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पशुपति व्रत, विधि एवम विभिन्न उपाय

पशुपति व्रत एवम विधि

pradeep mishra ji

नमः शिवाय:

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं

पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी (सीहोरे वाले) द्वारा श्री शिव महापुराण की कथा में बताये कुछ अचूक उपाय लिखित रूप में

पशुपति व्रत एवम विधि

पशुपतिनाथ का एक व्रत होता है जिसे कहते हैं पशुपति व्रत। यह व्रत 5 सोमवार का होता है। इस पशुपति व्रत को करने से किसी भी मनोकामना को पूरा किया जा सकता है। रोग, बिमारी, नौकरी, व्यापार, कर्जा, शादी, संतान, आदि। 

व्रत और पूजन की विधि।

  • सुबह पूजा की थाली लगाकर ले जाओ। थाली में जल, अभिषेक का समान, चंदन, अक्षत, फूल, बेल पत्र, इतर और भी जो पूजा की समग्री होती है सब रख कर ले जाना है।
  • बाबा का स्नान पूजन करे। बाबा से निवेदन और विनती करे: ‘मैंने पशुपति व्रत रखा है और मेरी ये कामना है। मैंने शिवमहापुराण की कथा में ऐसा सुना है की इस व्रत को करने वाले व्यक्ति की मनोकामना आप अवश्य पूरी करते हैं। मेरी भी मनोकामना पूरी करिये बाबा’।
  • पूजा संपन्न होने के बाद थाली लेकर घर आ जाए।
  • इसके बाद शाम के समय प्रदोष काल में वापस सुबह वाली पूजा की थाली लेनी है।थाली में 6 घी के दिए रख लेना है और कुछ भी मीठा का भोग बनाकर उसे भी थाली में रखकर ले जाना है।
  • मीठा भोग जो बना है उसके 3 हिस्से करना होता है इसलिय साथ में 3 दोना या कागज या कोई पत्ता साथ ले जाए जिसमे 3 हिस्से करके रख दे।
  • अब मंदिर जाकर बाबा को जल का छींटा देकर पूजन करे। फूल, बेल पत्री, चंदन, अक्षत, समर्पित करे।
  • फिर जो 6 घी के दीपक ले गए हैं उसे थाली से बहार करके रख ले।6 में से 5 दिया जलाना है और एक दिया नहीं जलाना है।
  • जब पहला दिया प्रज्वलित करे तो बाबा से विंति करे की बाबा मैं आपका पशुपति व्रत कर रही हूं, मेरी ये मनोकामना है। मुझे विश्वास है की आप मेरी मनोकामना जरूर पूरी करेंगे। ऐसे करके पांचो दिए प्रज्वलित करले।
  • इसके बाद जो मीठा बनाकर ले गए हैं उसे भी थाली से उतार कर बाबा के सामने रखे और उसके 3 बराबर हिस्से करले। बाबा को दो हिस्से दे दे और एक हिस्सा मीठा का वापस अपनी थाली में रख ले।
  • जो दिया प्रज्वलित नहीं हुआ है उसे भी उठा कर वापस थाली में रख ले।
  • बाबा से पूजा में हुए किसी भी तरह की गलती के लिए माफी मांगे।
  • अब थाली लेकर जब आप घर वापस आए तो घर में प्रवेश करने से पहले घर के बाहर अपने दाईं ओर वह दिया को रख दे जो आप मंदिर से लेकर आए हैं। दरवाजे के बहार बैठकर उस दिए जो प्रज्वलित करे और साथ ही बाबा से निवेदन करे की मेरी ये कामना है और आपको पूरी करना है।  दीपक जलाकर और अपनी कामना बोलकर घर में प्रवेश कर जाए।
  • जो एक भाग प्रसाद का आप मंदिर से लेकर आए हैं उसे घर के किसी भी सदस्य को नहीं देना है। उस प्रसाद को केवल वही व्यक्ति खाएगा जिसने पशुपति व्रत किया है।
  • इस व्रत में सुबह फलाहारी करते हैं और शाम को भोजन। शाम का भोजन करने से पहले जो प्रसाद मंदिर से लेकर आए है उसे खाना है। पूरा प्रसाद खा लेने के बाद ही भोजन करना है।
  • ऐसे 5 सोमवार करना है ये व्रत।जिस दिन पांचवा सोमवार हो उस दिन सुबह की पूजा वैसी ही होगी जैसी बाकी के सोमवार को हुई। शाम के समय पूजा की थाली में एक श्रीफल (नारियल) और उसपे 11 रुपये रखकर ले जाए।
  • साथ ही कुछ भी समग्री 108 ले जाये जैसे बेल पत्र, अक्षत, मूंग के दाने या कोई पुष्प, या जो भी आपको आराम से मिल जाए।रोज़ाना की तरह पूजा पाठ करके मीठा का 3 हिस्सा कर लेने के बाद बाबा को नारीयल और दक्षिणा भेट करे और साथ ही जो 108 वास्तु आप ले गए है वो भी समर्पित कर दें।
  • बाबा से विंति करे कि हे बाबा मेरा पांच सोमवार का पशुपति व्रत आज पूरा हो रहा है। आपके भरोसे ये व्रत किया है मैंने, अब आप संभाल लेना। श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजन करे और बाकी सब बाबा पर छोड़ दे।

व्रत में ध्यान देने की कुछ महत्वपूर्ण बातें

  • थाली में पूजा का जो भी समान रखा जाता है वो इतनी मात्रा में लेना है जो की सुबह और शाम दोनो वक्त काम आ जाए।
  • जल को छोड़कर, शाम को अलग से कोई पूजा का समान रखकर नहीं ले जाना है।
  • अगर कोई वस्तु पूजा की आपके पास नहीं है तो उसे ना ले जाए लेकिन मंदिर में किसी से उधार मांग कर बाबा को ना चढाये।
  • बाबा से अपनी कामना को केवल पहले सोमवार बोलना है की आप पशुपति व्रत कर रहे हैं और ये मनोकामना से कर रहे हैं।
  • मीठा भोग जो बनेगा वो केवल उतनी ही मात्रा में बनाना है जो मंदिर जाए। भोग में कुछ भी हिस्सा घर पर छोड कर नहीं जाना है बाकी के सदस्यों के लिए। जो भी बनेगा वो बाबा को पुरा जाएगा।
  • फलाहारी में नमक का भी सेवन कर सकते हैं।
  • भोजन में अन्न का सेवन कर सकते हैं और नमक भी खा सकते हैं।

3 तरह के जल शिवलिंग पर समर्पित करने का महत्व

आज हम बात करेंगे 3 विशेष तरह के जल की जिसे शिवलिंग पर समर्पित करने से हमें मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।

1. तीर्थ का जल – कार्य में सफलता के लिए।

  • कोई बहुत विशेष काम हो जो पूरा नहीं हो रहा हो और उसके पीछे बहुत प्रयास भी कर लिया गया हो तो ऐसे में भगवान भोलेनाथ के किसी भी मंदिर में कोई से भी तीर्थ का जल समर्पित करना चाहिए। जल समर्पित करते वक्त आपका मुख उत्तर की तरफ होना चाहिए।
  • बाबा आपके कार्य को सिद्ध करने में लग जाएंगे। तीर्थ के जल से बल प्रताप होता है। 

2. अरहर की दाल की पत्ती का जल – रोग मुक्ति के लिए

  • मान लीजिए कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा रोग से ग्रसित हो जैसे किसी को कैंसर, किडनी में दिक्कत या लीवर खराब हो जाने की समस्या हो तो ऐसी स्थिति में भगवान शंकर को अरहर की दाल की पत्ती का जल समर्पित करना चाहिए।
  • कुछ दिन इस जल को समर्पित करके देखें। कितना ही भारी रोग क्यों ना हो, कैंसर भी ठीक होने लगेगा, किडनी डायलिसिस भी बंद हो जाएगी और लीवर खराब होने की दिक्कत से भी मुक्ति मिल जाती है इस जल के अभिषेक से। 

3. किसी देवालय का जल – संबंध निर्माण के लिए

  • किसी भी शिवालय या देवालय या मंदिर जिसमें आप दर्शन के लिए जा रहे हैं, उस मंदिर या देवालय के पास अगर कोई कुंआ, बावड़ी, हैंडपंप हो तो उसका पानी भी शिवलिंग पर चढ़ाने से कार्य में सिद्धता आती है।
  • इस जल की विशेषता रिश्ता बनाने में ज्यादा होती है।
  • अगर आप विवाह से संबंधित कार्य के लिए इस जल को समर्पित करते हैं तो जहां आप चाहते हैं रिश्ता हो वहां बाबा रिश्ता लगा ही देते हैं।
  • जल चढ़ाने के लिए आधा जल शिवलिंग पर चढ़ाना है और आधा बेल पत्र के पेड़ के नीचे।
  • बाबा से विंति करे। आपका काम सफल होगा।

कार्य में सफलता के लिए उपाय 

  • अगर आप को किसी बहुत जरूरी और महत्वपूर्ण काम से कहीं जाना हो तो उस काम के लिए जाने से पहले एक बार भगवान शंकर के दर्शन करने अवश्य जाए।
  • बाबा पर चढ़ी हुई बेल पत्र उठाकर धोकर दुबारा बाबा को समर्पित कर दें अपनी मन की बात बाबा से बोलकर और अपने काम के लिए चले जाएं।
  • अगर आपके काम का होना बहुत जरूरी है तो बाबा से वह बेल पत्र को मांग कर अपने साथ ले जाए ताकी आपका काम सफल हो।
  • बाबा से निवेदन करे की आप इस बेल पत्र को ले जा रहे हैं आशीर्वाद के तरह, इस विश्वास के साथ कि आपके पूरे परिवार का स्वरूप इस बेल पत्र में है और मुझे विश्वास है की मेरा शंकर मेरे साथ चल रहा है तो मेरा काम अवश्य सफल होगा। मेरा काम हो जाएगा तो इस बेल पत्री को वापस करने आउंगा।
  • इसी विश्वास के साथ अपनी कामना करते हुए और बाबा का आशीर्वाद लेकर अपने काम के लिए चले जाएं।
  • बाबा आपका काम सफल कर देंगे।

आंकड़े के फूल का उपाय

  • अगर किसी नारी के बच्चादानी में गठान की तकलीफ हो गई हो और डॉक्टर ने जांच या ऑपरेशन के लिए बोल दिया हो तो एक बार इस उपाय को करके देखें।
  • आंकड़े के फूल को भगवान शंकर के शिवलिंग पर रोजाना कम से कम एक सप्ताह तक समर्पित करना है।
  • बाबा से अपनी मन की कामना बोलकर और तुम्बुरुका जी का नाम लेकर फूल को समर्पित करे।
  • फिर उसी चढ़े हुए फूल को निर्माल्य की तरह उठा कर किसी भी बहते हुए जल में ठंडा कर दिजिए अपनी कामना भोलेनाथ से करते हुए।
  • इस उपाय में विशेष बात का ध्यान ये रखना है की तुम्बुरुका जी का स्मरण करना जरूरी है।
  • 5 से 7 बार इस उपाय को करने से बच्चादानी की गठान गलने लगेगी और ऑपरेशन की भी ज़रुरत नहीं होगी।

01 और 08 अगस्त 2022: सावन के सोमवार का अचूक उपाय

  • अगर किसी व्यक्ति के जीवन में बहुत अधिक कष्ट चल रहा हो जैसे नौकरी नहीं लग रही, व्यापार नहीं चल रहा, कोई भारी रोग हो गया हो, कलह-क्लेश ख़त्म नहीं हो रहा तो ऐसे में सावन माह के किसी भी सोमवार को भगवान शंकर के शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करना चाहिए।
  • पहले थोड़ा सा जल नंदी को समर्पित करे, फिर भगवान गणेश, कार्तिकेय, अशोक सुंदरी, शिवलिंग के ऊपर कलश जिसमे शंकर जी की पांचो बेटी विराजमान रहती है, माता पार्वती का हस्तकमल और फिर शिवलिंग के ऊपर।
  • गंगाजल समर्पित करने के बाद उसे एक पात्र में उठा कर वापस घर ले आए।
  • 3 दिन तक लगातार इस गंगाजल का आचमन करने से कितना भी भारी रोग हो वो भी ठीक होने लगता है। व्यापार नहीं चल रहा तो व्यापार के स्थान पर कुछ बूंद इस जल की डाल सकते हैं।नौकरी से संबंधित किसी काम से जाने से पहले जल का आचमन कर के जाना चाहिए।
  • जिस भी काम के लिए जल का प्रयोग होगा उसमे सफलता जरूर मिलेगी।

सावन की पंचमी का अदभुत उपाय

  • सावन माह में आने वाली पंचमी तिथि (कोई सी भी हो, कृष्ण पक्ष या शुक्ल पक्ष) को शंकर भगवान को कावड़ जल अवष्य समर्पित करना चाहिए।
  • अगर परिवार का कोई एक भी सदस्य कावड़ जल समर्पित कर देता है तो परिवार का कोई भी सदस्य सर्प की योनि या प्रेत योनि में नहीं पड़ता, और प्रेत/सर्प योनि से मुक्ति भी मिल जाती है।
  • कावड़ जल का मतलब होता है दोनो हाथ में एक-एक कलश जल लेकर शिवलिंग पर एक साथ दोनों कलश से जल समर्पित करना।

पीपलकेश्वर महादेव का उपाय

  • अगर आपको कभी ऐसा लगे कि आपके परिवार का कोई सदस्य गलत मार्ग पर जा रहा है या मार्ग भटक रहा है तो ऐसे में पीपलेश्वर महादेव का उपाय ज़रूर करें।
  • प्रदोष के दिन, प्रदोषकाल में पीपल के पेड़ के नीचे दीपक लगाना प्रारंभ कर दें पीपलेश्वर महादेव के नाम से।
  • दीप लगाते वक्त महादेव से विंति करे की बाबा उस इंसान का मार्ग सुलभ करे जो भटक ​​गया है और सतमार्ग की ओर लेकर आए। बाबा कृपा करेंगे।

प्रदोष के दिन का धतूरे का उपाय

  • अगर आपको लगता है कि आपका व्यापार नहीं चल रहा है, फैक्ट्री नहीं चल रही है, कर्ज़ा नहीं उतर रहा है, शादी में रुकावत आ रही है, या और भी कोई समस्या है जो सुलझ ही नहीं रही तो प्रदोष के दिन इस उपाय को ज़रुर करें।
  • एक धतूरा प्रदोष के दिन भगवान शंकर के शिवलिंग पर रख दे। धतूरा रखते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना है की जो धतूरे की डंडी है वो आपके विपरीत दिशा में होनी चाहिए।
  • इसके बाद एक लोटा जल लेकर उस धतूरे पर धीरे-धीरे चढ़ाना है, हाटकेश्वर महादेव का नाम स्मरण करते हुए।
  • सब पूजा अर्चना हो जाने के बाद उस धतूरे को उठा कर घर ले आए और संभाल कर रख ले।
  • इसके बाद आप जिस भी किसी काम में हाथ लगाएंगे उसमें आपको सफलता मिलने से कोई नहीं रोक सकता है। व्यापार, नौकरी, दुकान, फैक्ट्री, शादी, कर्ज जैसी कोई भी समस्या से मुक्ति अवश्य ही मिल जाएगी।

शुक्ल पक्ष की द्वितीय का उपाय बड़ी से बड़ी बिमारी से दिलाये छुटकारा

  • शिव महापुराण की कथा के अनुसार, शुक्ल पक्ष की द्वितीय के दिन ही भगवान भोले शंकर ने चंद्रदेव को अपने सिर पर स्थान दिया था।
  • कोई व्यक्ति जिसको किसी भी तरह का भारी रोग हो गया हो जैसे किडनी खराब होना, लिवर में समस्या होना, कैंसर हो जाना, या त्वचा रोग होना, इत्यादि.. तो ऐसा व्यक्ति को शुक्ल पक्ष की द्वितीय के चंद्रमा का दर्शन अवश्य करना चाहिए ।
  • अगर बन सके तो थोड़े से कच्चे दूध का छींटा चंद्रमा को देना चाहिए, सफेद फूल समर्पित करना चाहिए, सफेद चंदन का छींटा देना चाहिए।
  • फिर कच्चा दूध और सफेद चंदन का कुछ भाग अपने शरीर पर भी लगान चाहिए जहां-जहां कष्ट है।
  • इस उपाय से कितना भी बड़ा भारी रोग क्यों ना हो, महादेव उसे ठीक कर ही देते हैं। 

2022 में आने वाली शुक्ल पक्ष द्वितीय तिथि का पंचांग

महीनाप्रारंभ (समय)समाप्त (समय)
जुलाईजुलाई 30 (1:21 am)जुलाई 31 (3:00 am)
अगस्त अगस्त 28 (2:45 pm)अगस्त 29 (3:21 pm)
सितंबर सितंबर 27 (3:08 am)सितंबर 28 (2:28 am)
अक्टूबर अक्टूबर 26 (2:42 pm)अक्टूबर 27 (12:45 pm)
नवंबर नवंबर 25 (1:38 am)नवंबर 25 (10:35 pm)
दिसंबरदिसंबर 24 (12:06 pm)दिसंबर 25 (8:24 am)

