प्रदीप मिश्रा जी अंतरराष्ट्रीय भक्ति कथाकार होने के साथ-साथ आस्था चैनल में भजन और आरती के प्रस्तुतकर्ता भी हैं। उनके वीडियो यूट्यूब और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध हैं जहां से हम उंन्हे फ्री में देख सकते हैं। उनका एक यूट्यूब चैनल भी है जिसका नाम पंडित प्रदीप जी मिश्रा सीहोर वाले है।
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प्रदीप मिश्रा जी के टोटके – जानकारी
पूरा नाम
पंडित प्रदीप मिश्रा
उपनाम
रघु राम
जन्म
1980
जन्म स्थान
सीहोर, मध्य प्रदेश, भारत
आयु/उम्र
42 वर्ष
पेशा
अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक
के लिएप्रसिद्ध
भजन
राष्ट्रीयता
भारतीय
पिता कानाम
श्री रामेश्वर दयाल मिश्रा
भाई-बहन
2 भाई {दीपक जी मिश्रा एवं विनय जी मिश्रा}
प्रदीप मिश्रा जी के टोटके और उपाय
प्रदीप मिश्रा जी के शिव पुराण के टोटके बच्चे को डरने से रोकने के लिए
मिश्रा जी अपनी कथा में कहते हैं कि अगर आपका बच्चा बहुत डरता है तो आप इस प्रयोग को करके इस समस्या का निराकरण कर सकते हैं इसके लिए आपको सोमवार के दिन बेलपत्र का कांटा मावे में डालकर थोड़ी सी शक्कर डालकर उसका एक लड्डू बनाना है और उसके बाद उस बच्चे पर 12 बार उतारकर किसी कुए के अंदर डाल देना हैं इससे उस बच्चे की रात को डरने और रोने जैसी समस्याएं हल हो जाएगी ।
बेलपत्र का टोटका धन प्राप्त करने के लिए
अगर कोई व्यक्ति धन प्राप्त करना चाहता है तो वह प्रदीप मिश्रा जी के इस शिव पुराण के टोटके को करके इस समस्या का निवारण कर सकता है । मिश्रा जी दावा करते हैं कि इस उपाय को करने से उस व्यक्ति को बहुत बड़ा फायदा होगा इसके लिए आपको सुबह जल्दी नहा कर बड़ी बेलपत्र पर लाल चंदन लगाकर शिवलिंग पर चढ़ाना है।
ऐसा करने से आपके घर में लक्ष्मी का वास होता है। धन की कमी के कारण आप जिस समस्याओं से जूंझ रहे होते हैं उसका निराकरण जल्द ही होता है।
प्रदीप मिश्रा के बेलपत्र के उपाय
सीहोर के पंडित प्रदीप मिश्रा ने बेल पत्र के माध्यम से परीक्षा में पास होने के उपाय बताए हैं मिश्रा जी कहते हैं की परीक्षा में पास होने के लिए एक बेलपत्र पर शहद लगा दीजिए और उस बेलपत्र को बच्चे की हाथ से शिवलिंग पर चिपका दीजिए ऐसा करने से बच्चा परीक्षा में पास होने के साथ अच्छे नंबर भी लाएगा।
प्रदीप मिश्रा जी के कमर दर्द और सिर दर्द के टोटके
आजकल हर व्यक्ति शरीर की किसी ने किसी दर्द को लेकर परेशान है ,वही कमर दर्द और सिर दर्द तो आम बात ही हो गई है। अगर आप भी ऐसी ही कोई समस्या से जुंझ रहे हैं तो प्रदीप मिश्रा जी का यह टोटका आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए आपको कार्तिक महीने के सोमवार को वट के 1 पत्ते पर लाल चंदन से 5 बार ओम लिखकर नदी के अंदर प्रवाहित करना है।
यह करने से न केवल आपका कमर दर्द और सिर दर्द से छुटकारा मिलेगा बल्कि आप खुद को पूर्ण रूप से स्वस्थ भी महसूस करेंगे।
जो आपसे जलते हैं उनकी जलन को दूर करने के लिए टोटके
प्रदीप मिश्रा जी के शिव पुराण के इस टोटके से अगर आपसे कोई जलन रखते है। उस जलन को दूर कर सकते है । इसके लिए आपको महिने की एक दशमी के दिन धतूरे का एक फूल और बेलपत्र को इस तरह से शिवलिंग चढ़ाना होगा कि वह गिरे नहीं । बस ऐसा करने से आपसे जो जलते हैं वे जलना बंद हो जाएंगे ।
प्रदीप मिश्रा के धन संबंधी समस्या के लिए बेलपत्र टोटके
अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो आपको प्रदीप मिश्रा का यह टोटका इस समस्या का निराकरण करेगा। इसके लिए आपको मंगलवार के दिन शिवलिंग पके चावल से ढकना है और उसके बाद उस पर साथ बिल पत्र चढ़ा देना है ऐसा करने से आपकी धन संबंधी सारी समस्याएं दूर होगी और इसके साथ ही आपने जो भी कर्ज लिया है उससे भी मुक्ति मिल जाएगी।
बच्चा अगर बार बार बीमार पड़ता है तो पंडित प्रदीप मिश्रा के टोटके
अगर आपके घर में कोई भी छोटा बच्चा बार-बार बीमार पड़ता है तो इसके लिए भी प्रदीप मिश्रा जी ने शिवपुराण का एक टोटका बताया है जिसके बारे में आपको जरूर जान लेना चाहिए। इसके लिए आपको एक आटे का दीपक तैयार करना है उसके अंदर तिल का तेल और चार बत्ती डालकर उसे जला लेना है उसके बाद बच्चे के सिर पर 21 बार उतार कर अवधूतेश्वर महादेव का आह्वान करना है।
अब इसको किसी चौराहे पर आपको तब जलाना है जब आसपास कोई नहीं देख रहा हो। वैसे आपका बच्चा पूर्ण रूप से स्वस्थ होगा और वह बार-बार बीमार नहीं होगा।
बीमारियों के लिए बेलपत्र उपाय
अगर आप किसी गंभीर रोग से पीड़ित हैं तो प्रदीप मिश्रा जी का यह टोटका आपके लिए बेहद लाभकारी हैं। इसके लिए आपको बेलपत्र के पेड़ के नीचे का एक पत्ता उठाकर उस के सामने शिव और शक्ति का नाम लेकर यानी भगवान शंकर पार्वती का नाम लेकर दो बाती का दीपक जलाएं और शिव शक्ति से प्रार्थना करें कि शरीर से जुड़ी इस बीमारी को स्वस्थ करें और इस बेलपत्र को उठाकर उसी स्थान पर चबा लें और बिल पत्र खाने से पूर्व शिव शक्ति से यह आग्रह करें कि इस बेलपत्र को औषधि बनाएं, ऐसा करने से आप जिस भी गंभीर रोग से ग्रसित हैं उसका निराकरण हो जाएगा और आप बिल्कुल स्वस्थ हो जाएंगे।
सोमवार की अष्टमी को किए जाने वाले उपाय में लगने वाली सामग्री –
31 मूंग के दाने
31 चावल के दाने
31 बेलपत्र
निम्न सामग्री लेकर आपको सोमवार की अष्टमी को शिवालय जाना है,
31 चावल के दाने अपनी कामना करके शिवालय की चौखट पर कहीं पर भी रख दे,
31 मूंग के दाने मंदिर में नंदी जी का जो पाव ऊंचा रहता है वहां पर चढ़ाना है
31 बेलपत्र यह अशोक सुंदरी वाली जगह पर, पीला चंदन लाल चंदन लगाकर, अपनी कामना करते हुए समर्पित करते जाओ (बेलपत्र की डंडी जहां पानी बहता है उस और होना चाहिए)
पंडित प्रदीप जी मिश्रा कहते हैं कि एक सोमवार करके देखो जब तक अगले सोमवार की अष्टमी आएगी आपकी समस्या का समाधान हो चुका होगा कोई भी उपाय तभी काम करता है जब उसको सच्चे मन और श्रद्धा के साथ करते हैं
अगर आपकी भोलेनाथ के प्रति आस्था है तो आपके लिए यह उपाय अवश्य काम करेगा, पंडित प्रदीप जी मिश्रा कहते हैं शिव तत्व में जो सुख है वह सुख कहीं भी नहीं है,
"जितने भी सामग्री जब आप अर्पित करेंगे तो और भी चलते समय आपको सच्चे मन से और अपनी कामना करते हुए इच्छा करते हुए आराम से धीरे-धीरे अर्पित करते जाना है"
दुख समाप्ति उपाय पंडित प्रदीप जी मिश्रा
यह उपाय बहुत कारगर है और यह पंडित प्रदीप जी मिश्रा ने अपनी एक शिव पुराण कथा में कहा है
