसी व्यक्ति को दवा खाने पर भी कोई असर नहीं हो रहा हो, दवा लगातार खाने के बाद भी फायदा नहीं कर रही हो, तो दवा खाने से पहले कुंदकेश्वर महादेव का नाम लें, कुंदकेश्वर महादेव का स्मरण कर उनसे विनती करें कि हे बाबा ! ऐसी कृपा करो कि यह दवा मेरे शरीर को लगने लगे। हे बाबा ! मुझपर कृपा करो । तो निश्चित ही वह अपना असर शुरू कर देगी।



कुंदकेश्वर महादेव के उपाय 
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गणेश के हाथ में एक शस्त्र है; जो कुंदुक कहलाता है। 

जो व्यक्ति जिद्दी हो या गलत व्यसन की ओर जा रहा हो, अति शराबी हो। सात दूर्वा लेंकर मंदिर जाएं। उसके पीछे के हिस्से में लाल चंदन लगाकर, गणेश जी पर चढ़ाने से पहले कुंदकेश्वर महादेव के नाम से समर्पित करना है, 

जब दूर्वा  गणेश जी पर चढ़ाने लगें तो उससे पहले आप चंद्रगणेश का नाम लेकर बाबा से पुनः प्रार्थना करने के उपरांत दूर्वा को चढ़ा दें। दूर्वा को चढ़ाकर एक दूर्वा उनमें से मांग कर ले आओ ।

जो व्यक्ति नशे में धुत रहता है या गलत काम में रहता है या अति शराबी है तो उसे वह दूर्वा सुबह खाली पेट खाने को दो । यदि दूर्वा नहीं खाए तो उसको भोजन आदि के साथ किसी भी प्रकार खिला दो। उसका नशा धीरे-धीरे छूट छूट जाएगा। और धीरे-धीरे श्रेष्ठ बन जाएगा।

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जब कोई बहुत चिड़चिड़ा होना, बहुत आडा टेड़ा, बोले बहुत उल्टी सीधा बोले, बहुत गाली दे, जरा जरा सी बात पर क्रोधित हो जाए।
श्वेत पुष्प, बेलपत्र के साथ, जब महादेव को समर्पित किया जाता है, थोड़ी देर चढ़े रहने के उपरांत श्वेत पुष्प और बेलपत्र में से श्वेत पुष्प को उठाकर ले ले जाकर बेलपत्र के वृक्ष के नीचे समर्पित कर दिया जाए। और यहां से बेलपत्र के नीचे की मिट्टी को लाकर कुंदकेश्वर महादेव का नाम लेकर उसके द्वारा पर मिट्टी लगाई जाती है तो वह धीरे-धीरे क्रोध करना बंद कर देता घर में पूरे शांति और आनंद की अनुभूति होने लगी है।
अतः उसका चिड़चिड़ापन होना, बहुत आडा टेड़ा बोलना, बहुत उल्टी सीधा बोले, बहुत गाली देना, जरा जरा सी बात पर क्रोधित होना जाए। धीरे-धीरे दूर हो जाएगा।
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यदि आपसे डॉक्टर ने कह दिया है कि आपके शरीर में या बच्चेदानी में या पेट में गांठ है या शरीर के किसी अंग में गांठ है तो एक बेलपत्र लीजिए और सात दूर्वा लीजिए । दूर्वा और बेलपत्र को लेकर जब शिवजी के मंदिर में आप समर्पित करें हमेशा बेलपत्र आप चढ़ाते हैं ऐसी जिसमें चिकनापन नीचे होता है अर्थात उल्टी । परंतु जब दूर्वा युक्त बेलपत्र शिव जी के मंदिर में शिवालय पर चढ़ाएंगे तो शिवलिंग पर ऐसे समर्पित करेंगें कि दूर्वा बेलपत्र के ऊपर और चिकने भाग पर रहेगी जबकि खुरदरा भाग भगवान भोलेनाथ पर लगा या छुआ हुआ़ होगा।