हर हर महादेव


रुका हुआ धन या उधार दिया पैसा वपस लेने का सरल उपाय

  • शिवजी की कथा के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति आपका पैसा खाकर बैठा हो और वपस देने का नाम ही नहीं ले रहा हो, बहुत प्रयास करने के बाद भी कोई सफलता नहीं मिल रही हो तो अपने हाथ की हथेली में दही ले।
  • नाम और गोत्र स्मरण करके और जिससे पैसा लेना है और कितना पैसा लेना है वो स्मरण करके शंकर भगवान के शिवलिंग पर दही समर्पित कर दे।
  • उसके बाद एक बेल पत्र भी समर्पित कर दे।
  • जो व्यक्ति आपका पैसा खाकर बैठा है वो खुद हाथ जोड़ कर पैसा वापस करेगा।

डायबिटिज या किडनी डायलिसिस को रोक देने वाला उपाय

  • शिव महापुराण के अनुसार, बेल पत्र को समर्पित करने से पहले पत्ते के नीचे की डंडी का जो भाग हम आमतौर पर तोड़ कर हटा देते हैं, उसे शुगर जैसी बिमारी लेवल में लाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
  • टूटे हुए डंडी के भाग को शिवलिंग पर माता अशोक सुंदरी वाले स्थान पर समर्पित कर दिया जाता है और फिर वही डंडी को वापस ले आकर चबा-चबा कर खा लेने से 5 से 10 मिनट के अंदर शुगर लेवल में आ जाती है।
  • सप्ताह में कम से कम 2 बार भी इस उपाय को कर लेने से किडनी डायलिसिस भी रुक जाती है।

महादेव, भोले शंकर और हर हर महादेव बोलने का महत्व

महादेव : अगर किसी व्यक्ति के जीवन में कोई कार्य है जो बहुत समय से अटक रहा हो या अथक प्रयास के बाद भी काम में कोई उन्नति नहीं मिल रही तो ऐसा व्यक्ति जब भी उस कार्य के लिए घर से निकले तो ऐसा कह के निकले की आज मैं अपने इस कार्य के लिए जा रहा हूं और मेरे साथ मेरा महादेव जा रहा है।15 से 20 दिन ऐसा कर के देखे। जो भी कार्य अटक रहा था उसमें सफलता मिलने से कोई नहीं रोक सकता। महादेव शब्द में इतनी प्रबलता है कि इसे बोलने से ही व्यक्ति के सभी कार्य बन जाते हैं।

हर हर महादेव : अगर हमने किसी की निंदा सुन ली हो या कर दी हो, किसी को कोई अपशब्द कहा दिया हो, कुछ गलत बोला हो तो दिन भर में कम से कम 3 बार या तो हर हर महादेव, या हर हर गंगे या नर्मदे हर का उच्चारण कर लेने से जीव के मस्तक का सब पाप समाप्त होने लगता है।

भोले शंकर : कोई व्यक्ति अगर किसी दो निर्णय के बीच फस गया हो, और समझ नहीं आ रहा की क्या करे तो ऐसे में एक बेल पत्र लेकर भोले शंकर का नाम लेकर, बेल पत्र की पेड़ के नीचे समर्पित कर दे और कोई भी एक निर्णय चुन ले। वह निर्णय सफल ही होगा।

गठान की समस्या से मुक्ति का उपाय

  • अगर किसी व्यक्ति के शरीर में कहीं भी कोई गठान हो गई हो और डॉक्टर ने जांच के लिए बोल दिया हो तो जांच कराने से पहले यह अद्भुत उपाय को ज़रुर करके देखे।
  • इसके लिए आपको ज़रुरत होगी बेल के फल का सूखा गूदा। इस सूखी लुगदी को जला कर भस्म तैयार कर लें।
  • यह उपाय को करते वक्त पीपलेश्वर महादेव का स्मरण करते रहना है।
  • इस भस्म को पीपल की पत्ती पर रख ले और बेल पत्री के पेड़ के नीचे रख के पीपलेश्वर महादेव का स्मरण करे।इसे बाद कुछ समय शंकर भगवान के शिवलिंग पर रख कर वहां भी पीपलेश्वर महादेव का स्मरण करे और अपनी समस्या बाबा को बताये।
  • अब इस भस्म को उठा कर वापस घर ले आए और जिस जगह गठान है उस जगह पर भस्म को लगा ले।
  • इसके बाद जाए जांच कराने।
  • महादेव की कृपा होगी तो गठान धीरे धीरे गलना शुरू हो जाएगी और कोई बड़ी बीमार भी नहीं होगी।

पेट से संबंधित रोग दूर करने का उपाय

  • अगर किसी व्यक्ति को पेट से संबंधित कोई रोग, बीमारी, तकलीफ हो, और खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हो तो ऐसे में श्रावण महीने के इस उपाय को करने से काफ़ी लाभ होगा।
  • सावन माह की नवमी तिथि वाले दिन (कोई सी भी हो, शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष) 7 दूर्वा (दूब) लेनी है।
  • शंकर भगवान के शिवलिंग पर माता अशोक सुंदरी वाले स्थान पर दूर्वा समर्पित कर दे। फिर उठा कर शंकर जी के शिवलिंग पर समर्पित करे, और अंतिम में गणेश जी के स्थान पर वही दूर्वा को समर्पित कर दे।
  • दुर्बा समर्पित करते वक्त शंकर जी के हाटकेश्वर महादेव का स्मरण करना है।बाबा से विंति करे अपने रोग के ठीक हो जाने की।
  • फिर दूर्वा उठा कर घर ले आए। जब भादो का महीना आए तो उस महीने के किसी भी दिन से यह दूर्वा को खाना शुरू कर दे।
  • सुबह में खाली पेट एक दूर्वा को चबा- चबा कर खाए और पानी पी ले। 5 से 7 दिन में इस दूर्वा का सेवन कर लेने से पेट से जुडी कैसी भी समस्या हो, वो हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है।

26 जुलाई 2022 को श्रावणी शिवरात्रि अभिषेक की ज़रुरी सामग्री

26 जुलाई 2022 को पंडित प्रदीप मिश्रा जी द्वारा श्रावणी शिवरात्रि के अवसर पर पार्थिव शिवलिंग की पूजा अभिषेक करना निश्चित हुआ है। ऐसे में पंडित जी ने अपनी कथा में कुछ समग्री की सूची बताई है जो पूजा में उपयोग होगी।

शिवलिंग का निर्माण करते वक्त किस बात का ध्यान रखना है?

  • ब्राह्मण सफेद मिट्टी का शिवलिंग बनाएंगे
  • क्षत्रिय लाल मिट्टी का
  • वैश्य पीली मिट्टी का और
  • शूद्र काली मिट्टी का

नीचे सभी ज़रुरी वस्तु का नाम दिया गया है।

  • गेहूं के दाने – 21
  • कमल गट्टा – 5
  • चावल (अक्षत) – 108
  • काली मिर्ची – 21
  • काली तिल – एक चुटकी
  • धतूरा – 1
  • बेल पत्र – 7
  • शमी पत्र – 7
  • लाल गुलाब – 7 (7 गुलाब नहीं मिले तो एक ही गुलाब की पंखुड़ियां को तोड़ कर भी काम चला सकते हैं)।
  • पंचामृत स्नान के लिए – दूध, दही, शक्कर, शहद, घी।
  • रोली, मोली, कपूर, पीला चंदन, चावल, इत्र, लौंग, गंगाजल
  • 2 घी के दीये (एक आरती के लिए और एक अखंड जलाने के लिए)
  • गोल सुपारी – 3 (एक संकल्प छोडने के लिए और दो गौरी गणेश बनाने के लिए)
  • जनेऊ – 2
  • इसके अतिरिक्‍त आप अपनी सुविधा के अनुसार फल, मिठाई, या कुछ भी भोग शामिल कर सकते हैं।

सावन के महिने में 108 का महत्व

  • शंकर भगवान को सावन के महीने में 108 कुछ भी समर्पित करना चाहिए।
  • इसमे आप 108 अक्षत, मूंग, सरसो के फूल, या जो भी आपकी इच्छा करे, कुछ भी समर्पित कर दे।
  • ऐसा करने से भगवान शंकर लाखो करोड़ो गुना बढ़ा कर पूरे साल भर हमें सुख समृद्धि के रूप में वापस कर देते हैं।

कमर और घुटने के दर्द को दूर करने का उपाय

  • अगर घुटने या कमर में दर्द हो, चलने में तकलीफ होती हो, सीढ़ियाँ नहीं चढ़ सकते हो, तो ऐसी स्थिति में शंकर भगवान के शिवलिंग पर सरसो के फूल समर्पित करने से बहुत लाभ होता है।
  • शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर सरसो के 108 फूल समर्पित करना है। फिर सभी 108 फूल को उठा कर वापस ले आना है।
  • रोज़ सुबह खाली पेट एक फूल को खाना है 108 दिन तक। अगर तकलीफ बहुत ज्यादा हो तो 108 फूल को 5 दिन के अंदर भी खा सकते हैं।
  • इस उपाय से कमर और घुटने का दर्द पूरी तरह से खत्म हो जाता है।

घर के क्लेश को दूर करने का उपाय

उपाय : 1 

  • किसी के घर अगर बहुत ज्यादा क्लेश, लड़ाइ झगड़े वाली हालत बनी हुई हो तो उसे इस उपाय को कर के जरूर देखना चाहिए।
  • कैसे करना है: अपने घर के पास वाले कोई भी मंदिर जाए, मंदिर की चौखट पर पोंछा लगा कर साफ करे।इसके बाद चौखट के दोनों तरफ स्वास्तिक का निर्माण करे।दोनो स्वास्तिक पर कोई सा भी सफेद फूल समर्पित करे।
  • भगवान को प्रणाम करे और अपनी गलती की माफ़ी मांगे, घर में शांति आने की कामना करे।
  • स्वास्तिक पर चढ़े दोनो सफेद फूल को उठा कर घर ले आये और किसी स्थान पर सुरक्षित रख दे।
  • इस उपाय से घर का कलेश समाप्त होने लगता है।

उपाय : 2

  • परिवार में अगर बहुत क्लेश की स्थिति बनी रहती हो या विवाद हो रहा हो, अशांति का माहोल हो तो थोड़ी सी शक्कर ले कर घर के चारो कोने में स्पर्श करके, बेल पत्री के वृक्ष के नीचे समर्पित कर दे और एक लोटा जल चढ़ा दे।
  • कितना भी बुरा विवाद या क्लेश हो, 10 से 15 मिनट के अंदर शांति का माहोल बन जाएगा।

दुर्बा से रोग मुक्ति के सरल उपाय 

उपाय : 1

  • अगर कोई व्यक्ति भारी बीमारी से जूझ रहा हो, या फिर रोग लगा ही रहता हो, खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा हो तो प्रदोष के दिन दूर्बा का यह उपाय करके जरूर देखें।
  • कैसे करना है: एक दूर्बा घास लेकर शिव जी के मंदिर जाए। शिवलिंग का जल जलाधारी से होते हुए जिस स्थान पर नीचे गिरता है, उस जमीन वाली स्थान पर दूर्बा को अपनी रोग मुक्ति की कामना करते हुए और अवधूतेश्वर महादेव का स्मरण करके रख दीजिये।
  • इस उपाय को करने से आपके जीवन में कभी कोई बड़ी बीमारी नहीं आ सकती।

उपाय : 2

  • अगर किसी व्यक्ति की किडनी या लीवर पूरी तरह से खराब हो गया हो, या फिर डायलिसिस चल रहा हो, तो ऐसे में सावन महीने के किसी भी दिन एक दूर्बा शंकर भगवान को समर्पित करनी चाहिए।
  • कैसे करना है: एक दूर्बा को शिवलिंग के कटिभाग (माता पार्वती का हस्तकमल) वाले स्थान पर अपनी बीमारी ठीक होने की कामना करते हुए समर्पित कर देना है।
  • बाबा की पूजा अर्चना कर लेने के बाद उस दूर्बा को उठा कर घर ले आए । इस दूर्बा के 7 टुकड़े कर ले और रोज़ 7 दिन तक एक टुकडा दूर्बा सुबह के समय चबा- चबा के खा ले या पानी के साथ पी जाए।
  • किडनी, लीवर से जुडी किसी भी तरह की समस्या हो, इस उपाय से खत्म होने लगती है। डायलिसिस भी चल रहा हो तो वो भी बंद हो जाता है।

शिवमहापुराण में बताए हनुमान जी के विशेष उपाय

1. कार्य सिद्धि के लिए आक के पत्ते की माला

किसी भी कार्य की सिद्धि के लिए, बरजरंगबली को आक (मंदार’,’अर्क’, अकौआ) के पत्तो की माला समर्पित करना चाहिए। 108 आक के पत्तो को ले आए। 107 पत्तो पर सिंदूर से सीताराम लिखे। एक पत्ती पर कुछ न लिखे, और यह पत्ता को माला में पिरोने से पहले अपने दाहिने हाथ की हथेली पर रख कर बाएं हाथ से कवर करके अपने मन की कामना बोले और फिर माला में कहीं पर भी बांध दे।इसके बाद हनुमान जी के मंदिर जा कर इस माला को चढ़ा दे अपनी कामना करके। साथ ही एक घी और एक तेल का दिया लंबी बाती का जलाए भगवान के सामने।यह उपाय को किसी भी दिन किया जा सकता है।आपकी मनोकामना हनुमानजी जी 3 महीने के अंदर पूरी कर देंगे।

2. रोग से मुक्ति के लिए पीपल के पत्ते की माला

108 पीपल के पत्ते की माला बनाए। हर एक पत्ते पर हनुमान चालीसा का स्मरण करना है। यानि हनुमान चालीसा पढ़ते  जाए और माला में गांठ लगाते जाए। यदि किसी व्यक्ति को कैंसर हो या कोई और भारी रोग हो तो इस माला को उसे स्पर्श करवा कर हनुमान जी महाराज को चढ़ा दे। लेकिन इस उपाय को केवल शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन ही करना है।2 या 3 अष्टमी कर के देखे, रोग अपने आप समाप्त होने लगेगा।

3. पढाई, नौकरी, परीक्षा के लिए बेल पत्र की माला

जो व्यक्ति परीक्षा में बैठने वाला हो या किसी नौकरी के लिए अप्लाई कर रहा हो उसे अपने कार्य में सफलता के लिए प्रदोष वाले दिन 108 बेल पत्र की माला बनाना है।माला बनाते वक्त श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का स्मरण करते जाए और माला में गांठ लगाते जाए। फ़िर पूर्वमुखी हनुमान जी के मंदिर जाए। माला को हनुमान जी के सामने पकड़ कर हनुमान चालीसा का 3 पाठ करे और फिर माला हनुमान जी को पहना दे।आपको आपके कार्य में सफलता निश्चित रूप से मिलेगी।

नेत्र ज्योति बढ़ाने का उपाय।

  • अगर किसी के आंखों की रोशनी कमज़ोर हो रही हो तो शंकर भगवान के शिवलिंग के पास आप दक्षिण दिशा में बैठ जाए।शिवलिंग का जो भाग आपके सामने है वहां आपको लाल चंदन का लेपन करना है। इसके साथ ही चंपेश्वर महादेव का स्मरण करना है। (इस बात का विशेष ध्यान रखिये की पूरे शिवलिंग पे लेपन नहीं करना है। बस जो हिस्सा आपके सम्मुख है उतने पे ही चंदन को लगाना है)।
  • फिर जहां माता अशोक सुंदरी का स्थान है, वहां पर आपको शहद की 7 बिंदी लगानी है और हाटकेश्वर महादेव का स्मरण करना है।इसके बाद बाबा से निवेदन करिए।
  • अब शहद की जो 7 बिंदी लगाए है और चंदन को एक छोटी सी कटोरी में उठा कर घर ले आए।शाम को प्रदोषकाल के समय शहद को अपनी आंखें में काजल जैसा लगाना है और ऊपर की तरफ देखना है बिना पलक झपकाये। 1 से 2 मिनट भी देख लिया तो भी काफ़ी है।
  • जो चंदन लेकर आए हैं उसे आंखों के नीचे भाग में लगाना है। इससे आंखों के नीचे जो कलापन आ जाता है वो समाप्त हो जाता है।
  • इस शहद के प्रयोग से नारी के राजोधर्म से जुडी समस्या भी ठीक होती है। जिस नारी को पीरियड्स में किसी भी तरह की कोई समस्या हो वो अगर इस शहद को थोड़ा सा चाट ले तो उसके पीरियड्स से जुडी सभी प्रकार की समस्याएं समाप्त होने लगती है।

कार्य सिद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए उपाय

  • गर किसी के विवाह में देरी हो रही हो या कोई नया काम शुरू करने में किसी तरह की रुकावत आ रही हो, नौकरी नहीं लग रही या व्यापार नहीं चल रहा हो तो मंगलवार के दिन एक धतूरा ले और उसे फोड कर उसके अंदर का फल निकाल ले।शंकर भगवान के शिवलिंग पर एक लोटा जल समर्पित कर करने के बाद धतुरे का फल चढ़ा दीजिये अपनी मनोकामना करते हुए।जिस भी उद्देश्य से आपने समर्पित किया है उसमे देरी नहीं होगी।

त्रिकुंड लगाकर चमकाए अपना भाग्य

  • अगर आपका समय अच्छा नहीं चल रहा है और आप चाहते हैं की आपका भाग्य चमक उठे तो हर सोमवार के दिन अपने माथे पर चंदन का त्रिकुंड लगाना शुरू कर दे। इससे आप का भाग्य एकदम लकी हो जाएगा।

शिवमहापुराण के उपाय बच्चों के लिए

उपाय 1:

जो बच्चा बहुत ज़िद्दी हो उसके हाथ से सोमवार की अष्टमी के दिन एक कटोरी शक्कर भगवान शिव जी के शिवलिंग पर समर्पित करवा दे, अवधूतेश्वर महादेव के नाम से। बच्चा कभी जिदपन नहीं करता फिर।