पंडित प्रदीप जी मिश्रा कहते हैं की नंदीश्वर शिव महापुराण की कथा में यह उपाय लिखा गया है, की प्रदोष काल में अर्थात प्रदोष के दिन आपको दो जगह दीप लगाना शुरू कर देना है अब वह दो जगह कौन-कौन सी है आपको नीचे रिश्ते में बता दिया गया है,
पहला बेलपत्र के वृक्ष के नीचे,
दूसरा दिया अपने घर के चौखट के बाहर की ओर लगाना है,
दीप लगाकर प्रभु से ऐसी विनती करना है कि है शिव शंकर आप प्रदोष काल के दिन नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे श्री नंदीश्वर के साथ में ऐसी कृपा करना कि आपकी तरफ से मेरी चौखट पर भी पड़ जाए मैंने आपके लिए द्वार सजाया है, ऐसी कृपा करना,
ध्यान रखने योग्य बातें
जब भी आप अपनी चौखट में दीप लगाएं तो वह हमेशा चौखट के सीधे हाथ की और लगाएं,
नौकरी जल्दी लगने का उपाय
पंडित प्रदीप जी मिश्रा की कथा में बताया गए इस उपाय में जो भी सामग्री लगने वाली है वह आपको नीचे बता दी गई है कृपया यह सामग्री लेकर आप अपने उपाय को पूरा कर सकते हैं,
उपाय में लगने वाली सामग्री-
कच्चा दूध थोड़ा सा
एक लोटा
थोड़ी सी काली मिर्च पिसी हुई
यह सामग्री लेकर आप बेलपत्र के पेड़ के नीचे चले जाइए और अपना नाम और गोत्र बोलकर अर्पित कर दीजिए तथा उसमें से कुछ दूध शंकर जी पर भी अर्पित कर दीजिए,
शिवलिंग पर दूध चढ़ाते समय आपको अपनी मनोकामना कहना है अब जो भी मांगना चाहते हैं वह आपको कहना है,
पंडित प्रदीप जी मिश्रा कहते हैं कि इस उपाय को बहुत लोगों ने अपनाया है और यह शिव पुराण में लिखा गया है अगर आप इस उपाय का निरंतर उपयोग करेंगे तो आपको उसके बहुत अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं,
साथी मिश्रा जी यह भी कहते हैं अगर आपकी भगवान शिव के प्रति सच्ची श्रद्धा और भक्ति नहीं तो आपको इसके परिणाम बहुत ही जल्दी देखने को मिल सकते हैं,
कोई भी उपाय तभी काम करता है जब आप जिस भी ईश्वर को मानते हैं उसके प्रति अगर आपकी आस्था सच्ची है आप दिल से चाहते हैं तो आपकी मनोकामना बहुत जल्दी पूरी हो जाती है,
सोमवार के उपाय प्रदीप मिश्रा | Somvaar Upay Pradeep Misra
March 30, 2023 by BholenathBhakti
नमस्कार दोस्तों आप सभी लोग जानते हैं कि भगवान शिव जी को सोमवार का दिन बहुत ही प्रिय होता है और सोमवार के दिन किया गया कोई भी उपाय का फल आपको बहुत बड़ा और जल्दी मिलता है तो आज हम आपको पंडित प्रदीप मिश्रा जी द्वारा बताए गए सोमवार के कुछ नए और विशेष उपाय बताने वाले हैं इन उपायों को खराब करते हैं तो निश्चित ही आपको बहुत कुछ फल की प्राप्ति हो सकती हैं।
Table of Contents
पहला उपाय
दूसरा उपाय
तीसरा उपाय
पहला उपाय
यह उपाय आपको यश दिलाएगा। कहने का मतलब है कि आपके जीवन में यह उपाय आपको उन्नति की ओर बढ़ा देगी।
इस उपाय में आपको एक लोटा जल सोमवार के दिन भगवान शिव जी पर चढ़ाने के लिए लेकर जाना है।शिवजी पर वह एक लोटा जल चढ़ाना है उस जल को शिवजी के ऊपर चढ़ाने के बाद जो जल जलाधारी से नीचे गिर रहा हो उसको थोड़ा सा अपने उसी लोटे के अंदर आपको झेल लेना है।
उस जल को झेलने के बाद उस जल के अंदर आपको अपने सीधे हाथ की हथेली की तीन उंगलियां डालनी है मतलब उज्जैन से स्पर्श करानी है स्पर्श कराने के बाद उस शिव मंदिर में जहां पर भी त्रिशूल लगा हुआ हो उस त्रिशूल से इन्हीं तीनों उंगलियों को जल में स्पर्श करके उस त्रिशूल से आपको लगाना है त्रिशूल से इन तीनों उंगलियों को लगाने के बाद वापस से इन तीनों उंगलियों को आपको उसी अपने जल पात्र के अंदर उसी जल में स्पर्श करा लेना है।
यहां पर यह उपाय पूरा हो जाता है इस उपाय को करने के लिए आप इस मंदिर में यह उपाय कर रहे हैं उस मंदिर में त्रिशूल होना जरूरी है।
दूसरा उपाय
इस उपाय को करने से आपके घर में माता लक्ष्मी की कृपा होगी मतलब आपके घर में जो धन की समस्या चलती है वह दूर हो जाएगी।
इस उपाय को करने के लिए आपको एक गोल बाती का घी का दीपक तैयार करना होगा। इस उपाय में जो घी आप उपयोग करेंगे वह शुद्ध देसी गाय का घी होना चाहिए। इस घी के दीपक को आपको आटे का बनाना है उसमें गोल बाती रखकर शुद्ध देसी गाय का घी डालकर इसे आपको किसी भी बड़े वाले बेलपत्र के वृक्ष के नीचे सोमवार के दिन शाम के समय प्रदोष काल में जाकर जला कर आना है। इस उपाय को करने से आपके घर में माता लक्ष्मी की कृपा हो जाएगी।
तीसरा उपाय
यह उपाय भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने का उपाय है इस उपाय को करने से भगवान भोलेनाथ आपको बिना मांगे सब कुछ प्रदान कर देंगे।
यह उपाय चावल और बेलपत्री का है सबसे पहले आपको चावल वाला उपाय बताते हैं।
इस उपाय में आपको 108 चावल के दाने लेना है और इन 108 चावल के दानों को 1-1 करके भगवान शिव जी पर चढ़ाकर श्री शिवाय नमस्तुभयम बोलकर भगवान शिव जी पर चढा दीजिए। इस उपाय को करने से भगवान प्रसन्न होंगे और आपकी सारी मनोकामना पूर्ण करेंगे।
बेलपत्री वाले उपाय में आपको कम से कम 11 बेल पत्री लेनी होंगी इसके अलावा आप इस उपाय को करने के लिए 21,51,108 या इससे भी ज्यादा बेलपत्री को ले सकते हैं। इस उपाय में आपको करना यह है कि जितनी भी आप बेल पत्री ले रहे हैं उनमें से जो आखरी वाली बेलपत्र होगी उस पर आपको पीला चंदन या एक चावल का दाना रखकर अपनी मनोकामना को बोलते हुए भगवान शिव जी पर समर्पित करना है।
उदाहरण के लिए 11 बेलपत्र अगर आप लोग ले रहे हैं तो 10 बेलपत्र आप एक-एक करके भगवान शिव जी पर समर्पित कर दीजिए पर जो 11वीं बेलपत्र होगी उस पर आपको चंदन या एक चावल का दाना रखकर समर्पित करना है और आप भगवान से अपनी मन की बात बोल सकते हैं या कुछ नहीं भी बोलेंगे तो भी आपको बिना मांगे सब कुछ मिल जाएगा।
यह हमने आपको सोमवार के 3 ऐसे उपाय बताए हैं जो कि आपके जीवन में आपकी जिंदगी को बदल देंगे। कोई भी आपको समस्या आती है आप हमसे कमेंट करके पूछ सकते हैं।
धन्यवाद
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सरकारी नौकरी का उपाय प्रदीप मिश्रा।। Pradeep Misra Government Job Upay
May 24, 2023 by BholenathBhakti
नमस्कार दोस्तों, आप सभी लोग जानते हैं कि आजकल सभी लोग अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं एक अच्छी नौकरी पाना चाहते हैं। कोई सरकारी नौकरी पाना चाहता हैं तो कोई अपने मनपसंद की प्राइवेट नौकरी किसी बड़ी कंपनी में पाना चाहता है पर सबको अपने मनपसंद की नौकरी नहीं मिलती हैं। इसीलिए आज हम आपको आपके मनपसंद की नौकरी पाने वाला एक ऐसा कुछ उपाय बताने जा रहे हैं जो कि पंडित प्रदीप मिश्रा जी शिव महापुराण कथा में बताया है जिसके बाद आपकी नौकरी 3 महीने के अंदर लग जाएगी।
यह उपाय सिर्फ आपको जब करना है जब आपकी नौकरी नहीं लग रही हो और आप बहुत ज्यादा परेशान हो चुके हैं।