अब आप जो लोटे में जल भर का लेकर आए हैं, दक्षिण में बैठकर उत्तर की ओर मुख करके कुंदकेश्वर महादेव का नाम लेकर सात बार जल इस दूर्वा और बेलपत्र के ऊपर गिराना है ।

जो दूर्वा और बेलपत्र चढ़ी हुई है उसे बनवाकर मांग कर लेकर जाना है। कुंदकेश्वर महादेव का नाम लेकर सांपों दुर्गा को एक-एक कर 7 दिन तक खाना है और एक बेलपात बचा है उसे आठवें दिन खाना है। 
खाने के 15 दिन बाद अब जांच करना प्रारंभ करिए बाबा चाहेगा तो आपकी गठान कुंदकेश्वर महादेव गला ही देगा।

 

कुंदकेश्वर महादेव का मंदिर यहां-पंडित प्रदीप मिश्रा बताते है हर समस्या में नाम लेने का उपाय

मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में कुंदकेश्वर महादेव का मंदिर बना है, पंडित प्रदीप मिश्रा कई प्रकार की समस्याओं को दूर करने के लिए उन्हीं का नाम लेने की सलाह देते हैं, ऐसे में सावन के महीने में कुंदकेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है, यहां श्रद्धालु अभिषेक करने के साथ ही पूजा अर्चना और उनकी आराधना में लीन नजर आते हैं।
कुंदकेश्वर महादेव का मंदिर यहां-पंडित प्रदीप मिश्रा बताते है हर समस्या में नाम लेने का उपाय
कुंदकेश्वर महादेव का मंदिर यहां-पंडित प्रदीप मिश्रा बताते है हर समस्या में नाम लेने का उपाय

झाबुआ जिले के पेटलावद में सांई मंदिर पर हालही में कुंदकेश्वर महादेव को स्थापित किया गया है, यहां सावन सोमवार पर भगवान का विशेष श्रंगार किया जाता है, इस बार उनहें गजानंद के रूप में सजाया गया था, उनकी आरती में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है।

सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा कई बीमारियों को दूर करने और कई समस्याओं से निजात पाने के लिए कुंदकेश्वर महादेव का नाम लेने का उपाय बताया जाता है, उनके द्वारा बताए गए कुछ उपाए हम आपको बताने जा रहे हैं।

कुंदकेश्वर महादेव का मंदिर यहां-पंडित प्रदीप मिश्रा बताते है हर समस्या में नाम लेने का उपाय

-पंडित प्रदीप मिश्रा का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को दवा खाने पर भी कोई असर नहीं हो रहा हो, दवा लगातार खाने के बाद भी फायदा नहीं कर रही हो, तो दवा खाने से पहले कुंदकेश्वर महादेव का नाम लें, कुंदकेश्वर महादेव का स्मरण कर बाबा से विनती करें कि ये दवा मेरे शरीर को लगने लगे, तो निश्चित ही वह अपना असर शुरू कर देगी।


-पंडित मिश्रा का कहना है कि अगर आपको कोई गंभीर रोग है आप उसका इलाज कराने जा रहे हैं, आप चाहते हैं कि जांच में वह रोग नेगेटिव आए, आप उस गंभीर बीमारी से बचें तो आप कुंदकेश्वर महादेव का नाम लें। निश्चित ही आपकी जांच रिपोर्ट नार्मल आएगी और आप बड़ी से बड़ी बीमारी से बच निकलेंगे।


-पंडित प्रदीप मिश्रा का कहना है कि कुंदकेश्वर महादेव बीमारी या रोगों से मुक्ति दिलाते हैं, वे काल को भी हर लेते हैं, इसलिए जब भी किसी बीमारी का डर हो तो आप कुंदकेश्वर महादेव का नाम लें।


-मन अशांत होने पर भी कुंदकेश्वर महादेव का नाम लें, आपका मन शांत रहेगा, आप कुंदकेश्वर महादेव का नाम लेकर एक लोटा जल और बिल्व पत्र चढ़ाएं, आपको निश्चित ही लाभ मिलेगा।