उपाय 2:

अगर किसी का बच्चा जो 8 साल के अंदर का हो और वो बार बार बीमार पड़ रहा हो जैसे सरदी खासी बनी ही रहती हो, या बार बार डॉक्टर के पास जाना पड़ रहा हो तो एक आटा का दिया बनाओ, उसमे 4 बाती रखो, तिल का तेल डालो। अवधूतेश्वर महादेव के नाम से उस दिए को बच्चे के ऊपर से 21 बार उतार लो। फिर किसी चौराहे पर लेजा कर रख दो। जिंदगी में बच्चा कभी बीमार नहीं पड़ेगा और स्वस्थ रहेगा।

पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करने से क्या फल मिलता है

  • शिवलिंग का स्नान 5 वस्तु से होता है। दूध, दही, घी, शहद, और शक्कर।
  • ये पांच चीजो को चढाने से क्या फल मिलता है आइए जाने।
    • दूध – संतान की वृद्धि होती है।
    • दही – परिवार में प्रेम बढ़ता है।
    • घी – रोग दूर होता है।
    • शहद – संपदा की वृद्धि होती है।
    • शक्कर – घर के बच्चे ज़िद्दी नहीं होते।

चने की दाल के उपाय

उपाय: 1

  • जिस नारी को रजो धर्म से जुड़ी कोई भी समस्या होती है उसे चने की दाल के 7 दाने एक कटोरी में रख कर, उसमे तुलसी के 3 पत्ती डाल कर, अपनी मनोकामना बोल कर, तुलसी के वृक्ष में 3 बार जल छोड देना चाहिए।
  • फिर कटोरी को ले जाए और उसमें जो दाल और तुलसी है उसे सुबह, दोपहर और शाम में एक-एक कर के खा लिजिये।
  • इस उपाय से रजोधर्म से जुडी किसी भी तरह की बिमारी समाप्त हो जाती है।

उपाय: 2

  • अगर कोई प्लॉट या जमीन है जो नहीं बिक रही है, और आप बहुत परेशान हो चुके है तो चने की दाल को रविवार की रात को भीगो दीजिये।सोमवार को सुबह दाल में चंदन मिला कर सिल बट्टे पे पीस लीजिये। (याद रखिये की मिक्सर में नहीं पीसना है)।
  • ग्राइंड करने के बाद उसमें थोड़ा सा दूध मिला कर शंकर भगवान के मंदिर लेजाए। शिवलिंग पर इसका लेपन करिये उसके बाद अपनी कामना करके शिवलिंग पर अपनी तीन अंगुलियां लगा लिजिये (जिस तरह से त्रिकुंड लगाने के लिए तीन अंगुलियां लगाते है)।
  • उंगलियों को हटाते समय जो लेपन आपने लगाया है उसे अपनी तीनो उंगलियों से थोड़ा सा उठा लिजिये और लेकर घर आ जाए। किसी भी एक फूल में उस लेपन को लगा कर उस जमीन या प्लॉट पर कहीं भी डाल दीजिये जो बिक नहीं रही है।
  • इस उपाय से उस जमीन के ग्राहक आना चालू हो जाएंगे और वो संपत्ति आपके कामना के अनुसारी बिक जाएगी।

उपाय: 3

  • अगर आपका संपत्ति खरीदने-बिक्री का काम है और उसमें आपको लाभ नहीं हो रहा है तो प्रदोष के दिन प्रदोष काल में 108 चने की दाल लेजाकर अपनी कामना करके शिवलिंग पे समर्पित कर दे। फिर वही 108 चने की दाल उठा के ले आए और एक पीले कपड़े में बांध कर अपनी पॉकेट में रख के जमीन का सौदा करने जाइए। आपका लाभ होना चालू हो जाएगा।
  • इस उपाय को आप उस जमीन के लिए भी कर सकते हैं जिसके ऊपर फसल अच्छी नहीं होती हो। इस मामले में आप 108 दाने चने की दाल को पीले रुमाल में बांध कर उस जमीन में कहीं भी रख दे।

व्यापार, या दुकान में उन्नति के लिए उपाय

कोई फैक्ट्री या व्यापार नहीं चल रहा है तो एक कांच की कटोरी में कपूर के 7 टुकड़े, फिटकरी के 2 टुकड़े और खड़े नमक का एक टुकड़ा रख दे। 15 दिन तक उसे अपने व्यापार, दुकान वाली जगह रखा रहने दे। अपने आप आपको व्यापार में फ़र्क नज़र आने लगेगा।

कपूर से करे घर की अशांति को दूर

अगर आपके घर में बहुत ज्यादा अशांति, लड़ाई, झगड़ा या क्लेश बना रहता हो तो एक कपूर के 4 टुकड़े कर के अपने घर के चारो दिशा में रख दे। कितना भी झगड़ा चल रहा होगा अपने आप शांति हो जाएगी 5 या 7 मिनट में।

कौन से दो वृक्ष है जिनका दान कभी नहीं देना चाहिए

  • दो वृक्ष ऐसे होते हैं जिनका दान कभी नहीं देना चाहिए।
  • पहला है मनी प्लांट और दूसरा है आंवला का पेड़।
  • ऐसा करने से घर में रखी हुई संपदा समाप्त होने लगती है।
  • अपने घर से अगर ये दो वृक्ष आप किसी को देते हैं तो आप भले कितना भी प्रयास और मेहनत कर ले पर आपके घर संपदा कभी नहीं टिकेगी।

वंश वृद्धि का उपाय

  • श्रावण माह का पहला दिन और आखिरी दिन तुमरुका जी का नाम लेकर अशोक सुंदरी वाली जगह पर एक बेल पत्र जो समर्पित कर देता है तो उसके घर में वंश की कभी कमी नहीं आती। संतान अवश्य प्राप्त होता है, वंश बढ़ता है।

नमक की ढेली से करे घर की अशांति और क्लेश को समाप्त

  • जिसके घर में कभी शांति नहीं रहती हो उसे रविवार के दिन खड़े नमक की एक ढेली लेकर अपने घर की झाड़ू पर से 5 बार उतार लेना चाहिए शंकर भगवान का स्मरण करके और फिर वो नमक बाहर फेक देना चाहिए।
  • इस उपाय से घर के किसी भी सदस्य के बीच दुबारा झगड़ा नहीं हो सकता है और आपस में प्रेम बढ़ जाएगा।
  • 2, 4 बार ही यह उपाय को करने से घर का क्लेश हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा।

धतूरा समर्पित करने से मिलेगी रोग से मुक्ति

उपाय 1:

  • अगर किसी को विशेष कोई बिमारी हो गई हो या कोई बड़ी तकलीफ आ गई हो जिसका निवारन नहीं हो रहा है तो आप धतूरा चढाये।धतूरे में अबीर लगा कर भगवान शिव को समर्पित करने से रोग से मुक्ति मिलती है।

उपाय 2:

  • बेल पत्र के पेड़ के नीचे शिवलिंग का निर्माण करके एक धतूरा समर्पित करने से रोग से मुक्ति मिलती है। लेकिन इस धतूरे में कुछ भी नहीं लगाना है, जैसी हल्दी, चंदन या अबीर।

कुंदकेश्वर महादेव के अनोखे उपाय

  • जिस नारी को पीरियड्स (रजोधर्म) से संबंधित कोई भी समस्या या रोग चल रहा हो, तो उसके लिए घर का कोई भी सदस्य एक बेल पत्र को बेल के पेड़ के जड़ मे समर्पित कर दे। बीच वाली पत्ती का जो चिकना हिस्सा है वो नीचे के तरफ होना चाहिए, यानी जिस तरफ हम चंदन लगाते हैं, वो भाग जड़ के तरफ होना चाहिए।
  • पत्ती को रख कर 7 बार उसी पर जल चढना है कुंदकेश्वर महादेव का नाम लेकर।
  • फिर उस पत्ती को वापस लाकर उस नारी को खिला देना है जिसे पीरियड्स से जुडी किसी भी तरह की कोई भी तकलीफ हो।
  • इस उपाय को करने के बाद नारी के पीरियड्स से जुडी कैसी भी समस्या हो वो हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है।

सफलता के लिए बांधे आमले के वृक्ष पे लाल धागा 

  • आपका कोई काम ऐसा है जो बहुत दिन से उलझा हुआ है, तो किसी भी नवमी के दिन, आमले के पेड़ के नीचे घी का दिया जलाकर, लाल मोली धागा लेकर 5 परिक्रमा आमले के वृक्ष की करिए।
  • इसके बाद धागा वही छोड़ दिजिये।एक छोटा सा मोली अलग से ले लीजिये और उसे आमले के पेड़ के किसी भी टहनी पे अपने मन की कामना कर के बांध दीजिये।
  • दशमी तिथि को वापस जाना है आमले के पेड़ के पास और घी का दिया लगाये।
  • जो मोली आपने पेड़ के टहनी पे बंधी थी उसे खोल कर घर ले आए और अपने हाथ की कलाई पे उसे बांध लीजिये।
  • आपका जो भी काम अटक रहा है वहा इस मोली को बांध के चले जाए या उस काम को करने के लिए निकल जाए।
  • उस काम में आपको सफलता प्राप्त हो कर ही रहेगी।

महादेव का सरल उपाय जो दिलाएगा सब तकलीफो से मुक्ति

  • कोई बहुत बड़ी तकलीफ या दुख हो आपके जीवन जिसका कोई निवारण नहीं दिख रहा है तो जहा शंकर भगवान के शिवलिंग की जलाधारी में से पानी नीचे गिरता है उस स्थान पर अपने दाहिने हाथ के हथेली को कुछ समय लगा कर रखे। और भगवान शंकर के किसी भी मंत्र का स्मरण करे। जैसे नमः शिवाय, ओम नमः शिवाय, श्री शिवाय नमस्तुभ्यं या महामृतुंजय मंत्र।
  • अपने दिल की बात भगवान शिव से कह दिजिये।
  • एक सप्ताह ऐसे कर के देखे।
  • बाबा आपके सभी मनोरथ को पूर्ण करना प्रारंभ कर देंगे।

शमी पत्र से मनोकामना पूर्ति का उपाय

  • शमी की 11, 21, 31 या 51 पत्तियां लेनी है।
  • सब पत्तियों को अपने दाहिने हाथ के हथेली के बीच में रख ले और अपने बाएं हाथ के हथेली को पत्तियों के ऊपर रख कर भगवान शंकर और गौरी शंकर का स्मरण करे और अपनी मनोकामना बोले।
  • फिर सब पत्तियों को शिवलिंग पर समर्पित कर दे।
  • इसके बाद वही दाहिने हाथ की हथेली को अपने हृदय से लगा ले।
  • इस उपाय को करने से भगवान शंकर हमारी सब मनोकामना पूरी कर देते हैं।

शिवलिंग की पूजा करते वक्त किस बात का ध्यान रखना चाहिए

  • भगवान शिव के शिवलिंग की पूजा करते वक्त इस बात का ध्यान रखना चाहिए की जलाधारी के ऊपर कोई भी खाने की वस्तु जैसे, फल, मिठाई, या कुछ भी भोग का समान, कभी नहीं रखना चाहिए।
  • क्योंकि ऐसा करने से हमारे ऊपर भार बनता है। जैसे कोई कार्य करने जा रहे हैं आप तो वो काम अटक जाएगा।
  • जलाधारी पर केवल पूजन का समान चढाना चाहिए।
  • साथ ही जलाधारी के ऊपर कभी भी दिया, धूप, अगरबत्ती भी जला के नही रखना चाहिए।
  • ऐसा करने वाले व्यक्ति को अपने घर के बच्चों से कभी भी कोई सुख नहीं मिलता है।

भगवान शंकर को त्रिकुंड लगाने का क्या फल होता है।

अगर कोई व्यक्ति भगवान शिव के शिवलिंग पर चंदन या अष्टगंध का त्रिकुंड बनाता है अपने तीन उंगलियों से, या फ़िर शिवलिंग पर जल चढाने के बाद कोई व्यक्ति अपनी तीन अंगुलियों से त्रिकुंड की रेखा ही खींच देता है बिना चंदन के ही तो शिवमहापुराण के अनुसार उस व्यक्ति को पार्थिव शिवलिंग के निर्माण और पूजन का फाल प्राप्त हो जाता है।

बड़ी से बड़ी बिमारी को जड़ से ठीक करने का उपाय

  • कोई बहुत बड़ी बिमारी हो गई है तो अश्विन अधिक मास के किसी भी दिन इस उपाय को जरूर कर के देखे।5 लौंग और 5 काली मिर्ची को अच्छे से कूट कर पीस ले। 5 माल पुए बनाए। अगर माल पुआ नहीं बना सकते तो कुछ भी मीठा बना ले जैसे बर्फी या जलेबी या जो आपको आसन लगे।
  • इसके बाद 3 माल पुए एक के ऊपर एक रख ले और उसके ऊपर पिसा हुआ लौंग और काली मिर्च रख दे। फिर 2 माल पुए और ले और काली मिर्ची + लौंग के ऊपर रख दे। यानी मिला कर 5 माल पुए हो जाएंगे।
  • बस याद रखना है की 3 माल पुए के बाद पिसी हुई लौंग और काली मिर्च और उसके ऊपर 2 माल पुए (या जो भी मीठा बनाया है आपने) उसे इसी मात्रा में रखना है।
  • अब पांचो माल पुए को एक हाथ में रख ले और दूसरा हाथ पांचो माल पुए के ऊपर रख के महादेव से विंति करे अपना नाम और गोत्र बोल के। और उस बीमारी का स्मरण करे जिसे आप हमेशा के लिए समाप्त करना चाहते हैं।
  • इसके बाद माल पुए को किसी नदी या तालाब या बहते जल में छोड दे जिससे की कोई मछली या जीव इसे खाले। इस उपाय को कर लेने से जो भी बिमारी है वो महादेव की कृपा से 4 से 6 महीने के अंदर समाप्त हो जाता है।

शंकर भगवान पर चढ़े जल से कैसे करे हर दुख और रोग को दूर

  • शंकर भगवान पे समर्पित किया हुआ जल यदी कोई व्यक्ति प्रतिदिन तीन जगह लगता है तो उस को नवग्रह कभी भी परेशान नहीं करते हैं और स्वयं भगवान शंकर उस व्यक्ति की हर मुसीबत और बिमारी से रक्षा करते हैं।
  • पहला स्थान है नेत्र (आँखें)।
  • दूसरा स्थान है कंठ।
  • और तीसरा स्थान है मस्तिष्क।

व्यापार में उन्नति या नौकरी में प्रमोशन (तरक्की) के लिए उपाय

  • अगर आपका व्यापार, दुकान नहीं चल रहा हो, धन नहीं आ रहा हो या नौकरी नहीं लग रही हो और बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा हो तो हर सोमवार एक घी का दिया बेल पत्र के पेड़ के नीचे और दूसरा घी का दिया शंकर भगवान के मंदिर की चौखट पे लगाना शुरू कर दीजिये।
  • सच्चे मन से अपनी मनोकामना बोल कर 2 या 3 सोमवार लगा कर देखिये। आपको फ़र्क खुद नज़र आएगा।

बेल पत्र से करे अपनी कोई भी मनोकामना की पूर्ति

  • शिवमहापुराण की कथा कहती है की 5 जगह बेल पत्री चढ़ानी चाहिए अपने मनोकामना की पूर्ति के लिए।
  • पहली बेल पत्र भगवान शंकर के मंदिर में प्रवेश करते समय मंदिर की चौखट पे एक तरफ।
  • दूसरा बेल पत्र नंदी के सिर पर।
  • तीसरा बेल पत्र भगवान शंकर की जलाधारी पर, जहां से पानी बह कर जा रहा है।
  • चौथा बेल पत्र शिवलिंग के ऊपर जो पात्र लगा रहता है जिसमे से बूंद-बूंद पानी शिवलिंग पर गिरता है, उसके ऊपर।
  • और पांचवां बेल पत्र भगवान शंकर के शिवलिंग के ऊपर।
  • अगर यह उपाय सोमवार की अष्टमी के दिन किया जाए तो व्यक्ति जिस किसी भी मनोकामना को सोच कर बेल पत्र चढ़ाता है, उसकी वो कामना 3 महीने में बाबा पूरी अवश्य कर देते हैं।
  • बेल पत्री समर्पित करते वक्त पत्ती की डंडी का मुख जलाधारी की तरफ होना चाहिए।

108 दाने अक्षत से करे अपनी मनोकामना पूर्ण

  • कोई विशेष कामना हो अगर आपके मन में जिसका पूरा होना बहुत जरूरी है और वो काम नहीं हो रहा तो 108 दाने अक्षत और पीला चंदन लेकर शिव मंदिर जाए।
  • बाबा को चंदन लगाये और फिर जो 108 दाने अक्षत के हैं वे अपने हाथों की हथेली पे रख ले। एक-एक कर के अक्षत के दाने नहीं चढाना है।
  • अपने मन की कामना करते हुए 108 दाने अक्षत को एक साथ बाबा को जहां आपने चंदन लगाया है उस स्थान पर अक्षत को लगा देना है या छोड़ देना है।
  • फिर बाबा पे सब छोड दिजिये।