Table of Contents
नौकरी लगने वाले उपाय की सामग्री
इस उपाय को कब करना हैं
नौकरी लगने वाले उपाय की विधि
इस उपाय को परीक्षा के लिए कर सकते हैं
नौकरी लगने वाले उपाय के नियम
शीर्षक
नौकरी लगने वाले उपाय की सामग्री
यह उपाय बहुत ही साधारण है और इसमें आपको मात्र दो चीजों की आवश्यकता होगी।
एक दूर्वा
एक लोटा जल
सबसे पहली जो चीज की आवश्यकता होगी वह हैं दूर्वा जो भगवान गणेश जी को समर्पित होती हैं। मात्र एक दूर्वा आपको लेकर आना हैं, एक से ज्यादा भी आप ला सकते हैं कोई दिक्कत नहीं हैं। इसके साथ में एक लोटा जल भी आपको लेकर जाना हैं।
इस उपाय को कब करना हैं
इस उपाय को आप किसी भी दिन सुबह के समय कर सकते हैं।
नौकरी लगने वाले उपाय की विधि
जिस दिन आप यह उपाय कर रहे हो उस दिन एक दूर्वा और एक लोटा जल लेकर आपको शिवजी के मंदिर जाना हैं और शिव जी की शिवलिंग के पास जाकर बैठ जाना हैं।
अब सबसे पहले आपको शिव जी की शिवलिंग के ऊपर वह दूर्वा समर्पित करनी है जो आप अपने साथ लेकर आए हैं। इस दूर्वा को आपको कुछ इस प्रकार से शिवलिंग के ऊपर समर्पित करना है जिससे कि वह दूर्वे कि जो डंडी का मुख होगा वह जलाधारी की तरफ हो जहां से जल नीचे गिरता है और जो दुर्व का खिला हुआ भाग होगा वह अपने आप शिव जी की शिवलिंग के पीछे हो जाएगा।
इस दूर्वा को कुछ इस प्रकार से भगवान शिव जी पर चढ़ाने के बाद आपको इसी दूर्वा के ऊपर शिव जी की शिवलिंग के ऊपर एक लोटा जल समर्पित कर देना हैं जो आप अपने साथ इस उपाय को करने के लिए लाए हैं।
जल को समर्पित करने के बाद भगवान से हाथ जोड़कर आपको प्रार्थना करना हैं आपको जिस भी प्रकार की नौकरी चाहिए। आपको उसकी कामना भगवान शिव से करना हैं। उसके बाद भगवान को दुख देकर आपको अपने घर वापस आ जाना है और जहां पर यह उपाय पूरा हो जाता हैं।
इस उपाय को परीक्षा के लिए कर सकते हैं
इस उपाय को अब तब भी कर सकते हैं जब आप अपनी किसी परीक्षा को दे रहे हो, जिस परीक्षा को देने से आपकी नौकरी लगने वाली हो तब भी आप इस उपाय को कर सकते हैं या आप किसी इंटरव्यू को देने जा रहे हैं तो उस स्थान पर भी आप ही उपाय कर सकते हैं।
नौकरी लगने वाले उपाय के नियम
इस उपाय में आपको कुछ नियमों का पालन करना जरूरी हैं।
यह उपाय नौकरी पाने के लिए, परीक्षा में पास होने के लिए, इंटरव्यू में पास होने के लिए आप कर सकते हैं।
इस उपाय में आप एक से ज्यादा दूर्वा का भी उपयोग कर सकते हैं।
उपाय कोई भी व्यक्ति कर सकता है जिसको नौकरी की आवश्यकता हैं।
उपाय को सुबह के समय पर ही करना हैं।
उपाय को करने के बाद भगवान से प्रार्थना भी करना हैं।
शीर्षक
यह उपाय पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने अपनी शिव महापुराण कथा में बताया था। जब किसी व्यक्ति की नौकरी नहीं लगती है तो उस स्थान पर उसे यह उपाय करना चाहिए। अगर आपको इस उपाय को करने में कोई भी समस्या आती है तो आप उनसे कमेंट करके पूछ सकते हैं।
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108 चावल के दाने का उपाय पंडित प्रदीप मिश्रा जी 108 Chawal Ke Daane Ke Upay
April 30, 2023 by BholenathBhakti
नमस्कार दोस्तों आज हम आप लोगों को 108 चावल के दाने का विशेष उपाय बताने वाले हैं जो कि पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने अपनी शिव महापुराण कथा में कई बार बताया है और इस उपाय का फल बहुत बड़ा आपको होकर मिलता है इसलिए यह उपाय बहुत ही विशेष है।
108 चावल के दाने शिवजी पर कैसे चढ़ाने चाहिए यह बात भी हम आपको बताएंगे।
यह उपाय बहुत ही साधारण है और इस उपाय को आप किसी भी दिन कर सकते हैं और अगर किसी विशेष दिन पर इस उपाय को करेंगे तो इससे आपको और ज्यादा विशेष फल की प्राप्ति होगी।
जैसा कि हमने आपको बताया इस उपाय को आप किसी भी दिन कर सकते हैं और प्रातः काल सुबह सुबह भी कर सकते हैं और शाम के समय प्रदोष काल में भी कर सकते हैं।
इस उपाय में आपको चावल के दानों की आवश्यकता होगी जो कि आपको आपके घर में आसानी से मिल जाएंगे आपको मात्र अपने घर की रसोई घर में से 108 चावल के दाने गिन कर एक साथ रख लेना है और जब भी आप जिस भी दिन आप इस उपाय को करने के लिए भगवान शिव जी के मंदिर जा रहे हो उस समय आपको इन 108 चावल के दानों को भगवान शिव जी के मंदिर लेकर जाना है।
प्रातः काल सुबह-सुबह जा रहे हैं तो एक लोटा जल अपने साथ लेकर जरूर जाए और जो भी पूजन सामग्री है वह आप लेकर जा सकते हैं। शाम के समय जा रहे हैं तो एक दीपक बाती भी लेकर जाएं उसके बाद ही आप इस उपाय को करें।
इस उपाय को करने के लिए आप शिवजी के मंदिर में पहुंच जाएं और शिव जी के मंदिर में पहुंचने के बाद आप अपनी पूजन अर्चना कर ले उसके बाद आप शिव जी के पास में एकांत में बैठ जाएं बैठने के बाद आपको 108 चावल के दाने अपने सीधे हाथ की हथेली में निकाल लेना है।
उसके बाद इन 108 चावल के दानों को चढ़ाने के दो तरीके हैं सबसे पहला तरीका है कि आप इन 108 चावल के दानों को एक साथ शिवजी पर चढ़ा दें और दूसरा तरीका यह है कि आप इन 108 चावल के दानों को एक-एक करके मंत्र बोलकर शिवजी पर चढ़ा है।
तो आपको क्या करना है कि 108 चावल के दाने एक-एक करके भगवान शिव जी की शिवलिंग के ऊपर चढ़ाते जाना है और जैसे ही आप लोग एक चावल का दाना चढ़ाते हैं तो उस समय आपको श्री शिवाय नमस्तुभ्यं अपने मन में या अपने मुख से जरूर बोलना है इसी प्रकार से 108 चावल के दाने एक-एक करके चढ़ाएं और हर एक दाने चढ़ाने के बाद आप श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप जरूर करें।
अगर आप चाहें 108 चावल के दाने एक साथ भी भगवान शिव जी पर चढ़ा सकते हैं कोई दिक्कत नहीं है पर 108 चावल के दाने एक-एक करके चढ़ाएंगे तो भगवान शिव आप से ज्यादा प्रसन्न होंगे जल्दी प्रसन्न होंगे।
शिवजी पर पूरे 108 चावल के दाने चढ़ाने के बाद आप भगवान शिव जी के सामने बैठकर हाथ जोड़कर अगर आपकी कोई मनोकामना है तो उसे बोल सकते हैं कोई दुख और समस्या चल रही है तो उसे भी बोल सकते हैं या तो भगवान शिव जी का आशीर्वाद लेकर आप अपने घर वापस आ सकते हैं।
इस उपाय को करने के बाद आपके जीवन में कुछ ना कुछ अंतर जरूर आएगा आपने जिस कामना को जिस दुख और समस्याओं को सोचकर इस उपाय को किया होगा आपकी वह समस्या जरूर बहुत ही जल्दी दूर हो जाएगी।
अब कई सारे लोग सोच रहे होंगे कि क्या इस उपाय को हम अपने घर के शिवलिंग पर कर सकते हैं तो देखिए अगर आप लोगों को उपाय का पूरा फल चाहिए तो आप इस उपाय को मंदिर में जाकर ही करिए।
कोई अधोगति में मर गया हो तो उसके लिए यह उपाय जरूर करें?