-मन अशांत रहने पर आप कुंदकेश्वर महादेव का नाम लेकर एक बिल्वपत्र शिवलिंग पर चढ़ाएं, बिल्व पत्र की डंडी अशोक सुंदरी वाली जगह पर होनी चाहिए, इसी के साथ आप एक लोटा जल बिल्वपत्र पर समर्पित करते हुए चढ़ाएं, इसी दौरान अपनी कामना भी बोलते जाएं, इसी के साथ जो जल नीचे गिरता है उसे एक लोटे में लेकर आएं और उसका आचमन करें। अगर कोई गंभीर रोग आपका पीछा नहीं छोड़ रहा है तो भी आप ये उपाए कर सकते हैं।


कुंदकेश्वर महादेव का अदभुत उपाय

उपाय 1

अगर किसी व्यक्ति को दवा खाने का असर नहीं हो रहा है और वो व्यक्ति अपनी दवा खाने से पहले एक बार कुंदकेश्वर महादेव का स्मरण करके बाबा से विनती करे की हे बाबा! ये दवा मेरे शरीर को लगने लगे। इसके बाद दवा खाए। ऐसा करने से दवा अपना असर करना शुरू कर देता है।

उपाय 2

किसी भी रोग बिमारी की जाँच कराने जाना हो या ऑपरेशन के लिए जाना हो, या मान लें कि मन में किसी बड़ी बीमारी होने का डर लग रहा हो तो कुंदकेश्वर महादेव के नाम का स्मरण करना चाहिए।

इससे होता ये है की जाँच की रिपोर्ट्स नॉर्मल आती है, ऑपरेशन की भी जरूरत नहीं होती और जिंदगी में कभी कोई भारी रोग भी नहीं होता।

कुंदकेश्वर महादेव बिमारी और रोग मुक्ति के देवता है। काल को भी हर लेने वाले है।

मन अशांत हो तो भी कुंदकेश्वर महादेव का नाम स्मरण करते रहना चाहिए।

उपाय 3

अगर कोई व्यक्ति रोग से ग्रसित हो और वो रोग पीछा ही नहीं छोड़ रहा हो तो एक लोटा जल और एक बेल पत्र शंकर भगवान के मंदिर लेकर जाए।

कुंदकेश्वर महादेव के नाम से बेल पत्र शिवलिंग पर समर्पित करें और पत्ती की डंडी का मुख अशोक सुंदरी वाली जगह होना चाहिए।

इसके बाद एक लोटा जल धीरे-धीरे उस बेल पत्ती पर समर्पित करें, अपने मन की कामना करते हुए। जहां से जल नीचे गिरता है वहां से थोड़ा सा जल एक पात्र में उठाकर ले आए और उस जल का आचमन करे।

इस उपाय से रोग धीरे-धीरे करके हमेशा के लिए समाप्त होना लगता है।

उपाय 4

अगर किसी व्यक्ति के पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा हो तो कुंदकेश्वर महादेव के इस सरल से उपाय से दर्द में तुरंत आराम मिल जाता है। आपके रसोई घर में जहां भी पानी का स्थान हो जहां पानी का मटका, बाल्टी, आरो रखा हो या जल स्रोत हो, वहां खड़े हो कर एक कटोरी या ग्लास में थोड़ा सा जल लेकर कुंदकेश्वर महादेव का स्मरण करना है कम से कम 7 बार। फिर भोले बाबा का स्मरण करके जल को उस व्यक्ति को पिला देना है जिसको पेट में दर्द हो रहा है।10 से 15 मिनट में दर्द में आराम लगाना शुरू हो जाता है।

उपाय 5

कोई व्यक्ति जो किडनी, लीवर, कैंसर, सोरायसिस, त्वचा रोग या कोई अन्य बड़ी बीमारी से पीड़ित है, अगर वो रोज़ाना शंकर भगवान के शिवलिंग पर एक लोटा जल कुंदकेश्वर महादेव के नाम से समर्पित कर के जलाधारी से गिरते हुए जल का आचमन भी कुंदकेश्वर महादेव के नाम से करने लगे तो धीरे-धीरे उसके शरीर के सब रोग समाप्त होने लगते हैं। किडनी डायलिसिस भी इस उपाय से बंद हो जाती है।




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