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के चमत्कारी प्रभाव

  • शिवमहापुराण का मूल मंत्र: श्री शिवाय नमस्तुभ्यं 1000 महामृत्युंजय मंत्र के बराबर होता है।
  • अगर किसी इंसान को अचानक दिल का दौरा आ जाए और डॉक्टर बहुत दूर है तो एक लोटा जल लेकर उसमे अपने घर के बहार का कोई सा भी एक छोटा सा पत्थर या कंकड़ उठा कर जल के कलश में डाल दीजिये। फिर श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का जाप करके 21 बार उस इंसान से उतार कर पानी को बाहर फेक दीजिये। हार्ट अटैक की बीमारी से भी लोग बच जाते हैं।
  • किसी को बहुत तेज बुखार हो गया है जो उतर ही नहीं रहा है तो एक लोटा जल लो, उसमे थोड़ा सा पानी डाल लो और एक कंकड़ (पत्थर) डाल कर श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप करते हुए 7 बार बीमार व्यक्ति से उतार कर जल को पीपल के पेड़ मे समर्पित कर दो। बिमार इंसान एकदम स्वस्थ हो जाएगा।

संतान प्राप्ति के लिए सफ़ेद आक के जड़ का उपाय

  • अगर किसी के यहां संतान नहीं हो रही है, और बहुत साल निकल गए तो इस सफेद आक के उपाय तो जरूर करके देखे।
  • सफेद आक के जड़ को पति पत्नी लेकर आए। नारी के पीरियड्स के सातवें दिन शिव मंदिर जा कर शिवलिंग के ऊपर से उस जड़ को तुमरूका जी का नाम लेकर 21 बार घुमा लिजिये।
  • फिर शिव मंदिर में ही जहां नंदी महाराज का स्थान होता है वहा नंदी के पीछे खड़े हो कर शिवलिंग के दर्शन करते करते आक के जड़ को लाल धागे से नारी को अपने कमर में बांध लेना है तमरूका जी का नाम लेकर।
  • इसके साथ ही, एक पीपल का पत्ता शिवजी को कुंदकेश्वर महादेव के नाम से समर्पित करके घर ले आए और उसे गाय के दूध में उबाल कर  दोनो पति पत्नी को रात में सोने से पहले पी लेना है।
  • रोज़ मंदिर जा कर एक पत्ता समर्पित करना है और घर लेआकर उसका पान करना है। पीपल की पत्ती जब ठंडी हो जाए तो आप कहीं विसर्जित कर सकते हैं।
  • रोज़ मंदिर जाना संभव ना हो तो एक दिन में 5 पत्ती समर्पित करके 5 दिन उस पत्ती का उपयोग कर सकते हैं एक-एक कर के। 5 दिन बाद जब पत्ती खतम हो जाए तो फिर 5 पत्ती समर्पित करके ले आए और नियम से इसका पान करते रहे जब तक आपकी मनोकामना पूरी ना हो जाए।
  • बाबा से दिल से विनती करना। आपकी मनोकामना भी महादेव जरूर पूरी करेंगे।

पति पत्नी के बीच के विवाद को समाप्त करने का आसान उपाय

  • अगर घर में लड़ाई चल रही है, क्रोध हो रहा है, विवाद हो रहा है, या पति पत्नी में झगड़ा हो रहा है, बात तलाक और अदालत तक भी पहुंच गई हो तो एक श्रीफल (नारियल) पूरे घर में घूमाकर, एक मोली उनके नाम की जिनके बीच विवाद चल रही हो और तुम्बुरुका जी का नाम स्मरण करके श्रीफल पे लपेट दीजिये।
  • फिर इस श्रीफल को भगवान शंकर को समर्पित कर दिजिए तुम्बुरुका जी के नाम से।
  • पति पत्नी के बीच तलाक की नौबत भी आ गई हो तो भी दोनो में प्रेम हो जाता है। और घर के किसी दूसरे सदस्य के बीच भी विवाद चल रहा हो तो आपस में फिर से प्यार बढ़ जाता है।

कुंदकेश्वर महादेव के नाम के जल से करे किसी भी ग्रह की शांति

  • एक कलश जल भगवान शंकर के शिवलिंग पर कुंदकेश्वर महादेव के नाम से समर्पित करे और उसमे से थोड़ा सा जल बचा कर पीपल के पेड़ में समर्पित कर दीजिये कुंदकेश्वर महादेव का नाम स्मरण करके।
  • नवग्रह में से जो भी ग्रह आपके जीवन में समस्या कर रहे होंगे वो अपने आप अनुकूल होना शुरू हो जाएंगे।

क्रोध को शांत करने के लिए मूंगा का उपाय

  • अगर किसी व्यक्ति को बहुत ज्यादा गुस्सा आता है और गुस्सा कंट्रोल नहीं होता है जिस कारण से बाद में अफ्सोस भी होता है तो ऐसे इंसान को मूंगे का जल शिवलिंग पर रोज चढाना चाहिए।
  • मात्र 15 से 20 दिन भी लगातार जल को चढा लिया तो क्रोध नियंत्रण में आ जाता है। कितना भी तेज गुस्सा आता हो, वो अपने आप शांत होने लग जाएगा।
  • अगर मूंगा ना मिले तो जल के पात्र में एक दाना हरी मूंग का डाल कर उस जल को चढाये।

मंगल दोष के प्रभाव को हटाने का उपाय

  • जिस व्यक्ति की पत्रिका में मंगल दोष होता है जिसकी वजह से उसकी शादी में विघ्न आ रही हो या शादी सुदा जिंदगी टूटने के कगार पर हो तो कहीं से एक मूंगा ले आए।
  • मूंगे को पानी में डाल कर उस जल को भगवान शिव जी के शिवलिंग पर 31 दिन लगातार चढाये।
  • शादी में आ रही सब रुकावत अपने आप हटने लग जाएगी और पति पत्नी के बीच बिगड़ता रिश्ता भी वापस से जुड जाएगा।

शिव पंचायत का विशेष उपाय

  • अगर किसी नारी का पति किसी दूसरी स्त्री के चक्कर में आ जाए या कोई अलग जगह उसकी दोस्ती बढ़ती जा रही जैसे जुआ या व्यसन तो अपने पति को सही मार्ग पर लाने के लिए अपने पति से किसी तरह की शिकायत नहीं करनी है, बल्कि शिव पंचायत मंदिर जा कर एक आसान सा उपाय कर ले।
  • शिव पंचायत मंदिर उसे कहा जाता है जहां भगवान शंकर, भगवान विष्णु, मां दुर्गा, भगवान गणेश और भगवान सूर्य नारायण बैठे हो।
  • शिव पंचायत मंदिर जा कर देवीजी के सामने एक पान के पत्ते पर माखन रख कर अपने मन की कामना करते हुए अपने पति का नाम और दूसरी स्त्री का नाम लेकर पान और माखन मां को समर्पित कर दे। एक दूसरे पान के पत्ते पर भी माखन रख कर मंदिर के पीछे रख दे।
  • शिव पंचायत में अपनी बात पंचो के सामने चुप चाप रख देना है। सब कुछ पंचायत पे छोड दे।
  • 3 महीने के अंदर आपका पति आपके पास वापस आ गया होगा।
ऐसा मंत्र जो दिलाएगा सब दोष से मुक्ति
किसी भी भगवान के मंत्र का पाठ या जाप करने से पहले अगर पंचाक्षर मंत्र का जाप किया जाए तो उस मंत्र में हुए किसी भी प्रकार की ग़लती का कोई दोष नहीं लगता है। सब दोष को भगवान शिव संभाल लेते हैं।

आप किसी भी भगवान के मंत्र के पाठ के पहले पंचाक्षर मंत्र का उपयोग कर सकते हैं।

पंचाक्षर मंत्र है – नमः शिवाय।

महामृत्युंजय मंत्र दिलायेगा सब रोगो से मुक्ति

हर शुक्रवार के दिन बेल पत्र के पेड़ के नीचे बैठ कर एक घी का दिया लगाकर, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से किसी भी तरह का रोग हो वह धीरे धीरे खत्म होने लगता है। इस उपाय को भारी से भारी रोग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

सोरायसिस, सफेद दाग या खुजली के लिए उपाय

  • अगर आपके शरीर पर कहीं भी त्वचा सफेद पड़ने लगी हो या त्वचा से संबंधित कोई भी समस्या हो गई हो तो बेल पत्र की बीच वाली पत्ती पर लाल चंदन और बाकी दोनो पत्ते पर पीला चंदन लगा ले।
  • अपने मन की कामना बोल कर अशोक सुंदरी माता वाली जगह पर समर्पित कर दे।
  • बेल पत्री की डंडी का मुख पानी नीचे गिरने वाले दिशा में रखना है। पत्ती पे लाल चंदन वाला भाग शिवलिंग को टच करना चाहिए और दोनो पीले चंदन वाला भाग अशोक सुंदरी माता के ऊपर टच होना चाहिए।
  •  इसके बाद एक लोटा जल शिवलिंग को समर्पित करे ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हुए। जल बेल पत्र से होता हुआ जब गिरने लगे तो उस जल को एक पात्र में उठा ले।
  • नंदी बाबा के पास कुछ देर बैठ कर श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का जाप करे और बाबा से विंति करे।
  • जल को लेकर घर आए और दाद खाज या सफेद दाग वाले जगह या सोरायसिस जैसी बिमारी के लिए प्रयोग करना शुरू कर दे।
  • अगर इस उपाय को 15 से 20 दिन नियम से कर ले तो काया अपने रूप में आना प्रारम्भ हो जाती है।
ओम अक्षर से कैसे करे अपनी समस्या का समाधान
जब कभी ऐसा लगे की आपका जीवन बहुत कठिनाइयों से भरा है और आपकी समस्या का हल ही नहीं मिल रहा, तो लाल चंदन को घिस कर एक कटोरी में लेकर शिवजी के मंदिर जाए प्रदोष के दिन प्रदोषकाल में। शिवलिंग पर यह चंदन को लगा कर वापस कटोरी में उठा ले। अब इस चंदन को लेकर बेल पत्री के पेड़ के नीचे जाएंगे और बेल पत्री के जड़ में लाल चंदन से ओम अक्षर को बनायेंगे। इसके बाद उसके ऊपर एक बेल पत्र समर्पित कर दे। शिवजी से अपनी मन की कामना बोलिये और बाबा के भरोसे सब छोड दीजिये। ज्यादा से ज्यादा एक हफ्ते में बाबा आपकी समस्या का समाधान करना प्रारं कर देंगे।

काली तिल से करे कम्पन रोग का इलाज।

  • आपके हाथ या शरीर के किसी भी भाग में अगर कम्पन रहती है तो थोड़ी सी काली तिल शंकर भगवान को किसी भी सोमवार के दिन समर्पित करे।
  • उसके बाद एक बेल पत्र और एक शमी पत्र चढाये।
  • बाबा से विंति करे और फिर जो बेल और शमी की पत्तियां है उसे उठा कर जहां से जल नीचे की तरफ गिरता है वहां रख दे।
  • काली तिल को उठा कर घर ले आए और एक डब्बे में भर के रख ले।
  • रोजना सुबह में कुछ भी खाने से पहले तिल के दो दाने हाटकेश्वर महादेव का नाम ले कर खाना चालू कर दे।
  • 8 से 9 दिन लगातार खाने से हाथ का कम्पन ठीक हो जाएगा।

धतूरा कैसे समर्पित करे कि जीवन की सब बाधाएं खत्म हो जाएं

  • शिवलिंग पर धतूरा समर्पित करने के बाद उस धतूरे पर अक्षत के कुछ दाने समर्पित कर देने से हमारे जीवन के सब रोग, दोष, दुख, कष्ट हमेशा के लिए समाप्त हो जाते हैं।

भाग्य की रेखा सुधारने वाला उपाय

  • बेल पत्र की बीच वाली पत्ती पर चंदन लगाना है।
  • तीनों पत्तियों का मिलन जिस जगह पर होता है उस बिंदु पर शहद लगाना है।
  • इस तरह से चंदन और शहद लगाकर बेल पत्र शिवजी के शिवलिंग पर समर्पित करने से हमारे भाग्य की रेखा बदल जाती है, फिर चाहे यह कितनी भी विपरीत रेखा हो।
ब्लड प्रेशर (बीपी) की शिकायत है तो करे इस उपाय को
एक कलश जल में 7 पत्ते नीम और 7 पत्ते बेल पत्र की डाल लीजिये।
जिस व्यक्ति का ब्लड प्रेशर हाई/लो रहता हो, उसके रूम में कलश को एक प्लेट से कवर कर के रख दीजिये।
रात भर रखा रहने के बाद में सुबह, जिस व्यक्ति का बीपी हाई/लो रहता है उसको स्नान करने के बाद कलश के जल को ले जा कर शिवलिंग पर समर्पित कर देना है और उसी जल को हाथ में लेकर7 बार आचमन करना है, वही पर बैठा कर।
अगर रोज इस उपाय को कर रहे हैं तो 15 दिन में ही आराम हो जाता है और अगर केवल सोमवार के दिन कर रहे है तो 11 सोमवार कर लेने से बीपी लेवल में आ जाती और जीवन में कभी बीपी की शिकायत नहीं होती।

रुद्र चंदन से करे अपने सब दुख तकलीफो का अंत

  • किसी भी महीने की शिवरात्रि को भगवान शंकर को रुद्र चंदन समर्पित करने से कैसा भी रोग बिमारी हो सब हमेशा  के लिए समाप्त हो जाता है।
  • इस चंदन के अभिषेक से जो काम आपका नहीं होता, उसे आप प्राप्त कर सकते हैं। अपनी सब मनोकामना को पूरा कर सकते हैं।

रुद्र चंदन क्या होता है आइए देखते हैं।

  • पीला चंदन घीस कर उसे 3 मुखी रुद्राक्ष पर अच्छी तरह से लपेट ले। अच्छा मोटा परत लपेटना है ताकि रुद्राक्ष का कोई भी भाग दिखलाई ना दे।
  • लपेटने के बाद उसे अच्छे से गोला आकार देकर चिकना बना ले लड्डू जैसे। इसे कहते हैं रुद्र चंदन।
  • अब इस रुद्र चंदन को शंकर जी के शिवलिंग पे रख दीजिये और धीरे धीरे जल समर्पित करना शुरू करिये। उस रुद्राक्ष के ऊपर से आपको जल इस तरह से डालना है धीरे धीरे की जो चंदन रुद्राक्ष पे लपेटा हुआ है वो निकलता जाए और शंकर जी को समर्पित होता जाए।
  • जब तक रुद्राशा में से सारा चंदन नहीं निकल जाता तब तक आप जल समर्पित करते रहे। साथ ही शंकर जी के मूल मंत्र श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप भी करते रहिये।

पूर्णिमा के दिन के इस उपाय से करे सभी कार्यो की सिद्धि

  • अगर आप किसी विशेष काम को करने में बहुत सालो से लगे हैं, चाहे नौकरी हो, परीक्षा हो, व्यापार, शादी आदि आदि कुछ भी, और बहुत प्रयास के बाद भी आपको सफलता नहीं मिली हो तो एक बार पूर्णिमा की रात के इस उपाय को भी दिल से कर के जरूर देखें।
  • इसके लिए आपको चाहिए होगा 7 दाने अक्षत (चावल), केसर का इत्र, और एक सफेद फूल। अगर केसर का इत्र ना हो तो जो भी इत्र आपके घर में हो उसी का प्रयोग कर सकते हैं।
  • अगर पूर्णिमा की रात आपके घर के पास का शिव मंदिर खुला हो तो शिव मंदिर चले जाए। चावल के जो 7 दाने है उनको इत्र में भीगो ले और हाथ में रख के, सफेद फूल भी हाथ में रख के, अपनी कामना कर के शिवलिंग पे समर्पित कर दे।
  • मान लिजिये की शिव मंदिर नहीं खुला हो तो बेल पत्री के पेड़ के नीचे ये सब सामग्री समर्पित कर दे अपने मन की कामना करके और चंद्रदेव को देखते हुए।
  • बाबा की कृपा होगी तो अगली पूर्णिमा आने तक आपका काम पूरा हो गया होगा।

शादी नहीं हो रही तो करे मंगलवार का ये उपाय

  • अगर सब उपाय करने के बाद भी विवाह नहीं लग रहा हो और आप पूरी तरह से निराश हो गए हो, तो एक बार भोले बाबा के इस उपाय को पूरी श्रद्धा और विश्वास से कर के जरूर देखे।
  • किसी भी मंगलवार के दिन, थोड़े से कच्चे चावल को पका लीजिये। पकने के बाद चावल को ठंडा कर ले।
  • जिस बच्चे/बच्ची का विवाह नहीं हो रहा है, उसके हाथ से 21 बेल पत्र और 5 शमी पत्र चावल में डलवा दे, नाम और गोत्र बोल कर।
  • अब इस चावल को किसी भी शिव मंदिर ले जाए।शिवलिंग का सुंदर श्रृंगार इस चावल, बेल पत्र और शमी पत्र से करे।
  • फिर 7 लोटा पानी शिवलिंग पे समर्पित कर दे, अपनी कामना कर के, 7 फेरो के लिए, अच्छे पति/पत्नी मिलने के लिए और अच्छा घर मिलने के लिए।
  • पूजन करने के बाद चावल को वापस निकाल लिजिये।
  • शाम के समय प्रदोष काल में किसी भी नदी में चावल का विसर्जन कर दीजिये।
  • 3 से 3.5 महीने में मंगल विवाह पक्का हो जाएगा।

कुंकेश्वर महादेव के इस उपाय से करे मन की अशांति को दूर

  • जीवन में अगर कभी अशांति का अनुभव हो, घबराहट हो रही हो, आंख फड़क रही हो, कुछ अच्छा महसूस नहीं हो रहा हो तो एक सफेद रंग का कोई सा भी फूल ले लीजिये।
  • कुंकेश्वर महादेव का नाम लेकर उस फूल को अपने घर में सब तरफ घुमा कर शिवजी के मदिर में समर्पित कर के आ जाए। बाबा कुंकेश्वर इतनी पावर दे देंगे की मन की अशांति एकदम से गयब हो जाएगी।