नमस्कार दोस्तों अगर आप लोगों के घर में भी कभी कोई ऐसा व्यक्ति खत्म हो गया हो जिसकी आयु पूरी ना हुई हो या किसी और कारण से वह अपनी मृत्यु से पहले ही चला गया हो मतलब पानी में डूबकर या एक्सीडेंट में चला गया हो तो उस स्थान पर वह अधोगति में चला गया है तो कहीं ना कहीं वह व्यक्ति बैकुंठ नहीं जा पाता और उसकी वजह से आपके घर परिवार में कहीं ना कहीं दुख और समस्याएं चलती रहती हैं तो उस स्थान पर मात्र आपको यह उपाय करना चाहिए जिससे कि वह अधोगति में गया हुआ मनुष्य को वैकुंठ मिल जाता है साथ ही में आपके जीवन में घर परिवार में आने वाली समस्याओं से भी आपको छुटकारा मिलता है।
यह उपाय पंडित जी ने अपनी चौथे दिन की भिलाई छत्तीसगढ़ की एकांत ईश्वर महादेव शिव महापुराण कथा में बताया हैं।
इस उपाय को आपको तब भी करना चाहिए जब आपको अपने सपने में कुछ गलत दिखाई देता हो या सपने गलत तरीके के आ रहे हो।
यह उपाय बहुत ही साधारण है और इस उपाय को कोई भी कर सकता है।
यह उपाय महीने में सिर्फ एक बार करना है जब अमावस्या का दिन हो इस बात का विशेष रूप से आपको ध्यान रखना है।
इस उपाय में आपको मात्र पीले चंदन की आवश्यकता होगी और इस पीले चंदन को आपको भगवान शिव जी के मंदिर में जाकर 7 स्थानों पर जाकर लगाना है।
अमावस्या के दिन प्रातः काल सुबह सुबह आप पीला चंदन लेकर भगवान शिव जी के मंदिर पहुंच जाएं और अब इस पीले चंदन को आपको इस क्रम से 7 स्थानों पर इस पीले चंदन का भाग लगाते जाना है।
भाग कहने का मतलब है कि उस स्थान पर या तो आप पीले चंदन का टीका लगाया पीले चंदन से लेपन करें या पीले चंदन का हल्का सा भाग उस स्थान पर लगाएं जो 7 स्थान हम आपको बताने जा रहे हैं।
सबसे पहले आपको शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग के ऊपर इस चंदन से लेपन करना है।
दूसरे नंबर पर आपको यह पीला चंदन शिवजी के ऊपर जो गणेश जी का स्थान होता है जो कि जलाधारी के सीधे भाग में होता है उस जगह पर लगाना है।
तीसरे नंबर पर आपको यह पीला चंदन कार्तिकेय जी के स्थान पर लगाना है जो कि जलाधारी के उल्टे भाग की तरफ रहता है।
चौथे नंबर पर आपको यह पीला चंदन जलाधारी के बीचो-बीच जो माता अशोक सुंदरी का स्थान होता है वहां पर लगाना है।
पांचवे नंबर पर आपको यह पीला चंदन शिव जी की शिवलिंग के ऊपर जो एक पात्र लगा हुआ होता है जिससे बूंद बूंद करके शिवजी पर जल गिरता है जिसमें शिवजी की 5 बेटियों का स्थान होता है। उस पात्र के ऊपर आपको पीला चंदन लगाना है।
छठवें नंबर पर आपको यह पीला चंदन शिवलिंग के पीछे हल्का सा जलाधारी का भाग होता है वहां पर लगाना है। आपने देखा होगा शिवजी के आगे एक जलाधारी होती है और शिवजी के पीछे हल्की सी जगह होती है जलाधारी की तो आपको शिवजी के पीछे वाली जलाधारी जो होगी वहां पर पीला चंदन लगाना है।
सातवें और आखिरी नंबर पर आपको यह पीला चंदन नंदी बाबा के पास में आकर नंदी बाबा के दोनों सिंहो में लगाना है।
इन 7 जगहों पर यह पीला चंदन लगाने के बाद आपको भगवान शिव जी से प्रार्थना करना है आशीर्वाद प्राप्त करना है और यहां पर यह उपाय पूरा हो जाता हैं।
यह उपाय सिर्फ अमावस्या के दिन आपको करना है और आप चंदन का टीका भी इन 7 जगहों पर लगा सकते हैं या आप इस चंदन का कोई भी भाग सात जगहों पर लगा सकते हैं।
10 जुलाई सोमवार की अष्टमी के यह उपाय जिंदगी बदल देंगे
नमस्कार दोस्तों आप सभी लोग जानते होंगे कि 2023 में जुलाई के महीने में सोमवार की अष्टमी आ गई हैं जो कि 10 जुलाई 2023 सोमवार के दिन हैं।
सोमवार की अष्टमी इसीलिए इतनी ज्यादा खास होती है क्योंकि यह साल में बहुत ही कम आती है और इस बार फरवरी के महीने में ही दूसरी बार सोमवार की अष्टमी आ आ रही है जिसका फायदा सभी शिवभक्त जरूर उठाएंगे।
सोमवार के दिन आने वाली अष्टमी को हम सोमवार की अष्टमी कहते हैं जिस दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का मिलन हुआ था और यह दिन भगवान भोलेनाथ को इतना प्रिय है कि इस दिन अगर छोटी सी भक्ति अगर आप लोग भगवान की कर लेते हैं तो भगवान आपसे बहुत प्रसन्न हो जाते हैं।
आज इस जानकारी में हम आपको सोमवार की अष्टमी की कुछ ऐसे विशेष उपाय बताने वाले हैं जिन उपायों को आप अपनी इच्छा अनुसार करके उन उपायों से फल की प्राप्ति कर सकते हैं पर जब भी आप कोई भी उपाय करें तो उस उपाय करते समय मन में विश्वास और पूरी भक्ति जरूर होनी चाहिए तभी उपाय काम करेगा।
पहला उपाय
इस उपाय को करने से आपकी जो भी मनोकामना होगी वह पूर्ण हो जाएगी इस उपाय में आपको जो सामग्री लेनी है वह हम आपको बताते हैं साथ ही में इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना है कि जो भी हम आपको पाए बताएंगे यह सारे सोमवार की अष्टमी को ही आपको करना है।
इस उपाय को करने के लिए आपको तीन चीजों की आवश्यकता होगी। सबसे पहली चीज है 31 चावल के दाने, दूसरी चीज है 31 हरी मूंग के दाने, तीसरी चीज है 31 बेलपत्र इस उपाय को करने के लिए यह तीनों चीजें आपके पास होना आवश्यक है।
सोमवार की अष्टमी के दिन प्रातः का सुबह-सुबह स्वच्छ होकर स्नान करके शिवजी के मंदिर पहुंच जाइए और यह उपाय शिवजी की चौखट से ही शुरू हो जाएगा सबसे पहले जैसे ही शिवजी के मंदिर की चौखट तक आप पहुंच जाते हैं तो अपने 31 चावल के दाने अपनी सीधे हाथ की हथेली में रखिए और अपनी मनोकामना को मन ही मन बोलते हुए भगवान शिव जी की चौखट पर सीधे हाथ की तरफ अब वह चावल के दाने मनोकामना को करते हुए समर्पित कर दे।
उसके बाद आप मंदिर की अंदर प्रवेश कीजिए और शिवजी के सामने जो नंदी बाबा बैठे हुए होते हैं उनके पास आकर बैठ जाइए अब आप अपने 31 हरे मूंग के दने निकालिए यह जो दाने आप लोग लेंगे यह पूरे पूरे होना चाहिए। इन 31 हरे मूंग के दानों को भगवान नंदी बाबा का एक उठा हुए चरण होता है उसके पास आपको अपनी मनोकामना को करते हुए समर्पित कर देना है।
अब आपको शिव जी की शिवलिंग के पास में आना है अब जो आप 31 बेलपत्र लेकर आए हैं इनको निकाल लीजिए और 31 बेलपत्र की बीच वाली बड़ी पत्ती पर पीले चंदन का एक-एक टीका लगा लीजिए। अब एक-एक बेलपत्र को भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग के ऊपर जो अशोक सुंदरी का स्थान होता है जो कि जलाधारी के बिल्कुल बीचो-बीच होता है उस स्थान पर आपको यह 31 बेलपत्र एक-एक करके भगवान के नाम जाप करते हुए चढ़ा देनी है और जब आपकी सबसे आखिरी वाली बेल पता चला रहे हो तो उस समय आप भगवान से अपनी मनोकामना भी जरूर बोल दीजिए।
जहां पर यह उपाय पूरा हो जाता है इस उपयोग करने से आपकी कोई भी मनोकामना पूर्ण बहुत जल्द हो जाती है।
दूसरा उपाय
इस उपाय को करने से भगवान भोलेनाथ आप से प्रसन्न होंगे और आपको धन, वैभव, ऐश्वर्य का आशीर्वाद भी देंगे।
यह उपाय बहुत ही आसान है और इस उपाय में आपको सोमवार की अष्टमी के दिन शाम के समय एक गोल बाती का घी का दीपक तैयार करना है। उसके बाद में आपको इस दीपक को किसी भी बेलपत्र के वृक्ष के नीचे जाकर जरूर लगाना है।
तीसरा उपाय
इस उपाय को करने से भगवान भोलेनाथ आपसे प्रसन्न होंगे।
इस उपाय में आपको सोमवार की अष्टमी के दिन पांच बेलपत्र अपने साथ रखना है और शिव जी के मंदिर पहुंच जाना है 5 बेलपत्री को एक-एक करके भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग पर आपको समर्पित करना है और भगवान से आशीर्वाद प्राप्त करना है।
चौथा उपाय
इस उपाय को करने से अगर आपके घर में कोई ज़िद्दी बच्चा है तो वह बच्चा इस उपाय को करने के बाद कभी भी ज़िद नहीं करेगा।
इस उपाय में आपको सोमवार की अष्टमी के दिन एक छोटी सी कटोरी में शक्कर भर लेना है और अपने बच्चे को साथ लेकर शिवजी के मंदिर जाना है शिवजी के मंदिर जाकर अपने बच्चे के हाथ में यह शक्कर की कटोरी देखकर उसे शिव जी की शिवलिंग के ऊपर समर्पित करवा देना है अपने बच्चे के हाथों से और अवधूतेश्वर महादेव के नाम का जाप भी उस समय जरूर करना है।
यह उपाय सर सोमवार की अष्टमी का है आपको फल जरुर मिलेगा।
पांचवा उपाय
इस उपाय को करने से अगर आपके घर में कोई ऐसा बच्चा है जिसकी उम्र 8 साल से कम है और वह बच्चा लगातार बीमार पड़ता रहता है दवाइयां उसको लगती रहती है तो उस स्थान पर आपको सोमवार की अष्टमी का यह उपाय करना चाहिए जिससे कि वह बच्चा सिर्फ कभी भी बीमार नहीं पड़ेगा।
इस उपाय में आपको सबसे पहले एक आटे का दीपक बनाना है उस आटे के दीपक के अंदर आपको चार बाती रखना है उसके बाद में आपको उस दीपक के अंदर तिल का तेल डालना है और इस दीपक को बिना जलाए हुए ही अपने बच्चे के ऊपर से 21 बार घुमा लेना है और इस दीपक को सोमवार की अष्टमी के दिन किसी भी चौराहे पर जाकर जलाकर आ जाना है।
इस उपाय को करने के बाद आपका बच्चा फिर कभी भी बीमार नहीं पड़ेगा पर यह उपाय सिर्फ 8 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए और सोमवार की अष्टमी के दिन करने का ही है।
छठवां उपाय
इस उपाय को करने से आप जिस भी काम को करेंगे आप उसमें सफल जरूर होंगे।
इस उपाय में आपको सात बेलपत्री लेनी है, केसर को घिसकर चंदन बनाना है और एक लोटा जल भरकर सोमवार कि अष्टमी के दिन शिवजी के मंदिर पहुंच जाना है।
सबसे पहले अपनी सातो बेलपत्र की बीच वाली बड़ी पत्ती पर उस घिसे हुए केसर के चंदन से ओम लिखना है और साइड वाली पहली बार पत्ती पर आपको मां जगदंबा के नाम से एक बिंदी लगाना है और दूसरी पत्ती पर आपको गणेश जी रिद्धि सिद्धि के नाम की बिंदी लगाना है।
अब सबसे पहले आपको शिवजी पर जल चढ़ा देना है जल चढ़ाने के बाद आपको यह साथ बेलपत्र एक-एक करके शिव जी की शिवलिंग पर जो अशोक सुंदरी का स्थान होता है जोकि जलाधारी के बिल्कुल बीचो-बीच होता है उस स्थान पर एक-एक बेल पत्री को भगवान भोलेनाथ के नाम का स्मरण करते हुए चढ़ाते जाना है।
जैसे ही आप सातों बेलपत्र चढ़ाते उसके कुछ समय बाद ही आप उसमें से एक बेलपत्र भगवान भोलेनाथ से आशीर्वाद के रूप में अपने घर लेकर आए हैं और उस बेलपत्र को अपने साथ रखें आप जिस काम को करने के लिए शुरुआत कर रहे हो उस काम में आप पर बेलपत्र अपने साथ रखे आप हर काम में सफल होते जाएंगे।
सातवां उपाय
इस उपाय को करने से आपकी कोई भी मनोकामना होगी तो वह पूरी हो जाएगी।
इस उपाय में आपको एक बेलपत्री लेनी है और थोड़ा सा शहद लेकर भगवान भोलेनाथ के मंदिर सोमवार की अष्टमी के दिन चले जाना है।
शिवजी के मंदिर पहुंचकर आप अपनी पूजन अर्चना करने के बाद भगवान भोलेनाथ के पास आकर बैठे और उस बेलपत्र की बीच वाली बड़ी पत्ती पर आप थोड़ा सा शहर लगा कर पूरे में लगा दे और उसके बाद इस बेल पत्री को भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग पर अपनी मनोकामना को करते हुए चिपका देंगे समर्पित कर दें।
इस उपाय को करने से आपकी मनोकामना बहुत जल्द पूर्ण हो जाएगी।
आठवां उपाय
इस उपाय को करने से भगवान भोलेनाथ आपको बिना मांगी सब कुछ दे देंगे जिसकी आपने कभी कल्पना भी नहीं करी होगी।
इस उपाय में आपको सोमवार की अष्टमी के दिन भगवान भोलेनाथ के मंदिर जाना है और भगवान भोलेनाथ के मंदिर की आपको साफ सफाई करना है।
सबसे पहले आपको भोलेनाथ की शिवलिंग के ऊपर का जो भी निर्णय होगा वह पूरा उठाकर साफ करना है भगवान भोलेनाथ के मंदिर के प्रांगण की साफ सफाई करना है पोछा लगाना है और साफ सुथरा कर देना है।
इस काम को करने से भगवान भोलेनाथ आप से इतना प्रसन्न होंगे कि वह आपको बिना मांगे इतना कुछ देंगे जिसने कि आपने कल्पना भी नहीं करी होगी।
हमने आपको जितने भी उपाय बताए हैं यह सारे आपको सिर्फ सोमवार की अष्टमी के दिन ही करना है और तभी यह सारे उपाय काम करेंगे इन सभी उपाय को करने में आपको कोई भी समस्या आती है तो उसे आप हमसे कमेंट करके पूछ सकते हैं आपको जवाब मिल जाएगा।
रजस्वला धर्म से जुड़ी हुई कोई समस्या हो करें यह उपाय।
दोस्तों श्री पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने अपनी सीहोर की नारद शिवमहापुराण कथा जो कि कुबरेश्वर धाम सीहोर में चल रही है। उस कथा में श्री पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने एक बहुत ही बड़ा उपाय बताया है जिस उपाय का बहुत ही बेसब्री से कई सारी माताएं बहने इंतजार कर रही होंगी।
यह उपाय रजस्वला धर्म से जुड़ा हुआ है जिस माता बहन को रजस्वला धर्म मतलब महीने की दिक्कत में किसी भी प्रकार की कोई समस्या आती है तो उसके लिए आप इस उपाय को कर सकते हैं।
रजस्वला धर्म से जुड़ी हुई आपकी किसी भी प्रकार की समस्या हो जैसे कि उधर से जुड़ी हुई या कोई गठान बन गई है या डॉक्टर ने बोल दिया है कि ऑपरेशन करना पड़ेगा तो उससे पहले आप यह उपाय जरूर करके देखें आपको रजस्वला धर्म से जुड़ी समस्या में निश्चित ही सुधार देखने को मिलेगा।
इस उपाय को आपको उस समय करना है जब आपको रजस्वला धर्म आ रहा हो और इस उपाय को आप को खुद नहीं करना है अपने घर के किसी और व्यक्ति से करवाना है जो कि शुद्ध हो।
आपको अपने घर के किसी भी व्यक्ति को किसी भी दिन जिस समय आपको समस्या हो रही हो उस दिन प्रातः काल सुबह सुबह एक बेल पत्री लेकर और एक लोटा जल लेकर किसी भी बड़े बेलपत्री के पेड़ के नीचे जाकर बैठ जाना है।
बेलपत्र का वृक्ष बड़ा होना चाहिए जिसकी छाया में आप लोग बैठ सके तो आपको करना क्या है उसी बड़े बेलपत्र के वृक्ष के नीचे जाकर बैठना है पर किस जगह पर बैठना है वह आप सुनिए।
जहां पर उस बड़े बेलपत्री वृक्ष की जड़ होगी उस जड़ के पास जाकर आपको बैठ जाना है।