किडनी डायलिसिस को रोकने का उपाय

  • पीपल के पेड़ के नीच मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग का निर्माण करिए।
  • पीपलेश्वर महादेव का नाम लेकर शिवलिंग की पूजा अर्चना करिये।
  • शिवलिंग पे 5 पीपल के छोटे छोटे पत्ते समर्पित करिये, 5 बेल के पत्ते और 5 शमी के पत्ते समर्पित करिये।
  • इसके बाद आरती पूजन कर दीजिये।
  • अब बाबा से विनती कर के 5 पीपल की पत्ती जो चढ़े हैं उसे उठा के घर ले आए।
  • जिस व्यक्ति का डायलिसिस चल रहा है उसे पांचो पत्ती पीस कर उसका रस निकाल कर पिला दीजिये।
  • शिवमहापुराण की कथा कहती है की 3 दिन बाद जा कर डॉक्टर को चेक करना। डॉक्टर डायलिसिस के लिए मना कर देगा।
  • बस पूर्ण विश्वास के साथ आप उपाय कर के देखें। बाबा आपकी सब मनोकामना पूरी कर देंगे।

कुंदकेश्वर महादेव के इस उपाय से करे सब दुखों का अंत

  • अगर आपका कोई बहुत अधिक विशेष काम अटक रहा है और बहुत कोशिश के बाद भी नहीं हो पा रहा या कहीं रुपिया पैसा अटक गया हो और बहुत प्रयास के बाद भी नहीं निकल रहा हो तो भगवान कुंदकेश्वर महादेव के इस उपाय को एक बार प्रयोग कर के देखे।
  • एक जल के लोटे में शुद्ध जल ले लेना है। 5 बेल पत्री और एक सफेद फूल ले लेना है।
  • शंकर जी के शिवलिंग पर पहले 5 बेल पत्र समर्पित कर देना है। उसके ऊपर सफेद फूल को कुंदकेश्वर महादेव का नाम ले के समर्पित कर देना है।
  • इसे बाद जिस भी कामना से आप उपाय को कर रहे हैं उस कामना को स्मरण कर के कुंदकेश्वर महादेव का नाम ले कर धीरे धीरे जल जो चढाये।
  • जल चढाते समय ध्यान रखिये की जल का छींटा आपके ऊपर न आए।
  • बाबा से विनती करे। बाबा आपकी कामना पूरी करेंगे।
शादी से संबंधित समस्या दूर करने के लिए नवरात्रि के पंचमी तिथि का उपाय
आपके घर में अगर किसी बच्चे के विवाह में देर हो रही हो और शादी लग नहीं पा रही हो तो चार नवरात्रि में किसी भी नवरात्रि के पंचमी तिथि के दिन इस उपाय को जरूर करें।
एक आम की पत्ती ले लीजिये। इस पत्ती पे 2 स्वास्तिक बनाना है। एक स्वस्तिक हल्दी का बनेगा और दूसरा स्वस्तिक सिंदूर का बनेगा। ध्यान रखना है की एक ही पत्ती पे दोनो स्वस्तिक बनाना है।
जो हल्दी का स्वस्तिक है उसपे रोली वाला चावल रखिए और जो सिंदूर का स्वस्तिक है उसपे हल्दी का चावल रखिए।
जिस बच्चे की शादी नहीं लग रही हो उसके हथेली पे इस पत्ती को रख दे और उस बच्चे का नाम और गोत्र बोल के इस पत्ती को नीम के पेड़ के नीचे रख आए।
इस उपाय को करने से सिर्फ 3 या 4 महीने के अंदर बच्चे/बच्ची का विवाह पक्का हो जाता है।

शमी वृक्ष के नीचे 7 मिनट भी बैठने से क्या होता है
शिव महापुराण की कथा कहती है की उमा और महेश दोनो ने जब स्नान किया तो उनके स्नान का जल एक जगह एकग्रित हो गया।
उस एकग्रित जल से एक वृक्ष का जन्म हुआ जिसे शमी वृक्ष कहते हैं।
भगवान शंकर कहते हैं की शमी पत्र का वृक्ष उमा और महेश के जल से उत्पन्न हुआ है, इसलिए सूर्य का तेज, चंद्र की आभा और नौ ग्रह का सुख इस शमीवृक्ष के अंदर रहेगा।
जो भी व्यक्ति भूल से भी इस शमी वृक्ष के नीचे 7 मिनट भी बैठेगा, उसके सारे ग्रह अनुकुल हो जाएंगे और भगवान शंकर की उसपे हमेशा कृपा बनी रहेगी।

अमावस्या के दिन करे पितृदोष से मुक्ति का ये महाउपाय
किसी भी नवरात्रि के पहले जो अमावस्या पड़ती है उस दिन एक कटोरी में चावल भर के उसमे कपूर का एक टुकड़ा रख दीजिये।
इस कटोरी को अमावस्या वाले दिन अपने दरवाजे के बहार रात भर रख दे।
सुबह कपूर को उसी कटोरी में ही पित्रो का स्मरण कर के जला दीजिये।
फिर चावल के दानो को किसी भी पेड़ की छाया में पक्षियों के लिए डाल दिजिये।
इस उपाय से पितृदोष समाप्त हो जाता है। रुके हुए काम बनने लग जाते हैं, और साथ में माता लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है।

गुस्सा, क्रोध, चिड़चिड़ापन कम करने का उपाय

  • पान, पीपल, या बेल पत्र के पत्ते में से कोई भी एक पत्ती जो आपको आसानी से मिल जाये वो ले लीजिये।
  • प्रदोष के दिन प्रदोषकाल में बेल पत्र के पेड़ के नीचे जाए।
  • जो पत्ता आपने लिया है, उस पत्ते पर थोड़ा सा शहद और 7 दाने चावल के रख कर, एक घी का दिया लगा दीजिये।
  • हाथ की अंजलि में थोड़ा सा जल ले के भगवान महादेव का स्मरण करिए की
    • बेल पत्र के पेड़ के नीचे माता लक्ष्मी, माता पार्वती और माता सरस्वती का निवास है और इसी पेड़ के नीचे महादेव के 12 ज्योतिर्लिंग का स्वरूप प्रकट है। सबका स्मरण करके जल को पेड़ के नीचे छोड़ दीजिये।
    • और फिर उसका स्मरण कर लीजिये जो गुस्सा करता है, क्रोध करता है और अपशब्द बोलता है, या सम्मान नहीं करता है।
    • बाबा से निवेदन करिये और जल को पेड़ के नीचे छोड़ दीजिये।
  • आप एक प्रदोष करेंगे और दूसरा प्रदोष आते आते उस व्यक्ति में शीतलता आ जाएगी।
  • 2 से 3 प्रदोष कर के देखें, बाबा कृपा करेंगे।

शिवलिंग का घी के अभिषेक से होती है मनोकामना पूरी

  • शिवमहापुराण में लिखा गया है की शिवजी के शिवलिंग का अभिषेक घी से करने के बाद, अपने घी लगे हुए उंगलियों को शिवलिंग पर ही माता पार्वती के हस्तकमल पर फेर देना चाहिए अपने मन की कामना करते हुए।
  • जो भी कामना आपने की होगी, उसे भोलेनाथ कुछ ही दिन में पूरा कर देते हैं।
  • जलाधारी पे जिस स्थान पर शिवलिंग रखा हुआ होता है उसे माता पार्वती का हस्तकमल माना जाता है।

शिवरात्रि पर बेल पत्र से मनोकामना पूर्ण करने का उपाय

  • हर महीने शिवरात्रि आती है।
  • नियम से हर महीने की शिवरात्रि पर शंकर जी को एक बेल पत्र समर्पित करना शुरू कर दे।
  • बेल पत्र चढ़ाते समय पत्ते की डंडी आपके विपरीत दिशा में होना चाहिए।
  • शिवलिंग की पूजा करने के बाद एक बेल पत्र शिवलिंग से उठा के नंदी जी के उठे हुए पाओ के पास समर्पित कर दे और अपने मन की कामना नंदी भगवान के कान में बोल के घर को चले जाएं।
  • आपके मन की कामना नंदीश्वर पूरी कर देंगे।

धन की कमी दूर करने का उपाय

जिसके घर में संपदा की कमी हो, उसे सोमवार के दिन शाम को बेल पत्र के पेड़ के नीचे घी का दिया लगाना चाहिए। 5 सोमवार ऐसा कर के देखें, अपने आप लक्ष्मी में बरकत होना शुरू हो जाता है।

शिवरात्रि के इस कुंदकेश्वर महादेव के उपाय से करे मनोकामना की पूर्ति

हर महीने की शिवरात्रि तिथि के दिन कुंदकेश्वर महादेव को सफेद फूल समर्पित करने से मन की कोई भी मनोकामना जल्द से जल्द पूरी हो जाती है।

किसी विशेष कामना को स्मरण करके हर महीने की शिवरात्रि पर शाम के समय प्रदोष काल में शंकर जी के शिवलिंग और जलाधारी का सफेद फूल की पंखुडिय़ों से श्रृंगार किया जाता है।

जिस मंदिर में कोई नहीं जाता उस मंदिर के शिवलिंग पे ये उपाय बहुत प्रभावशाली होता है।
एक शिवरात्रि पे ये उपाय कर के देखे और अगले महीने की शिवरात्रि आने तक खुद इसके लाभ का पता लग जाएगा।

हनुमान जी की नौ निधियो से करे जीवन की परेशानियों का अंत।

आइए जानें क्या है हनुमान जी की नौ निधियां।

  1. पद्म निधि
  2. महापद्म निधि
  3. नील निधि
  4. मुकुंद निधि
  5. नन्द निधि
  6. मकर निधि
  7. कच्छप निधि
  8. शंख निधि
  9. खर्व निधि

मकर निधि– इस निधि का स्मरण कर के हनुमान जी को किसी भी मंदिर में चूरमा का भोग तुलसी डाल कर लगाने से घर में कभी अन्नपूर्णा की कमी नहीं होती है।

नंद निधि– कोई व्यक्ति अगर बहुत बीमार पड़ा रहता हो, बहुत तकलीफ भोग रहा हो और कष्ट बहुत हो शरीर में, रोग मिट ही नहीं रहा हो तो प्रदोष के दिन बीमार व्यक्ति के हाथ से बेल पत्र में गाँठ लगा कर 41 बेल पत्र नंद निधि का स्मरण कर के हनुमान जी के गले में समर्पित करवा दे। 2 या 3 प्रदोष इस उपाय को करने से व्यक्ति का रोग धीरे-धीरे मिट जाता है।

खर्व निधि – अगर किसी का परिवार टूट रहा हो तो समझ लेना की उस घर में खर्व निधि की कमी है। इस निधि को जोड़ने के लिए महीने में एक बार कच्चे सूत की 108 बाती बना कर खर्व निधि के भाव से श्री हनुमान जी के मंदिर में दिया लगा दीजिये। अगर घर में बहू-बेटे में लड़ाइ है, सास-बहू में लडाई है, भाई-भाई, बाप-बेटे में लड़ाइ है या तलाक की भी नौबत आ गई है तो वे रिश्ते फिर से जुडने लग जाते हैं।

घर या दुकान के उद्घाटन से पहले करे यह उपाय

किसी मकान का, या दुकान का उद्घाटन करने से पहले ये उपाय करने से सुख, समृद्धि, धन की कभी कोई कमी नहीं रहती है।

पीपल, आंवला और बेल पत्री, तीनो पेड़ के नीचे की थोड़ी-थोड़ी मिट्टी और आक के पेड़ के नीचे की थोड़ी सी मिट्टी को गाय के गोबर और गोमूत्र में एक साथ मिला ले।

इस मिट्टी का थोड़ा सा भाग अपने दुकान या मकान में लीप लेना चाहिए।
इस उपाय को अपना नया दुकान शुरू करने से पहले, नए मकान के मुहूर्त में या नए घर में जाने से पहले, या घर में हवन पूजन हो रहा हो तो जरूर करे। सुख की अनुभूति होगी।


हनुमान चालीसा से करे मनोकामना की पूर्ति

कोई बहुत बड़ा संकट हो या समस्या हो तो उसके लिए हनुमान चालीसा का 11 दिन का पाठ करिए। इसके लिए हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर अपने सामने रख ले।

एक ताम्बे के कलश में जल भर लीजिये (ताम्बे का लोटा नहीं हो तो स्टील का भी ले सकते है)।

अब इस कलश में एक सिक्का कोई सा भी डाल दे और साथ में एक लौंग भी डाल दे। इस कलश को एक प्लेट से कवर कर के रख लीजिये।

हनुमान जी के सामने गाय के घी का एक दिया प्रज्वलित कर ले। अगर गाय का घी नहीं हो तो काली तिल के तेल का दिया लगा लीजिये।

 हनुमान जी के सामने आसन लगा कर 3 पाठ हर रोज करना है। ये ध्यान रखना है की एक ही आसन से रोज़ पाठ करना है वो भी एक ही समय पर।

जैसे पहले दिन आप सुबह 9 बजे बैठे पाठ करने तो 11 के 11 दिन आपको 9 बजे ही पाठ करना है।

11 दिन पूरे होने के बाद सिक्का और लौंग जल से निकाल के रख लीजिये।

जिस भी कामना से आपने पाठ किया है उस कार्य के लिए जल का प्रयोग करे। जैसे किसी से मिलने जाना है तो जल पी के जाए और यदी किसी से हाथ मिलाना है तो सिक्का और लौंग अपने हाथ में रख के जाए। जो भी आपकी समस्या है उसके लिए आप जल, लौंग और सिक्‍के का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

एकादशी के इस उपाय से धन से जुडी सब समस्या होती है समाप्त

अगर आपके घर में पैसा तो आ रहा है पर रुक नहीं रहा तो एकादशी के दिन गंगाजल में 7 बेल पत्री डाल कर शंकर जी के मंदिर में नंदी के चरण पे गंगा का जल चढा कर और बेल पत्र शिवलिंग पे समर्पित कर देने से आपका पैसा कभी कहीं गलत जगह नहीं लग सकता है जैसे जुआ या नशा, मांसाहार आदि।

और अगर आपने किसी को उधार पैसे भी दिए हैं तो वो पैसा कभी अटकता नहीं है। घर में पैसा रुकना प्रारम्भ हो जाता है।

एकादशी के इस उपाय से धन से जुडी सब समस्या होती है समाप्त

अगर आपके घर में पैसा तो आ रहा है पर रुक नहीं रहा तो एकादशी के दिन गंगाजल में 7 बेल पत्री डाल कर शंकर जी के मंदिर में नंदी के चरण पे गंगा का जल चढा कर और बेल पत्र शिवलिंग पे समर्पित कर देने से आपका पैसा कभी कहीं गलत जगह नहीं लग सकता है जैसे जुआ या नशा, मांसाहार आदि।

और अगर आपने किसी को उधार पैसे भी दिए हैं तो वो पैसा कभी अटकता नहीं है। घर में पैसा रुकना प्रारम्भ हो जाता है।

यदि जिसके घर में पैसा ही नहीं आ रहा हो, व्यापार नहीं चल रहा, नौकरी नहीं लग रही तो उस स्थिति में एकादशी के दिन एक पात्र में गंगा जल निकाल के उसमे तुलसी के 11 पत्ते डाल के किसी भी नारायण के मंदिर में रख दीजिये अपनी कामना करते हुए। जैसे राम जी का मंदिर, या कृष्णा जी का मंदिर, विष्णु जी या दत्त भगवान आदि का मंदिर।

कुछ देर पात्र को रखा रहने दे और फिर पात्र के जल को किसी भी पेड़ के नीचे डाल दीजिये।

इससे भी नौकरी, व्यापार या धन से संबंधित परेशानी समाप्त होती है।

कार्य सिद्धि के लिए सोमवार की अष्टमी का उपाय

अगर आपका कोई बहुत महत्वपूर्ण काम अटक रहा है तो सोमवार की अष्टमी वाले दिन एक लोटा जल और 7 बेल पत्र ले कर शिव मंदिर जाए।

बेल पत्तियों में जो बीच वाली पत्ती है उसपे केसर का चंदन बना के ओम लिखना है और बाकी दो पत्तियों पे केसर चंदन का तिलक लगाना है, माता पार्वती, गणेश रिद्धि सिद्धि कार्तिकेय का स्मरण कर के।

इन सातो बेल पत्तियों को शिवलिंग पे अशोक सुंदरी वाली जगह समर्पित कर दे।
अब बाबा से विनती करिये उस कार्य के लिए जो अटक रहा है और निवेदन करिये की बाबा आपके भरोसे ये कार्य किया है और अब आपको मेरा ये काम साधना है।

बाबा से आज्ञा लेकर जो बेल पत्र आपने समर्पित की है उसमे से एक पत्ती निकाल के वापस अपने साथ घर ले आए और उसे संजो के रखिए।

कोई धन खा के भाग गया हो तो करे ये उपाय

अगर कोई व्यक्ति आपका पैसा खा कर बैठ गया हो और बहुत दिन हो गए पर पैसा वापस देने का नाम ही नहीं ले रहा हो तो इस उपाय को करने का प्रयास करे।

एक अलोना कंडा ले लीजिये।

वो कंडा जिसको हाथ से थापा ना गया हो उसे अलोना कंडा कहते हैं। उसे अलोनी गोबरी भी कहते हैं। मतलब की गाय जो गोबर करती है वो वैसा का वैसा सूख जाए उसी को अलोनी गोबरी कहा जाता है।