वहां पर बैठने के बाद जो आप अपने साथ एक बेलपत्री लेकर गए हैं उस बेलपत्री को आपको उसी बड़े बेलपत्री के वृक्ष की जड़ के पास रखना है मतलब जड़ से लगाकर रखना है पर ध्यान दीजिए कि जो बेलपत्र की जो बीच वाली बड़ी पत्ती होगी। बीच वाली बड़ी पत्ती का जो मुख है वह आपको बेलपत्री के जड़ की तरफ करके रखना है।
उसके बाद अब आपको इसी बेल पत्री के ऊपर 7 बार कुंद केश्वर महादेव के नाम से जल चढ़ाना है।
अब आप कहेंगे कि हम तो एक लोटा जल लेकर आए हैं हम 7 बार जल कैसे चढ़ाएंगे तो दोस्तों आपको उस बेलपत्री के ऊपर थोड़ा थोड़ा करके 7 बार जल चढ़ाना है कुंद केश्वर महादेव के नाम का स्मरण करते हुए।
जैसे कि आपने थोड़ा सा जल चढ़ा दिया उसी बेलपत्री के ऊपर फिर थोड़ा रुक गए, फिर दूसरी बार चढ़ा दिया, फिर थोड़ा रुक गए फिर तीसरी बार चढ़ा दिया ऐसे करते-करते आपको पूरे 7 बार उसी बेलपत्र के ऊपर कुंदकेश्वर महादेव के नाम का स्मरण करते हुए जल को चढ़ाना है।
सात बार जल चढ़ाने के बाद कुंदकेश्वर महादेव के नाम का स्मरण करते हुए उस बेलपत्री को वहां से उठाइए और अपने घर वापस ले जाइए।
अपने घर वापस आने के बाद अब इस बेलपत्री को उस महिला यह स्त्री को दीजिए जिसको रजस्वला धर्म से जुड़ी हुई कोई समस्या हो रही हो।
उनसे कहिए कि आप इस बेलपत्री को खा लीजिए जिस समय आपको समस्या हो रही हो आपको इस बेलपत्री को उस समय खा लेना है।
इस बेलपत्री को खाने के बाद निश्चित ही आपकी जिस भी प्रकार के रजस्वला धर्म से जुड़ी हुई समस्या चल रही होगी वह पूरी तरीके से दूर हो जाएगी।
इस उपाय को आपको उस समय करना है जिस समय आपको समस्या हो रही हो और इस उपाय को आपको अपने घर की किसी और सदस्य से करवाना है आपको खुद नहीं करना है।
सोमवती अमावस्या को काली तिल का यह उपाय जरूर करें। पैसा खुद चलकर आएगा।
यह बात आप सभी लोग जानते हैं कि सोमवती अमावस्या का जो दिन होता है वह बहुत ही ज्यादा शुभ होता है बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है और यह दिन बार-बार भी नहीं आता है।
अभी कि जो सोमवती अमावस्या पड़ रही है वह 31 मई 2022 को पड़ रही है यह सोमवती अमावस्या को सोमवती अमावस की इसलिए कहते हैं क्योंकि यह सोमवार को पड़ती है।
सोमवती अमावस्या का व्रत जो महिलाएं करती हैं उनके पतियों के ऊपर कभी भी कोई दुख समस्या नहीं आती है।
इस सोमवती अमावस्या को आप एक ऐसा उपाय कर सकते हैं जिस उपाय को करने से अगर आपने किसी को पैसा उधार दिया होगा और आपका वह पैसा आपको लौटा नहीं रहा है 3% बहाने बनाता जा रहा है पर वह आपका पैसा नहीं लौटा रहा है या आपका कहीं पर बड़ा पैसा फंसा हुआ है आपका वह पैसा आपको मिल नहीं पा रहा है तो उसके लिए सोमवती अमावस्या का आपकी है उपाय कर सकते हैं निश्चित ही आपको जो पैसा फसा हुआ होगा जिसकी जगह पर वह पैसा आपके पास खुद चल कर आएगा।
सोमवती अमावस्या का यह उपाय आपको सोमवती अमावस्या की 1 दिन पहले से रात के समय शुरु करना होगा। सोमवती अमावस्या की 1 दिन पहले वाली रात्रि को आपको थोड़ी सी काली तिल लेना है उसका लिटिल को आपको किसी भी एक पात्र में पानी डालकर गलाकर रख देना है।
उस काली तिल को आपको पूरी रात गला कर रख देना है सुबह सोमवती अमावस्या के दिन आपको उस काली दिल को उस जल के पात्र में से निकालना है और उसका लिटिल को आपको किसी भी चीज से पीस लेना है बस याद रखिए कि जो मिक्सर होता है उससे आपको इस कार्यक्रम को नहीं भेजता है अपने हाथों से परिश्रम करके किसी भी चीज से उसे पीसना है।
इस काली तिल को पीसने के बाद अब आपको इस काली तिल को किसी भी एक कटोरी में रख लेना है कटोरी में रखने के बाद आपको पीला चंदन निकालना है। अपने हिसाब से अनुमान लगाकर पीला चंदन उस काली तिल के अंदर आपको डालना है और मिला देना है।
अब आपको सोमवती अमावस्या के दिन सुबह ही इस कटोरी मेंपिसी हुई काली तिल और पीला चंदन मिलाकर तैयार कर लें उसके बाद साथ बेलपत्र अपने साथ रखने साथ नहीं तो 5 बेलपत्र भी आप अपने साथ रख सकते हैं उसके बाद एक लोटा लीजिए उस लोटे के अंदर आपको पानी और जल का मिश्रण डालना है मतलब पानी भी उसी जल पात्र के अंदर होना चाहिए और दूध भी उसी पात्र में होना चाहिए तो पानी और दूध को मिलाकर आपको उस लोटे के अंदर भर लेना है।
पिसी हुई काली तिल और पीले चंदन की कटोरी पांच या सात बेलपत्र और एक लोटा दूध और जल का मिश्रण को लेकर आपको सोमवती अमावस्या के दिन सुबह सुबह शिव जी के मंदिर जाना है।
शिवजी के मंदिर जाने के बाद शिवलिंग के सामने जाइए वहां पर बैठी है और जो आप अपने साथ एक कटोरी ले कर गए हैं जिसमें आपने पिसी हुई काली तिल और पीले चंदन का मिश्रण बना कर लाए हैं उस मिश्रण से आपको शिवलिंग के ऊपर पूरे में लेपन करना है।
शिवलिंग के ऊपर पूरे में लेपन करने का तात्पर्य यह है कि आपको शिवलिंग के ऊपर पूरे पिसी हुई काली तिल और जो पीला चंदन है उसका पूरा मिश्रण का जो लेपन है वह आपको शिवलिंग के ऊपर भी करना है और जलाधारी के ऊपर भी करना है जलाधारी के ऊपर जो अशोक सुंदरी का स्थान होता है उस जगह पर तो विशेष रूप से करना ही है।
इसलिए अपने को पूरे शिवलिंग के ऊपर लेपन करने के बाद आपको अपनी तीन उंगली लेनी है जिससे कि आपको त्रिपुंड बनाना है और त्रिपुंड आपको अपनी तीनों उंगलियों में कुछ भी लेकर नहीं बनाना है बस अपनी तीनों उंगली सीधे हाथ की हथेली की लेनी है और उसे शिवलिंग के ऊपर फेंर देना है जिससे कि वह त्रिपुंड बन जाएगा। उसी लेपन के ऊपर जो आपने किया है उसी लेपन के ऊपर आपको तीन लाइन खीच देनी है जिससे कि वह त्रिपुंड बन जाएगा।
त्रिपुंड बनाने के बाद आप जो अपने साथ पांच या सात बेलपत्र लेकर गए हैं उन बेलपत्र को शिवलिंग के ऊपर समर्पित करना है बेलपत्र को समर्पित करने के बाद आपको आखरी में जो आप अपने साथ एक लोटा जल और दूध का मिश्रण लेकर गए हैं इस एक लोटा जल और दूध के मिश्रण को आपको शिवलिंग के ऊपर उन्हीं बेलपत्र के ऊपर जो आपने चढ़ाई है समर्पित कर देना है।।
बेलपत्र चढ़ाने के बाद उन्हीं बेलपत्र के ऊपर आपको इस एक लोटा जल और दूध के मिश्रण को समर्पित करना है। समर्पित करने के बाद आपको भगवान से हाथ जोड़कर विनती करना है और भगवान को बताना है कि भगवान हमारा इतना पैसा है जो कि इस जगह फंसा हुआ है आप अपनी कृपा कीजिए जिससे कि हमारा यह पैसा हमें वापस मिल जाए। भगवान से ऐसी विनती करके आप अपने घर आ सकते हैं।
यह उपाय सिर्फ सोमवती अमावस्या के दिन का ही है और इस उपाय को आप विशेष कर सुबह के समय करें अगर किसी कारणवश सुबह के समय यह उपाय नहीं कर पाते हैं तो आप प्रदोष काल में भी इस उपाय को कर सकते हैं।
शिवजी को 4 तरीके से धतूरा जरुर चढ़ाएं?