अब इस कण्डे की भस्म तैयार करिये। इस भस्म में से थोड़ा सा भाग ले कर बेल पत्र के पेड़ के नीचे जाए और इससे एक छोटा सा शिवलिंग तैयार करे।

बेल पत्री के पेड़ के नीचे रख के भस्म की शिवलिंग की पूजा अर्चना कर के भगवान से निवेदन करे उस व्यक्ति का नाम स्मरण करते हुए जिनसे आपको अपना पैसा निकलवाना है।

पूजा करने के बाद उसी वृक्ष के नीचे भस्म के शिवलिंग का विसर्जन भी कर दे।

विसर्जन करने के लिए जल के लोटे से जल डाल कर धीरे-धीरे उस व्यक्ति का नाम स्मरण कर के छोड दिजिये।

उसी भस्म का तिलक लगा के वापस आ जाए।

अब या तो एक बार उस व्यक्ति से मिल के बात कर ले या फोन पर बात कर ले। उसके बाद बाबा सब संभाल लेंगे।

श्री शिव महापुराण में लिखित बेल पत्र खाने के लाभ 

सप्ताह में एक बार शंकर जी के शिवलिंग पर चढ़ी बेल पत्र को अवधूतेश्वर महादेव के नाम से खाना प्रारंभ कर देना चाहिए। इससे जिसको भी शुगर, बीपी, थायरॉइड जैसी समस्या है वो ख़त्म होना शुरू हो जाएगी। और जिसको भी घुटने से संबंधित समस्या होती है, या डॉक्टर ने घुटना बदलने को कहा है जीनको, उन्हे मुख्य शिवरात्रि वाले दिन रात को 12 बजे शंकर जी के शिवलिंग पे चढ़ी एक बेल पत्र शिव जी के मंदिर के बाहर खड़े हो कर शिखर को देखते देखते चबा चबा के खा लेना चाहिए तो घुटना बदलने की भी ज़रुरत नहीं पड़ती।

रात को 9:15 मिनट के इस उपाय से मिलेगी सब रोगो से मुक्ति

रात को 9:15 मिनट का एक समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर कोई व्यक्ति बहुत समय से अस्वस्थ हो, रोग खत्म ही नहीं हो रहा हो, या कोई बहुत बड़ी बीमारी हो गई हो तो किसी भी दिन रात को 9:15 मिनट पे शंकर जी के शिवलिंग पे आंवले के पानी का अभिषेक करे, दिया लगा के पूजा अर्चना करे। उसका नाम ले कर करिए जो रोग से पीड़ित हो।  घर के मंदिर में रखे शिवलिंग पर भी कर सकते हैं और मंदिर के शिवलिंग पर भी। ताजा आंवला नहीं मिले तो सूखे हुए आंवला को भी जल में डाल के अभिषेक कर सकते हैं। अगर सूखा आंवला भी ना मिले तो आंवला के पेड़ की पत्तियों को डाल के जल चढ़ा सकते है। भारी से भारी रोग इस उपाय से ठीक हो जाता है। 3 दिन ही करेंगे तो वेंटिलेटर पे भी पड़ा व्याक्ति छुट्‌टी कर के घर आ जाएगा।

इस उपाय से सब काम होंगे सफल

अगर आप किसी जरूरी काम के लिए कहीं जा रहे हैं तो निकल-ने से पहले दरवाजे की चौखट पर एक काली मिर्च रख के उसे अपने जूते चप्पल से फोड के धक्का मार के फिर निकल जाए। आपका काम सफल हो जाएगा।

शादी में आ रही बाधा दूर करने के उपाय

  1. किसी भी बुधवार के दिन एक तांबे के कलश में चने की दाल को भर लेना है, उसमे 2 गोल सुपारी, और 2 सिक्के रख कर पीले कपड़े से कलश का मुह बांध देना है। अब कलश का पूजन बुधवार और गुरुवार दोनों दिन करना है। ध्यान रखना है की गुरुवार को सुबह स्नान करने के बाद, बिना किसी से बात किए या बिना एक शब्द भी बोले और बिना मुह झूठा किए कलश का पूजन करना है। पूजा करने के बाद कलश को अपने बाएं हाथ पर रख कर दाहिने हाथ से उसे धक लिजिये। अब कलश को लेकर किसी ब्राह्मण के घर जाए पर ध्यान रखना है की इस बीच किसी से कोई बात नहीं करनी है। इसलिए ब्राह्मण के घर जाने के लिए अपने साथ किसी व्यक्ति को ले जाए जो ब्राह्मण का दरवाजा बाजा दे और उससे बात भी कर ले।इसके बाद आप अपने मन की कामना कर के कलश का दान ब्राह्मण को दे दिजिये और घर वापस आ जाए। यह उपाय करने के 3 से 4 महीने के अंदर विवाह पक्का हो जाता है।
  2. जिस लड़का या लड़की की शादी नहीं हो रही है वो सावन के महीने में किसी भी दिन शिव मंदिर जा कर अशोक सुंदरी वाली जगह पर चंदन की 3 बिंदी लगा दे। उसी तीन बिंदी में से थोड़ी थोड़ी चंदन उठा के घर ले आइए। जिस रूम में वो बच्चा या बच्ची सोते है उस कमरे में वो चंदन लगवा दिजिये। 6 महीने के अंदर शादी पक्की हो जाती है।
  3. महाराष्ट्र के पंढरपुर में स्थित चंद्रभागा नदी के बालू रेत का शिवलिंग बना कर उसकी पूजा अर्चना करने के बाद उसी नदी में विसर्जन कर देने से शादी जल्दी से जल्दी पक्की हो जाती है।
  4. 4 नवरात्रे में से किसी भी नवरात्रि की पंचमी तिथि को आम के एक पत्ते पे दो स्वास्तिक बनाना है। एक स्वास्तिक हल्दी का बनेगा और दूसरा स्वास्तिक सिंदूर का बनेगा। हल्दी वाले स्वास्तिक के ऊपर रोली के चावल रखना है और सिंदूर के स्वास्तिक के ऊपर हल्दी का चावल रखना है। जिस बच्चे/बच्ची का विवाह नहीं हो रहा हो उसके हथेली में ये पत्ती रख कर, उसका नाम और गोत्र बोल कर इस पत्ती को ले जा कर नीम के पेड़ के नीचे रख देना है। 3 से 4 महीने के अंदर विवाह पक्का हो जाता है।
  5. सोमवार के दिन बच्चे/बच्ची को शमी के पेड़ के नीचे बैठा कर, पेड़की जड़ की मिट्टी का तिलक लगाना है। अब लड़का/लड़की के हाथ में हल्दी लगा कर शमी के पेड़ पे छापे लगवाना है। इसके बाद वही बैठा कर उसका मुह मीठा करवा देना है। ऐसा करने से 3 महीने में विवाह पक्का हो जाता है।
शादी में आ रही रुकावत हटाने का उपाय

सोमवार की अष्टमी के दिन ताम्बूल में यानी पान के बीड़े में शौफ के जगह जीरा रख के शंकर जी के मंदिर में अशोक सुंदरी वाली जगह वो पान का बीड़ा रख दिया जाए तो 3 महीने में शादी पक्की हो जाती है।

शादी में आ रही बाधा दूर करने के लिए उपाय

1. अगर आपके बच्चों के संबंध नहीं हो रहे, बार बार रिश्ता पक्का करने जाते हैं और रिश्ता हो नहीं पाता तो पहली बार आपको अगर कोई लड़का या लड़की अच्छा लग रहा और आप चाहते हैं की इससे शादी होना चाहिए तो शंकर जी के मंदिर जा के शिवलिंग पे पहले एक काली मिर्च चढ़ा दे और उसके ऊपर एक बेल पत्री चढ़ा दिजिये अपनी मन की कामना करते हुए। बेल पत्री की डंडी का मुह आपके विपरीत दिशा में होनी चाहिए, आपकी तरफ नहीं होनी चाहिए। फिर आप जिससे चाहोगे उससे संबंध हो जाएगा।

संतान से जुडी समस्या का उपाय

अगर ऐसी नौबत आ जाए की गर्भ में जो बच्चा है वो नाल में उलझा हुआ है, तो एक लोटा पानी भरो और कुंदकेश्वर महादेव के नाम से शिवजी को चढा के आ जाओ बाबा से निवेदन और विनती कर के। बाकी सब बाबा पे छोड दो।

रोग और दवा मुक्ति का उपाय

अगर आप बहुत दिन से कोई दवा खा रहे हैं, लेकिन वो दवा आपके शरीर को लग ही नहीं रही है तो जब भी दवा खाए उसके पहले भगवान पशुपतिनाथ महादेव का नाम और भगवान कुंदकेश्वर महादेव का नाम स्मरण करे औरउसके बाद दवा खाए। ऐसा नियमित रूप से करने से दवा अपना असर करना शुरू कर देगी और आपका जो भी रोग है वो भी खत्म होने लगेगा।

आँखों से जुडी समस्या दूर करने का उपाय

मुख्य शिवरात्रि के दिन यानी महाशिवरात्रि के दिन शंकर जी के शिवलिंग पर रात को 12 बजे शहद चढाना है और एक बेल पत्र चढाना है। फिर हमें शहद को शिवलिंग से उठा के ले आना है। किसी बोतल में या शीशी में भर के रख लेना है। अब 3 महीने तक रोजाना यह शहद आंखों में काजल जैसा लगाना है। इस उपाय से आंखों की रोशनी बढ़ जाती है। आंखों से संबंधित सब बिमारी खतम होने लगती है।

नेत्रों की ज्योति बढ़ाने का उपाए

  1. हर महीने शिवरात्रि आती है। शिवरात्रि वाले दिन एक बेल पत्री की बीच वाली पत्ती पर शहद लगा लीजिये। शहद लगा के पत्ते को शंकर जी के शिवलिंग पे चिपका दीजिये। श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का स्मरण करिये या लिंगायत अष्टक का एक पाठ कर लीजिये। इसके बाद बेल पत्र को निकाल लीजिये और उसमे लगे शहद को एक शीशी में भर के रख लीजिये। बारहो महीने की शिवरात्रि पे ये उपाय करिये और शहद को वही शीश में भरते जाइए। जब पहले दिन इस उपाय को करे तो उस दिन से ही शहद को अपनी आंखों में काजल जैसा लगाना भी शुरू कर दे। धीरे-धीरे आपके आंखों की रोशनी भी बढ़ जाएगी और चश्मा भी उतर जाएगा। 
  2. शंकर जी के मंदिर जाए और तुम्बरुका जी का नाम ले कर एक घी का दिया लगाये। दिए पर एक प्लेट रख दीजिये और फिर इसका काजल निकाल के गाय के घी में मिला के आंखों में लगाना शुरू कर दीजिये। साथ ही तुम्बरुका जी का नाम स्मरण करते हुए, चांद को देखिए, नाम स्मरण करिए। इस उपाय से आंखों की रोशनी बढ़ेगी, चश्मा भी उतर जाएगा। 
  3. प्रदोष के दिन पीपल के पत्ते पर शहद लगाये, और उस शहद को शंकर जी के शिवलिंग पर कुंदकेश्वर महादेव का नाम ले कर समर्पित कर दीजिये। पत्ता चिपकाना नहीं है, पत्ते पे शहद रख के शिवलिंग पे तपकाना है। अब इस चढी हुई शहद को अपनी उंगली से उठा के पीपल के पत्ते पे वापस रख के घर ले आईये। इस शहद को नैनो में काजल जैसा लगाना शुरू करें भगवान कुंदकेश्वर महादेव का स्मरण करते हुए। शहद असली होना चाहिए। 3 से 5 दिन लगा के देखें। आपके आंखों की रोशनी बढ़ने लगेगी।

कामना पूर्ति के लिए शिव महापुराण के कुछ उत्तम उपाय

  1. एक लोटा जल लीजिये और उसमे थोड़ा सा लाल चंदन डाल लीजिये। इस जल को पहले अपनी कामना करते हुए बेल पत्र के पेड़ के नीचे थोड़ा सा चढ़ा दीजिये और बाकी जल शिवलिंग पे समर्पित कर दीजिये। इसके बाद में एक लोटा साफ पानी दुबारा शिवलिंग पे समर्पित कर दीजिये। इस उपाय को नियमित रूप से करने से आपके जो काम बहुत समय से अटक रहे हैं या बाधा आ रही है तो वो काम बनना शुरू हो जाते है।
  2. एक बेल की पत्ती लीजिये और उसकी तीनो पत्तीयो पे लाल चंदन का लेपन कर लीजिये। इस पत्ती को पहले बेल पत्र के पेड़ के नीचे समर्पित कर दे। अब इसी लाल चंदन वाली पत्ती को वापस उठा के श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का स्मरण कर के अपनी कामना करते हुए शिवलिंग पे चढ़ा दीजिये अघोरेश्वर महादेव के नाम से। इस उपाय को नियमित रूप से करना शुरू कर दीजिये, आपकी सब कामना बाबा 3 महीने में पूरी कर देंगे।

घर को काला जादू, टोना या चोरी से बचाने का उपाय

एक मिट्टी का कलश लीजिये, उसमे थोड़ा सा धान भर लीजिये और एक रुपिया या एक सिक्का डाल दिजिये, साथ ही एक बेल की पत्ती भी डाल लिजिये। अब इस कलश को किसी दीया से या प्लेट से या नारियल से ढक दिजिये। घर के ईशान कोण में यह कलश को रख दिजिये। अब आप अपने सफर पर चले जाएं जितने भी दिन के लिए जाना है। आपके मकान में न कोई बाहर का व्यक्ति प्रवेश कर पायेगा। ना ही कोई जादू टोना टोटका कर पायेगा और ना ही किसी की नज़र लगेगी मकान को।

सरसो के तेल से ठीक करे लक़वा का रोग

आधा लीटर सरसो के तेल की बोतल, 5 काली मिर्च, 5 लौंग, 5 कमल गट्टे, 5 बेल पत्र और 5 शमी पत्र शिव मंदिर ले जाय। लकवा के मरीज का नाम और गोत्र बोल के शिव जी को सरसो का तेल और सब समग्री चढा दिजिये। एक कटोरी को जल गिरने वाले स्थान पे लगा लिजिये ताकि चढाने के बाद सरसो का तेल और सारी समग्री को इस कटोरी में झेल लिया जाए। अब कटोरी के सब सामग्री को बोतल में भर लिजिये। जिस व्यक्ति को लकवा हुआ है उस व्यक्ति के शरीर को एक घंटा या आधा घंटा उस तेल से मालिश करना चालू करिए। 5 दिन के अंदर वो व्यक्ति चलना शुरू कर देगा।

कमजोर बुद्धि को करे तेज़ या भूलने की बीमारी से पाए मुक्ति

किसी भी पूर्णिमा के दिन देसी गाय का थोड़ा सा दूध लाना है। दूध भी देसी गाय के आगे के दो थन का होना चाहिए। इसके लिए आपको गौशाला जा के खुद बोल के दूध निकलवाना पड़ेगा। अब जो दूध लाए हैं उसका कुछ मीठा बना लिजिये। अगर मीठा नहीं बना सकते तो उसमें चीनी या गुड़ कुछ भी मिला लिजिये। पूर्णिमा की रात को 12 बजे भगवान चंद्र देव की साक्षी में उस दूध को या मीठे का सेवन आप दिमाग से कामजोर बच्चे या व्यक्ति को करा दिजिये। बस एक बार ही ये उपाय करने से विवेक काम करने लगेगा, भुलने की बीमार दूर हो जाएगी और पढाई में कामजोर बच्चा भी बुद्धिमान हो जाएगा।

रोग से मुक्ति के लिए शिव महापुराण के उपाए

बुखार के लिए उपाय

1. मान लो किसी व्यक्ति या बच्चे को बहुत तेज बुखार आ रहा हो और डॉक्टर के पास जाने में देर लगे या दवा लाने में देर लगे तो एक लोटा पानी और एक खाली बर्तन ले के शंकर जी के मंदिर जाए। जल के कलश को अपने बाएं हाथ पर रखिये और अपने दाहिने हाथ से उस कलश को ढक कर के मंदिर ले जाना है। उत्तर की तरफ अपना मुख कर के शंकर जी को कलश का जल चढ़ा दिजिये। जो खाली बर्तन ले गए हैं उसे नीचे लगा दिजिये जहां से जल शिवलिंग से नीचे गिरता है ताकी जल उस बर्तन में गिरे। अब इस जल को लेकर घर आ जाए और उसे एक बाल्टी में डाल दिजिये। ऊपर से थोड़ा और पानी मिला के जिस व्यक्ति को बुखार आ रहा है उसे स्नान करवा दिजिये। 15 से 20 मिनट के अंदर बुखार खतम होने लगेगा।

वेंटिलेटर पर होने पर जान बचाने का उपाय

2. घर में अगर किसी को बहुत ज्यादा बड़ी बिमारी हो गई हो या कोई वेंटिलेटर पे पड़ा हो और बचने की उम्मीद भी ना हो तो एक बार ये उपाय कर के देखे। दो कलश ले, एक में दूध भर ले और दूसरे में जल। दोनो कलश में 5-5 बेल पत्र डाल ले। शंकर जी के मंदिर जाए और जो व्यक्ति बिमार है उसका नाम और गोत्र बोल कर श्री तुम्बरुका जी का स्मरण कर के श्री शिवाय नमस्तुभ्यम का जाप करते करते जल को शंकर जी के शिवलिंग पे चढ़ा दिजिये। दिन भर में 3 बार (यानी सुबह, दोपहर, और शाम को प्रदोष काल में) चढाओ। 3 दिन के अंदर ही बीमार व्यक्ति की तबियत में सुधार आना शुरू हो जाएगा।