यह बात तो आप लोग जानते ही होंगे कि शिवजी को धतूरा भी चढ़ाया जाता है और शिव जी को धतूरा चढ़ाने से भगवान शिव हमसे प्रसन्न होते हैं और हमारी मनोकामना को भी पूरा करते हैंपर क्या आप जानते हैं कि धतूरे को अगर इन 4 तरीकों से चढ़ाया जाए तो भगवान हमारी अलग अलग मनोकामना को पूरा करते हैं और हमारे दुखों को दूर करते हैं।
आइए जानते हैं कि कौन सी चार ऐसे तरीके हैं जिसको देखते हुए अगर आप धतूरे को शिवलिंग के ऊपर समर्पित करते हैं तो आपको क्या-क्या मिल सकता है।
सबसे पहले धतूरे की बात कर रहे हैं तो यहां पर इन उपायों में हम कांटे वाला जो धतूरा होता है उसका उपयोग करने वाले हैं।
अगर आप लोग एक धतूरे को हल्दी में डुबोकर शिव जी को समर्पित करते हैं तो इससे आपके घर में धन वृद्धि होती है मतलब आपके घर में लक्ष्मी हमेशा प्रसन्न होती है आपके घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है।
यह धतूरा का उपाय धन की वृद्धि के लिए है।
अगर एक धतूरे को आप चंदन में डुबोकर शिव जी को समर्पित करते हैं तो इससे आपकी आयु बढ़ती है। जो भी व्यक्ति इस धतूरे को चंदन में डुबोकर शिवलिंग के ऊपर समर्पित करता है उसकी आयु भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से बढ़ती जाती है।
यह धतूरे का उपाय आयु की वृद्धि के लिए है।
अगर एक धतूरे को आप अभीर में डुबोकर शिवजी को चाहते हैं तो इससे आपको कभी भी कोई लोग नहीं हो सकता आप हमेशा रोग मुक्त रहेंगे। यह धतूरा अभीर में डुबोकर रोग मुक्ति के लिए चढ़ाया जाता है।
अब अगर आपके घर में कोई बड़ा रोग है कोई हमेशा बीमार रहता है जिस की तबीयत हमेशा खराब रहती है तो उसके लिए एक विशेष उपाय है जो कि आपको धतूरे से ही करना है।
इस उपाय को करने के लिए सबसे पहले आपको किसी भी बड़े बेलपत्र के वृक्ष के नीचे जाना होगा वहां पर जाकर एक मिट्टी के शिवलिंग का निर्माण करना होगा। निर्माण करने के बाद आपको एक सादा धतूरा लेना है उस धतूरे को आपको शिव जी की शिवलिंग के ऊपर समर्पित करना है जो आपने अपने हाथों से बनाई है। बेलपत्र के वृक्ष के नीचे बैठकर उस बेलपत्र के वृक्ष के नीचे बैठकर ही आपको इस अधूरे को उस शिवलिंग के ऊपर समर्पित करना है।
यह जो धतूरा आप इस उपाय के लिए चढ़ाएंगे इस ससुरे में आपको कुछ भी नहीं लगाना है पेड़ से तोड़कर जैसा धतूरा आएगा वैसा का वैसा ही आपको शिव जी को समर्पित करना है।
यह वह 4 तरीके थे जिन तरीकों से अगर आप शिवजी को धतूरा समर्पित करते हैं तो भगवान भोलेनाथ आपकी रक्षा करते हैं और आपके ऊपर अपना आशीर्वाद रखते हैं।
शिव जी को धतूरा चढ़ाया जाता है वह किसी विशेष दिन पर ही चढ़ाया जाता है अगर आप इन उपायों को किसी विशेष दिन पर करेंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा आपको फल बहुत जल्दी मिलेगा।
विशेष दिन कहने से मतलब है कि किसी भी सोमवार को प्रदोष को या शिवरात्रि को आप इस पूरे को चढ़ा सकते हैं या आपके लिए कोई विशेष दिन हो तो आप उस दिन भी धतूरे को शिवलिंग के ऊपर समर्पित कर सकते हैं।
प्रदोष व्रत कैसे करना चाहिए।
पशुपति व्रत का उद्यापन कैसे करें।
आप सभी लोगों में से बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जो कि प्रदोष व्रत करते हैं अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अगर आप लोग भी चाहते हैं कि आपकी कोई बड़ी मनोकामना जो सालों से पूरी ना हो रही हो तो वह पूरी हो जाए तो आपको हमारी यह बातों को सुनना चाहिए और पढ़ना चाहिए क्योंकि प्रदोष व्रत एक ऐसा व्रत होता है जिस व्रत को करने से हमारी मनचाही मनोकामना पूरी हो सकती है अगर हम सच्चे मन और पूरी शक्ति से इस व्रत को धारण करें और इसकी पूरी विधि को अच्छे से अपनाएं।
प्रदोष व्रत का सबसे पहला नियम होता है कि जिस दिन भी आप प्रदोष व्रत रख रहे हो और जब भी प्रदोष पढ़ रही हो तो उस दिन आपको ब्रह्म मुहूर्त में उठना है और सबसे पहले स्नान करना है। उसके बाद फिर आसन पर बैठकर भगवान की भक्ति को धारण करना है।
प्रदोष व्रत रखने वाले भाइयों और बहनों को दिन भर जितना हो सके भोले बाबा के नाम का जाप करते रहना चाहिए। भोलेबाबा के जितने भी मंत्र होते हैं उन सभी का उच्चारण करना चाहिए।
दिनभर आपको भोलेनाथ की भक्ति में गुजारना चाहिए तभी आपको पशुपति व्रत का पूरा फल मिलता है।
सरकारी नौकरी पाने वाला सर्वश्रेष्ठ उपाय ।।
प्रदोष व्रत करने वाले को क्या करना चाहिए
प्रदोष व्रत करने वाले को क्या नहीं करना चाहिए
प्रदोष व्रत का उद्यापन कैसे करें
प्रदोष व्रत करने वाले को क्या करना चाहिए
प्रदोष व्रत करने वाले व्यक्ति को शाम के समय आधा घंटा या 10 मिनट बैठ कर शिव जी का भजन करना चाहिए।
अगर साथ में कोई भजन करने वाला ना हो तो आप को अकेले ही बैठकर भोले बाबा की भक्ति में डूब जाना चाहिए।
प्रदोष व्रत करने वाले को क्या नहीं करना चाहिए
प्रदोष व्रत करने वाले को भोजन नहीं करना चाहिए।
अगर प्रदोष व्रत करने वाला फल हार भी करता है तो उसमें भी नमक का उपयोग नहीं करना चाहिए।
प्रदोष व्रत में किसी भी प्रकार की नमक का सेवन वर्जित होता है।
प्रदोष व्रत का उद्यापन कैसे करें
जब आपकी 11 प्रदोष हो जाएं या 26 प्रदोष हो जाए तो उस समय आप को प्रदोष व्रत का उद्यापन कर देना चाहिए।
प्रदोष व्रत का उद्यापन करने के लिए दो ब्राह्मणों को जोड़े से बुलाओ।
ब्राह्मणों को जोड़े से बुलाकर उनके चरणों की पूजा करके आराधना करके भोले बाबा का सुंदर मंडप तैयार कर कर रंगोली बनाकर सजाकर भगवान शंकर की प्रदोष काल में पूजा करो।
प्रदोष के एक दिन पहले गणेश जी की आराधना करो उनके भजन करो।
जिन ब्राह्मणों को आप ने बुलाया है उन ब्राह्मणों से मंत्रों का उच्चारण करवाइए 108 खीर की आहुतियां दिलवाईए।
उसके बाद ब्राह्मणों को जोड़ें से भोजन करवाकर उनके चरणों को नमन करके दक्षिणा प्रदान करें।
दक्षिणा देने के बाद आपको ब्राह्मणों से प्रार्थना करना है जिस प्रदोष का व्रत हमने पूरा किया है उस प्रदोष व्रत का फल हमें मिल जाए।
ब्राह्मणों के चरणों को नमन कर कर उनके हाथों से अपने सर पर अक्षत के दाने छुड़वाए।
उसके बाद रात्रि में भगवान भोलेनाथ का भजन करें और भोलेनाथ से प्रार्थना करें कि भोलेनाथ हमारे जीवन के सभी दुख समस्याओं को दूर करें।