शरीर के अंगों में दर्द होने पर उपाय

3. घर में अगर कोई व्यक्ति बीमार पड़ा है जैसे किसी के घुटने दुख रहे हैं, पीठ, कमर, कंधा या सर दुखता रहता है, या आंखों में जलन रहता है, या शरीर में कोई भी तकलीफ रहती है तो जिस दिन सोमवार की अष्टमी आए उस दिन 14 दाने चने की दाल की ले कर उस व्यक्ति पर से 14 बार उतार लिजिये शंकर जी का नाम ले कर। अब दाल को शंकर जी के शिवलिंग पर चढ़ा दिजिये है। इस उपाय को करने से व्‍यक्ति के सब तरह के रोग बिमारी दर्द हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं।

कैंसर जैसी बड़ी बीमारी को ठीक करने का उपाय

4. जिस व्यक्ति को बहुत बड़ा कोई रोग हो गया हो जैसा कैंसर हो गया हो, तो उस व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 11 बार भगवान कुंदकेश्वर महादेव का नाम लेना चाहिए। या फिर एक कलश में जल लेकर कुंदकेश्वर महादेव का नाम स्मरण करते हुए शिवलिंग पे समर्पित करने से और उस जल को अपने ऊपर सींचने से व्यक्ति जल्दी से जल्दी स्वस्थ होने लगता है।

माइग्रेन की समस्या से छुटकारा पाने का उपाय

5. सोमवार की अष्टमी के दिन शंकर जी के मंदिर 7 या 5 लौंग ले कर जाएं और जहां पर माता अशोक सुंदरी का स्थान है वहां वो लौंग समर्पित कर दे। इसके बाद सब लौंग उठा के घर ले आए। रोज़ सुबह के समय बिना स्नान और बिना मुह धोए, अपने घर की दहलीज़ (ड्योढ़ी) पे खड़े हो के या शिव जी के मंदिर के दहलीज़ पे खड़े हो के एक लौंग चबा चबा के खा लेना है। जैसे आज एक लौंग खा ली तो दूसरी लौंग कल खाना है और परसो तीसरी। जिंदगी में कभी ना तो सर दर्द होगा और ना माइग्रेन की समस्या।

बेल के फल की राख का महा उपाय

मान लो की आपके जीवन में कोई बहुत बड़ी तकलीफ या समस्या आ गई हो जैसे कोई पैसा खा के बैठ गया या व्यापार नहीं चल रहा, पैसे की बहुत कमी हो, आदि, तो बेल का फल ले आओ। इसको तोड़ के अंदर के गूदे को निकाल के सुखा लो। सुखाने के बाद उसे जला लो और उसकी राख तैयार करो। अब इस राख को अच्छी तरह से पीस लो और छान लो ताकी कोई मोटा कण न रह जाए। अब इसे एक कपड़े में भर के शंकर जी के शिवलिंग का अभिषेक करो श्री चंपेश्वर महादेव के नाम से। चढाये हुए भस्म में से थोड़ा सा भस्म उठा के घर ले आओ।

मान लो कोई आपका पैसा खा का बैठा हो तो इस भस्म का थोड़ा सा भाग उस व्यक्ति के दरवाजे तक पहुचाने का प्रयास करिये श्री चंपेश्वर महादेव का नाम लेकर।या अगर आपका व्यापार नहीं चल रहा तो भस्म का थोड़ा सा भस्म अपने दुकान या व्यापार वाली जगह या फिर काउंटर पे कही भी रख दिजिये एक सफेद फूल के साथ, श्री चंपेश्वर महादेव का नाम लेकर। 7 दिन रख के देखें।

सकारात्मक परिणाम मिलेगा। इस उपाय को आप और भी किसी बड़ी तकलीफ के निवारण के लिए भी उपयोग कर सकते हैं।

नींद ना आए तो करे शिव महापुराण का ये उपाए

1. रात को सोते वक्त कमर में या रीढ़ की हड्डी में अगर दर्द होता है तो शंकर जी के शिवलिंग पर विषकर्मेश्वर महादेव का नाम लेकर एक लोटा पानी चढाए, 5 बेल पत्ती और 3 शमी पत्ती रख कर। फिर इसी पानी को एक बर्तन में झेल कर ले आइए। रात को सोने जाने के पहले इस जल को विषकर्मेशर महादेव का नाम लेकर पी लीजिये। रात को कमर में या हड्डी में कोई दर्द नहीं होगा।

2. जिनको रात को अच्छे से नींद नहीं आती हो, या टैबलेट खा के सोना पड़ता हो तो सोने के पहले भगवान शंकर की 5 लड़कियों (जया, विषहरा, शामलिबारी, दोतलि, और देव) का नाम 11-11 बार ले के सो जाइए, या फिर बिस्तर पे बैठ के अपने हाथ में थोड़ा सा जल लिजिये और शंकर जी की पांचो लड़कियों का नाम लेते जाएं और पानी का आचमन करते जाएं। जैसे आप बोले जया और एक आचमन किया फिर विषहरा और दूसरा आचमन, इसी तरह पांचो कन्या का नाम ले के सबके नाम का आचमन कर के सो जाएं। इसके बाद आपको ऐसी नेंद आएगी की सीधी सुबह ही आंख खुलेगी।

शिव महापुराण में बताए बेल के अनेक उपाए

1. आपका कोई बहुत जरूरी काम अगर पूरा हो ही नहीं रहा हो जैसे कोई परीक्षा नहीं निकल रहा हो या साक्षात्कार नहीं निकल रहा या आपका कोई बहुत विशेष काम है जो अटका हुआ है तो एक जल के कलश में लाल चंदन मिला के शंकर जी को चढ़ा दीजिये। अगर लाल चंदन ना मिले तो बेल पत्री के पेड़ की जड़ को घीस कर उसका चंदन बनाए और उस चंदन को जल में मिला के शिवलिंग पे चढ़ा दीजिये । आगर पेड़ की जड़ भी ना मिले तो बेल पत्री की डंडी को सुखाकर उसे घीस कर चंदन बनाए और वो जल में मिला के चढाये। जब शिव शक्ति का मिलन होगा तो आपका काम भी शिव शक्ति पुरा कर ही देंगे।

2. जो व्यक्ति हकलाता हो या बोलते बोलते अटक जाता हो तो एक बेल का फल लीजिये और उसे धीरे से फोड लीजिये। तोडने के बाद अंदर का गूदा अच्छी तरह से निकल लीजिये और फल के कटोरी को अच्छी तरह साफ कर लीजिये। 5 सोमवार उस बेल के फल के कटोरी में पानी भर कर भगवान शंकर को चढाये और शिवलिंग के नीचे एक पात्र लगा लीजिये जहां से पानी बहता है ताकी जो जल आप समर्पित कर रहे वो पात्र में गिरे। पात्र में जो जल एकत्रित किया है उस जल को घर ले आइए। जो व्यक्ति हकलता है उसे श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र को धीरे धीरे बुलवाते हुए ये जल पिलाना प्रारंभ कर दीजिये (मंत्र बुलवाते जाए और पानी पिलाते जाए)। सिरफ सोमवर के दिन ही ये उपाए करना है और सोमवार के दिन ही पानी पिलाना है। बाकी किसी और दिन ये पानी नहीं पिलाना है। 5 सोमवार ये उपाए करने पर वाणी का अटकना बंद हो जाएगा।

3. वैशाख महिने में जो शंकर जी को एक बेल का फल समर्पित करता है उसको 1000 अश्वमेध यज्ञ का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है।

शिव महापुराण में बताए भस्म के अद्भुत उपाए

1. जिस व्यक्ति को चर्म रोग हो जाता है, चमड़ी सफेद पड़ जाती है या दाद खाज हो जाता है तो गोबर के कण्डे को जला कर भस्म तयार करे। (कण्डे से तयार भस्म को अग्र भस्म कहा जाता है)। भस्म को शिवरात्रि के दिन शंकर जी के शिवलिंग पे चढाये। अब इस भस्म को उतार के घर ले आइए और जिस व्यक्ति को चर्म रोग है वो रात को पानी की बाल्टी में भस्म डाल कर स्नान करता है अगर तो 3 से 4 दिन के अंदर चर्म रोग समाप्त होने लगता है।

2. शिव महापुराण की कथा कहती है कि किसी यज्ञ में पूर्ण आहूति में जो गोला समर्पित किया जाता है, और यज्ञ की अग्नि जब ठंडी हो जाती है तो गोले की भस्म को जो व्यक्ति शंकर जी पे हर दिन थोड़ी थोड़ी समर्पित करता है और उसी भस्म का तिलक लगाता है (या मस्तक पर त्रिकुंड लगाता है) और अपने किसी भी विशेष काम के लिए जाने से वो काम कभी नहीं अटकता है। बच्चे परीक्षा या नौकरी में भी जाने से पहले कर के देखे, वो कभी फेल हो ही नहीं सकते।

काली तिल से करे घर की सुरक्षा

आपको अगर अपने घर से लंबे समय के लिए कहीं बाहर जाना है 4 दिन 8 दिन 10 दिन और आपको लगता है कि घर में ताला कैसे लगाएंगे तो शिव महापुराण में लिखा है की एक तांबे के कलश में जल भर लिजिये और उसमे थोड़ी सी काली तिल डाल दीजिये भूतेश्वर शिव का नाम ले कर। कलश को एक प्लेट से धक दीजिये। घर के किसी भी भाग में उस कलश को रख दिजिये। निश्चिंत हो के जहां जाना है चले जाएं। किसी की समर्थता नहीं है की उस घर में कोई पैर रख दे और अगर कोई भूल से पैर रख भी दिया तो 21 या 22 दिन के अंदर उसके दिमाग की स्थिति खराब हो जाएगी, पागल बन के घूमता नजर आएगा।

बेल पत्री के फल से पितृ दोष, वास्तु दोष, काल सर्प दोष से मुक्ति के उपाय

एक बेल का फल लीजिये और उसके अंदर के गुरदे को निकाल लीजिये। थोड़े से आटे को भून के उसमें चीनी मिला के पंजीरी तैयर कर लीजिये और इस पंजीरी को उस बेल के फल में भर लीजिये जिसके अंदर का गूदा आपने बाहर निकाला है। अब इस फल को हाथ में ले के पूरे घर में घुमा दिजिये और घर के हर सदस्य का हाथ उस फल से स्पर्श करवा दिजिये है। अब पीपल के पेड़ के नीचे थोड़ा सा गड्ढा खोड़ कर, उस फल को गड्ढा में दबा दीजिये। बस एक अमावस्या ये उपाय करना है। किसी भी तरह का पितृ दोष, वास्तु दोष, काल सर्प दोष हो सब समाप्त हो जाएगा और हमारे घर के कार्य सफल होने प्रारंभ हो जाएंगे।

बेल पत्री से मनोकामना पूर्ति का उपाय

1. अगर आपका कोई काम बहुत दिन से अटक रहा है, बहुत से उपाय भी कर लिए तो भी काम हो ही नहीं रहा तो बेल पत्री की बीच वाली पत्ती पर शहद लगा कर उसे शंकर जी के शिवलिंग पे चिपका दीजिये और उसपर अपनी हथेली रख कर, अपनी कामना कर के वापस घर को आ जाईये। बाबा आपकी वो मुराद 3 महीने के अंदर पूरा कर ही देता है।

2. शिवमहापुराण की कथा कहती है की 5 जगह पे बेल पत्री चढ़ाना चाहिए अपने मनोकामना की पूर्ति के लिए। पहली बेल पत्र भगवान शंकर के मंदिर में प्रवेश करते समय मंदिर की चौखट पे साइड में कहीं भी। दूसरी बेल पत्र भगवान शंकर के नंदी के सर पे। तीसरी बेल पत्र भगवान शंकर की जलाधारी पे, जहां से पानी बह के जा रहा है। चौथी बेल पत्र भगवान शंकर के शिवलिंग के ऊपर जो पानी का पात्र लगा रहता है जिसमे से पानी शिवलिंग पर गिरता रहता है उसपे और पांचवी बेल पत्र भगवान शंकर के शिवलिंग के ऊपर चढ़ा देने पर व्यक्ति की मनोकामना पूरी हो जाती है। बेल पत्र चढ़ाते समय इस बात का ध्यान जरूर रखना है कि पत्ती की डंडी का मुह हमेश उस दिशा के तरफ होना चाहिए जहां से जल बह के नीचे जा रहा है।

नया घर बनाने से पहले करे ये महा उपाए

नया मकान बनाते वक्त अगर एक नारियल के गोले में गुड़ भर कर और एक शमी पत्ता रख कर नए मकान के पाए में दबा दिया जाए तो उस घर में कभी संपदा की कमी नहीं होती और क्लेश नहीं हो सकता, चाहे कितनी भी अहंकारी बहू आ जाए या कितनी भी अभिमान रखने वाली सास क्यों ना हो, उस सास बहू में प्रेम ही रहेगा, क्लेश नहीं हो सकता। परिवार के किसी भी सदस्य में आपस में क्लेश नहीं हो सकता।

शिव महापुराण में दिए तुम्बरुका जी के अदभुत उपाय

  1. जो बच्चा पढ़ने में कमजोर होता है, उसकी बुद्धि विवेक को तेज़ करने के लिए किसी भी महीने की शिवरात्रि वाले दिन एक पीपल के पत्ते पर शहद रख के तुम्बरुका जी का नाम ले कर शिवलिंग पे चिपका दिया जाता है और वापस उस पत्ते को निकाल के बुद्धि से कमजोर बच्चे को चटाया जाता है मंदिर की सीढ़ियों पे बैठा कर। ऐसा करने से उस बच्चे की बुद्धि विवेक तेज हो जाति है और बच्चा पढने में बहुत विद्वान हो जाता है।
  2. अगर किसी नारी का गर्भ 24 महीने चढ़ने के बाद बार बार गिर जाता हो या बच्चा स्वस्थ पैदा नहीं होता हो या डॉक्टर ने कहा हो की ऑपरेशन से डिलीवरी होगी तो उस नारी को अपनी लंबाई के बराबर का एक मोली ले के एक नारियल पे लपेट के तुम्बरुका जी का नाम स्मरण कर के शंकर जी के शिवलिंग के पास में नारियल को रख देना है। ऐसा करने से बच्चा स्वस्थ पैदा होगा और गर्भ भी नहीं गिरेगा।
  3. अगर डॉक्टर ने बच्चा ऑपरेशन से होने का बोल दिया हो तो एक काम करिए की गुड़ के 7 टुकड़े लीजिये और उसे अपने दाहिने हाथ के हथेली पर रख के तुम्बरुका जी का नाम ले कर शंकर जी के शिवलिंग से घुमा कर उस गुड को गर्भवती नारी को थोड़ा थोड़ा कर के खिला दिजिये। बच्चा नॉर्मल ही होगा, ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

शिव महापुराण में दिए मां अशोक सुंदरी के अदभुत उपाय

  1. किसी को उधार पैसा या समान देना हो तो माता अशोक सुंदरी के नाम की एक लौंग पहले खा ले और फिर जा के उस व्यक्ति को उधार दे। आपका पैसा आपको वापस मिल के ही रहेगा। किसी हलत में वो पैसा नहीं फसेगा।
  2. जिसको काया का रोग हो जाता है, चमड़ी सफेद या काली पड़ने लगती है, आंखों के नीचे काले घेरे हो जाते हैं या चमड़ी का कोई भी अन्य रोग हो जाता है तो सोमवार की अष्टमी पड़ने वाले दिन सुबह शिव मंदिर जाना है और जहां अशोक सुंदरी वाली जगह है वहां दूध और जल चढाया जाता है और साथ ही नीचे जहां से जल गिरता है हां एक पात्र लगा के दूध और पानी दोनो को उस पात्र में झेल लिया जाता है। शाम (बिलकुल सांझा के समय) को उसी जल और दूध को पानी में मिला के नहाने से कैसा भी त्वचा रोग हो बिलकुल ठीक होने लगता है।
कार्य में आ रही बाधा के लिए पंचमुखी हनुमान जी का उपाय
1. अगर आपके जीवन में बहुत कष्ट चल रहा हो, रोग, व्यापार, नौकरी या और कोई दूसरी बहुत बड़ी तकलीफ हो, जिंदगी बहुत कष्टकारी लग रही हो तो पंचमुखी हनुमान जी का ये उपाए शिवमहापुराण में बताया गया है। इसके लिए आपको काली तिल, जौ, गुग्गल, गाय का घी लेना है। इस उपाए में आपको नीचे दिए मंत्र का जाप करना है। मंत्र है:

।। ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा ।।

हाथ में थोड़ा सा काली तिल, एक जौ, गुग्गल, और कुछ बूंद गाय के घी का लेके और कन्डे या अग्नि को जला कर दिए गए मंत्र का 11 बार या 21 बार जाप कर के अपनी कामना कर के अग्नि में छोड दिजिये। कैसा भी रोग, बिमारी कष्ट दुख तकलीफ हो 21 दिन के अंदर सब दूर होने लग जाता है।