हम आशा करते हैं कि आपको हमारी लिखी हुई बातें जो कि श्री पंडित प्रदीप मिश्रा जी द्वारा बताई गई हैं आपको समझ आ गई होंगी ।
अशोक सुंदरी का स्थान कहां पर हैं? शिवलिंग पर यह पांच स्थान जरूर देखें
नमस्कार दोस्तों, आप सभी लोग जानते होंगे कि शिवजी की जो शिवलिंग होती है उस शिवलिंग के ऊपर शिव जी का पूरा परिवार विराजमान रहता है पर क्या आपको पता है कि कौन से सदस्य का स्थान कौन से स्थान पर है। अगर नहीं पता तो आज की जानकारी में हम आपको शिव जी की शिवलिंग के ऊपर शिव जी के परिवार के कौन-कौन से सदस्य का स्थान है यह सारी जानकारी देंगे।
हम आपको शिवलिंग में शिव जी के परिवार के जो मुख्य सदस्य हैं सिर्फ उनका स्थान शिव जी के ऊपर बताएंगे।
सबसे पहले ऊपर आप एक शिवलिंग का दर्शन कर सकते हैं।
सबसे पहले शिवलिंग होती है जो कि शिवजी का स्वरूप होता हैं।
उसके बाद में शिव जी की शिवलिंग जिस चीज के ऊपर रखी हुई होती है उसे हम कहते हैं माता पार्वती जी का हस्त कमल इसी के ऊपर शिवलिंग रखा होता हैं।
अब जो स्थान आता है वह शिवजी की सबसे छोटी बेटी का स्थान आता है। माता अशोक सुंदरी जोकि शिवजी की सबसे छोटी बेटी हैं उनका स्थान जलाधारी के बिल्कुल बीचो-बीच होता हैं।
अब हम आपको शिवलिंग के ऊपर जो गणेश जी का स्थान होता है उसके बारे में बताएंगे। शिवलिंग की जलाधारी के सीधे भाग में गणेश जी का स्थान होता है।
अब हम आपको शिवलिंग के ऊपर जो कार्तिकेय जी का स्थान होता है उसके बारे में बताएंगे। शिवलिंग की जलाधारी के उलटे भाग में कार्तिकेय जी का स्थान होता है।
अब हम आपको बताएंगे शिवजी की 5 बेटियों का स्थान। आपने देखा होगा शिवलिंग के ऊपर एक जल पात्र या जलाधारी टंगी हुई होती है जिसमें से बूंद-बूंद करके जल शिवलिंग के ऊपर टपकता हैं। उस जल पात्र के अंदर ही शिवजी की इन पांच बेटियों का स्थान होता हैं।
तो दोस्तों जो स्थान हमने आपको बताए हैं वह शिव जी का स्थान, माता पार्वती जी का स्थान, माता अशोक सुंदरी जी का स्थान, गणेश जी का स्थान, कार्तिकेय जी का स्थान और शिव जी की 5 बेटियों का स्थान।
यही मुख्य शिव जी के परिवार के सदस्यों के स्थान हैं और यह आप लोगों को पता होना चाहिए कि शिव जी की शिवलिंग पर किस भाग में किस सदस्य का स्थान है।
अगर आपको शिव जी के परिवार के किसी सदस्य की पूजन करनी है तो आपको अलग कहीं पर जाने की जरूरत नहीं हैं। आप शिव जी की शिवलिंग में ही शिव जी के पूरे परिवार को देख सकते हैं और वहीं पर पूजन भी कर सकते हैं।
विभीषण की पुत्री त्रिजटा रामायण की एक पात्रा त्रिजटा लंका की मुख्य साध्वी, राक्षसी प्रमुख थी। जिसका जन्म तो राक्षस कुल में हुआ था लेकिन उसका हृदय देवियों के समान पवित्र था। श्री रामचरित मानस में त्रिजटा एक लधु स्त्रीपात्र है । यह पात्र आकार में जितना ही छोटा है, उसकी महिमा उतना ही गौराव मण्डित है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि श्री रामचरित मानस के हर छोटे-से-छोटे पात्र भी विशेषता संपन्न है। त्रिजटा की बात करें तो मन्दोदरी ने त्रिजटा को सीताजी की देख-रेख के लिए उसे विशेष रूप से सुपुर्द किया था। वह राक्षसी होते हुए भी सीता की हितचिंतक थी। सम्पूर्ण ‘श्री रामचरित मानस’ में केवल दो काण्ड सुन्दरकाण्ड और लंका काण्ड में सीता-त्रिजटा का वर्णन मिलता है उनके वार्तालाप के रूपमें त्रिजटा का वर्णन है। परंतु इन लघु वार्तालापों में ही त्रिजटा के चरित्र की भारी विशेषताएँ दिखाई दी हैं। पूज्यपाद गोस्वामी तुलसीदासजी ने मानस के सुन्दरकाण्ड की एक चौपाईं में त्रिजटा का स्वरूप इस प्रकार बतलाया गया है : त्रिजटा जाम राच्छसी एका ।* राम चरन रति निपुन बिबेका ।।* (रा.च.मा ५। ११ । १) जहां तुलसीदास है ...
प्रदीप मिश्रा के शिव पुराण के टोटके | Pradeep Mishra Ke Totke, Upay “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं ” आप में से अधिकांश लोगो ने ऊपर दिए श्लोक को जरूर सुना होगा और इसे सुनकर आपके दिमाग में सिर्फ एक ही शख्सियत की छवि उभर कर आई होगी और वो होगी कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (Pradeep Mishra) की। जी हां दोस्तो मध्य प्रदेश राज्य के मशहूर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (Pandit Pradeep Mishra) आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है । उनकी कथा और टोटकों (Totke) के चर्चे हर जगह आपको सुनने मिल जाएंगे। यही वजह है कि वह आए दिन सुर्खियों का हिस्सा बने रहते है। तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको कथावाचक प्रदीप मिश्रा (Pradeep Mishra Ke Totke) के टोटके, प्रदीप मिश्रा के शिव पुराण के टोटके PDF के बारे में बताएंगे तो जानने के लिए आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े पंडित प्रदीप मिश्रा का जन्म सन 1980 में मध्यप्रदेश के सीहोर में हुआ था। मिश्रा जी (Mishra Ji) हमेशा श्री राम कथा, श्री मद भागवत कथा और शिव पुराण (Shiv Puran) कथा का कथावाचन करने के साथ साथ लोगो की कई गंभीर समस्याओं को हल करने के...
जानिये क्यों शास्त्रों में वर्जित है शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण करना? एक तरफ भगवान् को अर्पित किया गया प्रसाद पवित्र माना जाता है वहीँ दूसरी तरफ भगवान् शिव (Lord Shiva) को शिवलिंग (Shivling) के माध्यम से चढ़ाये गए प्रसाद को खाने की शास्त्रों में मनाही है। हजारों और लाखों की संख्या में शिवलिंग (Shivling) पर प्रसाद चढ़ाया भी जाता है और उसी को फिर खाया भी जाता है बिना यह जाने हुए कि ऐसा करना शास्त्रों में वर्जित है। आज हम शिव पुराण (Shiv Purana) में वर्णित इस तथ्य को उजागर करेंगे कि आखिर क्यों शिवलिंग पर अर्पित किये गए भोग को खाने से सख्त मना किया गया है साथ ही यह भी बताएंगे कि ऐसे कौन से शिवलिंग है जिनपर अर्पित किये गए भोग को शिव भक्त खा सकते हैं। शिव पुराण के 22वें अध्याय में वर्णित इस श्लोक में यह स्पष्ट उल्लेख मिलता है : “चण्डाधिकारो यत्रास्ति तद्भोक्तव्यं न मानवै:। चण्डाधिकारो नो यत्र भोक्तव्यं तच्च भक्तित:।।” भावार्थ : जिस भी स्थान पर चण्ड का अधिकार दिखाई पड़ता है उस स्थान पर शिवलिंग पर अर्पित किये गए प्रसाद को ग्रहण नहीं करना चाहिए। ज...
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