रोग और नशा मुक्ति के कुछ उपाए

1. तंबाकू का सेवन करने वाले को तंबाकू छुड़ाना हो तो बेल पत्री के पेड़ की छाल या जड़ ले आए और उसे घीस के चंदन जैसा बना लिजिये। इसके बाद उस चंदन की 7 गोलियां बना लीजिये छोटी छोटी। अब ये गोलिया ले जा कर शिवलिंग पे 7 जगह रख दिजिये। नीलकंठेश्वर महादेव का स्मरण करिये नशे से मुक्ति दिलाने के लिए। भगवान की पूजा अर्चना करके सातो गोलियां को घर ले आए और जो व्यक्ति नशा करता है उसे 7 दिन रोज़ सुबह एक गोली देना शुरू कर दे। आप देखेंगे की धीरे धीरे तंबाकू से उसे नफ़रत होने लगेगी। तंबाकू खाना छोड़ देगा वो इंसान।

2. अगर किसी व्यक्ति का डायलिसिस चल रहा हो तो इस उपाए को करने से डायलिसिस की भी जरूरी नहीं होगी । पीपल के जड़ को ले आए और उसे अच्छे से पीस कर चंदन तैयर कर ले और इस् चंदन को भगवान शिव के शिवलिंग पे चढा दे और किसी पात्र में उठा कर घर ले आए। अब चंदन को पानी में ड डाल के उबाल ले और रोज़ सुबह थोड़ा थोड़ा पानी छान के डायलिसिस वाले मरीज़ को देना प्रारम्भ: कर दिजिये। डायलिसिस चल रहा होगा तो वो भी बंद हो जाएगा।

3. घर में अगर किसी को बहुत ज्यादा रोग या बिमारी हो गई हो, या वेंटिलेटर पर भी पड़ा हो तो प्रयास करिये की शमी के फूल को ला कर भगवान नीलकंठेश्वर महादेव के नाम से शिव जी को चढ़ा दीजिये और शंकर जी पर चढ़े जल की कुछ बूंद नीलकंठेश्वर महादेव के नाम से उस बीमार व्यक्ति के शरीर पर कहीं भी लगाना शुरू कर दिजिये। उस व्यक्ति को स्वस्थ होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

4. अगर ऐसा लगे की किसी दवा को आप बहुत दिन से खा रहे हैं और वो दवा आपको लग नहीं रही है, रोग ठीक ही नहीं हो रही है तो प्रदोष के दिन बेल के फल के गूदे को पानी में एक से दो घंटे भीगा के रख दे और इस पानी को ले जा कर शंकर जी के शिवलिंग पे समर्पित कर दे। उस पानी में से एक चम्मच पानी ले के घर आ जाए और जो व्यक्ति बीमार है उसे दवा देने से पहले आधे से भी आधा चम्मच बेल का पानी पिला दे श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का स्मरण करते करते और उसके बाद दवा खिला दे। इस उपाय से दवा अपना काम करना शुरू कर देगी और बीमार व्यक्ति भी स्वस्थ होने लगेगा। अगर तकलीफ ज्यादा है तो इस उपाय को रोज भी कर सकते हैं।

नौकरी, परीक्षा या व्यापार में आ रही रुकावत को दूर करने के कुछ उपाए

1. जो बच्चा इंटरव्यू में बार बार असफल हो रहा हो या प्रतियोगिता परीक्षा नहीं निकाल पा रहा तो प्रयास करना की जब आपका परीक्षा या इंटरव्यू हो उसके पहले जो भी ही सोमवार आए उस दिन 5 बेल पत्र, 5 शमी पत्र, 5 हरे मूंग के दाने और 5 सफ़ेद फूल (कोई से भी सफ़ेद फूल जो मिल जाये) ले जा कर भगवान शंकर जी के शिवलिंग पे चढा दिजिये। फिर जिस भी परीक्षा में बैठ रहे हो या जो इंटरव्यू देने की तयारी कर रहे हैं उसका ध्यान कर के एक लोटा पानी अपना नाम और गोत्र बोल के शिवलिंग पे चढा दिजिये। कुछ देर बैठ कर श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का ध्यान करिये और वापस घर आ जाए। इस उपाए को आप तब भी कर सकते हैं अगर आप कोई नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं।

2. अगर व्यापार व्यवसाय या फैक्ट्री एकदम बंद सी हो गई हो तो एक तांबे के कलश में जल भर लीजिये। एक बेल पत्र अपने दाहिने हाथ की हथेली पर रख के उसके ऊपर तांबे का कलश रख लिजिये और अपने उलटे हाथ से कलश को ढक लिजिये। अपने नाम और गोत्र का स्मरण करिये। अब ऐसे ही पात्र को लेकर शिव मंदिर जाए। जो भी आपकी कामना है व्यापार फैक्ट्री इंटरव्यू की उसका ध्यान करते हुए और अपने उसी दाहिने हाथ के अंगूठे और उनगलियो की मदद से पात्र को पकड़ के जल चढा दिजिये शिवलिंग पे श्री तुम्बरुपेश्वर महादेव के नाम से। जल चढाते वक्त बेल पत्री हाथ में ही रहने देना है। जल चढाने के बाद पात्र को नीच रख दे और अब बेल पत्र भी चढा दिजिये। बेल पत्री की डंडी का मुह अशोक सुंदरी वाली जगह होना चाहिए। झोली पसार कर बाबा से निवेदन करे और विनती कर के वापस घर आ जाए। 3 से 4 दिन लगेगा, जो दुकान फैक्ट्री व्यापार रुक सा गया था उसमे वापस से उन्नती होना शुरू हो जाएगी।

दुःख दूर करने के शिव महापुराण के अदभुत उपाय

  1. ज़िंदगी में अगर बहुत कष्ट चल रहा हो, दुख बढ़ गया हो, परिवार सही नहीं चल रहा हो तो हफ्ते में एक बार इस उपाए को कर के देखें। एक जल के पात्र में एक चावल का दाना, एक काली मिर्च, और थोड़ा सा चंदन डाल लिजिये और ले जा कर शंकर जी के शिवलिंग पर चढ़ा दिजिये। जल कैसे चढ़ाना है वो भी समझ लिजिये। सबसे पहले गणेश जी के जगह, फिर कार्तिकेय जी, फिर मां अशोक सुंदरी, फिर माता पार्वती और सबसे आखिरी में भगवान शिव जी को। सुख और शांति का अनुभव होगा।
  2. जिस नारी के भाग्य में विधवा होने का योग्य होता है अगर वो नारी अशोक सुंदरी वाली स्थान पर नियम से जल चढाती है तो उसे मां अशोक सुंदरी अखंड सौभाग्यवती होने का वर प्रदान कर देती है। उस नारी के पति पर अगर काल भी मंदरा रहा होता है तो मां अशोक सुंदरी महाकाल से कह के उस काल को भी टाल देती है।

कार्य सिद्धि के लिए बेल पत्र के उपाय

  1. हर महीने शिवरात्रि आती है। नियम से हर शिवरात्रि पर एक बेल पत्र शंकर जी को समर्पित करना शुरू कर दे। बेल पत्र चढाते वक्त पत्ती की डंडी का मुह आपके विपरीत दिशा में होना चाहिए। यानी आपकी तारफ डंडी का मुह नहीं होना चाहिए। जब आप पूजा कर के जाने लगे तो एक बेल पत्र शिवलिंग के ऊपर से उठा के नंदी जी का जो पाओ उठा हुआ रहता है उस पाओ के पास समर्पित करते हुए अपने मन की कामना नंदी के कानो में बोल के घर जाए। आपकी मनोकामना नंदीश्वर पूरी कर देते हैं।

मन को एकाग्र करने और उलझन दूर करने के उपाय

  1. किसी भी समय किसी भी पल शंकर जी के 12 ज्योतिर्लिंग का स्मरण कर लेने से कैसी भी मन की उलझन हो दूर हो जाती है। मन की अशांति दूर हो जाती है।
  2. जिस दिन आपका मन अशांत रहे, उलझन सी लगे या किसी अनहोनी होने का डर लगे तो कुशा के आसन पे 10 से 15 मिनट बैठ कर किसी भी मंत्र का मन ही मन स्मरण करे। आपके मन की उलझन एकदम खत्म हो जाएगी।
  3. अगर आपका मन एकाग्र नहीं रहता है, जैसे किसी बच्चे का मन पढाई में नहीं लगता या किसी व्यक्ति का मन कथा पुराण सुनने या पढ़ने में नहीं लगता तो मन को एकाग्र करने के लिए थोड़े से सहेद में 9 मुखी रुद्राक्ष को डाल दीजिये और रात भर वैसा ही पड़ा रहने दीजिये। अगले दिन सुबह शिव मंदिर जाए उस सहेद और रुद्राक्ष को लेकर। रुद्राक्ष को जलाधारी पे रख दीजिये और सहेद चढा दीजिये शिवलिंग पे। फ़िर वापस से उस सहेद को कटोरी में उठा लिजिये। अब शिवलिंग का शुद्ध जल से अभिषेक कर के पूजन कर दीजिये । उस रुद्राक्ष और सहेद को ले कर घर आ जाए। 11 दिन तक रोज़ उस सहद को चाटने से आपका मन अपने आप एकाग्र होने लगेगा या जो बच्चों का मन पढाई में नहीं लगता है वो भी पढाई में अव्वल होने लगेगा।

शादी और वैवाहिक जीवन से जुड़े उपाय

  1. अगर आपके घर में किसी लड़की या लड़का की शादी में रुकावत आ रही है तो किसी भी प्रदोष वाले दिन प्रदोष काल में एक बेल पत्र लीजिये। केसर घोल के या घीस के चंदन बना लीजिये। बेल पत्र की बीच वाली पत्ती पे केसर के चंदन का तिलक लगा दे। इस बेल पत्र के बीच वाली पत्ती को (जिसपे तिलक लगा है) बच्चे के बीच वाली उंगली पर रख दे और जहां तिलक लगा है वहा बच्चे का अंगूठा टच करवा दे। बच्चे का नाम और गोत्र बोल के, बेल पत्ती को शंकर जी के शिवलिंग पे समर्पित कर देना है। बेल पत्र के बीच वाली पत्ती का मुह जहान से जल नीच गिरता है उस तरफ होना चाहिए। विश्वास के साथ बाबा से निवेदन करिए। 3 महीने में बाबा शादी लगा ही देंगे।
  2. वैवाहिक जीवन में तकलीफ आ रही हो या सुख ना हो तो किसी भी लाल फूल का रस निकाल ले और रविवार की प्रदोष के दिन प्रदोष काल में शंकर जी के शिवलिंग पे चढा कर माता पार्वती के चरणो में समर्पित कर दे और उस रस को घर ले आ कर जो पति और पत्नी एक ही आसन पर बैठ के रस को अपने अपने नैनो से लगा लेते हैं उस पति पत्नी में कभी झगड़ा नहीं हो सकता कलेश नहीं हो सकता। तलाक के मामले में भी ये उपाए कर सकते हैं।

कार्य सिद्धि के लिए सोमवार की अष्टमी के कुछ उपाय

  1. अगर किसी व्यक्ति की नौकरी नहीं लग रही हो, व्यापार नहीं चल रहा हो, संपदा की कमी हो, घर में पैसे नहीं आ रहे हों तो सोमवार की अष्टमी के दिन 7 बेल पत्र ले लीजिये और केसर का चंदन बना लीजिये। फिर हर एक बेल पत्र की बीच वाली पत्ती पर केसर से ओम बना लीजिये। नीचे की दोनो पत्तीयो में से एक पत्ती पे माता आदिशक्ति जगदम्बा के नाम की केसर की एक बिंदी लगा देना है और दूसरी पत्ती पे गणेश जी-रिद्दी सिद्धि के नाम की एक बिंदी लगा देना है। सातो पत्ती पे ऐसा लगा लेने के बाद उसे शंकर जी के शिवलिंग पे समर्पित कर देना है। फिर उन सातों बेल पत्तीयो को एक लाल कपड़े में बांध के अपने पास रख लीजिये अपने तिजोरी में या व्यापार वाली जगह। एक दो महिना रख के देखे, भोले नाथ लाइन लगा देंगे संपदा आने की।

क्रोध कम करने के लिए कुछ उपाए

  1. अगर घर में कोई व्यक्ति बहुत गुस्सा करता है, अपशब्द बोलता है, बहुत ताने देता है और घर को अस्त व्यस्त कर के रखा है तो किसी भी महीने की शिवरात्रि पर जौ के आटे का एक दिया बना ले। अब उसमे सरसो का तेल दाल ले, थोडी सी काली तिल और एक सफेद फूल दाल के जिस व्यक्ति को क्रोध आता है उसका नाम और गोत्र बोल के बेल पत्र के पेड़ के नीचे दिया जला देने से उस व्यक्ति की ईर्ष्या और नफ़रत खत्म हो जाती है और प्रेम बढ़ने लगता है।
  2. कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा चिढ़ चिढ़ करता है, क्रोध करता है, गुस्सा करता है, तो 31 बेल पत्र ले लेना है और 31 खड़े अक्षत के दाने ले लेना है। जिस व्यक्ति को बहुत गुस्सा आता है उसका नाम और गोत्र स्मरण कर के आखा चावल के साथ एक-एक बेल पत्र को शंकर भगवान का श्रमभेश्वर महादेव का नाम लेकर शिवलिंग पर समर्पित कर देना है। ये उपाए सिर्फ दशमी तिथि के दिन करना है (चाहे उजाला की हो या अँधेरे की हो)।
  3. अगर घर में कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा चिढ़ चिढ़ करता है, बहुत क्रोध करता है, आदर ही नहीं करता तो शमी पत्र के 71 पत्ते और 71 ही चावल के आखा (टूटा ना हो) दाने ले लीजिये । अपने हथेली में उन शमी पत्र और अक्षत को लेकर जो सम्मान न करता हो उसका नाम और गोत्र बोल के शिवलिंग पर जहां अशोक सुंदरी का स्थान होता है वहा छुआ कर शंकर भगवान के शिवलिंग पे समर्पित कर दीजिये। भगवान शंकर उस व्यक्ति के हृदय में शीतलता का अनुभव करता है, उस घर का क्लेश और अशांति दूर होती है।

नौकरी पाने के/ व्यापार में समृद्धि के कुछ उपाए

आपके यहां अगर धन की कमी पड़ रही है, पैसा नहीं आ रहा, व्यापार दुकान नहीं चल रहा, नौकरी नहीं लग रही है तो हर सोमवार की सोमवार एक घी का दीपक बेल पत्री के पेड़ के नीचे और एक घी का दिया शिव मंदिर की चौखट पे लगाना प्रारम्भ कर दीजिये । एक दो सोमवार लगा कर देखिए। सुख का अनुभव मिलेगा।

धन से जुडी समस्या दूर करने के उपाय

  1. हर सोमवार या हर प्रदोष या बन सके तो हर दिन शिवलिंग पर एक कमल का पुष्प समर्पित करना शुरू कर दे। कमल का फूल न मिले तो जल के कलश में एक कमलगट्टे को डाल के उस जल को बाबा को समर्पित करना शुरू कर दे। धन से जुडी समस्या धीरे-धीरे हटने लगेगी।
  2. अगर कोई व्यक्ति आपका धन खा के बैठा हो, पैसा वापस नहीं लौट रहा हो तो कालीतिल को पीएस कर उससे छोटा सा शिवलिंग तयार कर लीजिये। अब उस शिवलिंग को शमी के पेड़ के नीचे रख के या बेल पत्र के पेड़ के नीचे रख के उसकी पूजा कर दीजिये। जिस व्यक्ति से धन लेना है उसका नाम ले के शिवलिंग पर एक सफेद आक का फूल समर्पित कर दिजिए और एक घी का दिया जला दीजिये। शंकर जी से विंती कर के उस व्यक्ति का नाम बोल के, आक के फूल का एक छोटा सा फूल किसी कागज में लपेट के अपने पास रख लिजिये। जो शिवलिंग और बाकी का फूल है उसे विसर्जित कर दिजिये। अवधूतेश्वर महादेव का स्मरण कर के जिस व्यक्ति से पैसा लेना है उसके पास या उसके कार्यालय तक उस फूल को किसी तरह भेज दें। आपका पैसा हाथ जोड़ के वापस करने आएगा वो व्यक्ति।

कार्य सिद्धि के लिए सोमवार की अष्टमी के कुछ उपाय

  1. अगर आपके जीवन में बहुत तकलीफ है, कोई काम नहीं हो रहा है, बहुत दिनों से लगे हैं। तो सोमवार की अष्टमी के इस उपाए को कर के देखे। 31 हरे मूंग के दाने, 31 चावल के दाने और 31 बेल पत्र ले के शंकर जी के मंदिर जाए। अपने मन की कामना करते हुए 31 चावल के दाने को शंकर जी के देहलीज पे कही भी एक तरफ रख दीजिये। 31 मूंग के जो दाने है वो नंदी जी का जो पाओ ऊंचा रहता है उस पाओ के पास रख दीजिये और जो 31 बेल पत्र है वो अशोक सुंदरी वाले स्थान पे रखना है अपने मन की कामना करते हुए। बेल पत्र समर्पित करने से पहले हर पत्ती पे पीला चंदन और लाल चंदन लगाते हुए समर्पित करते जाए। बेल पत्र की डंडी का मुह जहा से पानी नीचे बहता है उस तरफ होना चाहिए। एक सोमवार की अष्टमी पे ये उपाय कर के देखिये, अगली सोमवार की अष्टमी तक बाबा आपका काम पूरा कर चुके होंगे।

शिव महापुराण के कार्य सिद्धि के लिए प्रदोष के कुछ उपाय

  1. अगर आपका कोई काम हो ही नहीं रहा हो, या काम बनते बनते बिगड़ जाता हो, व्यापार नहीं चल रहा हो या बिमारी ने घेर रखा है तो प्रदोस का ये उपाए करे। प्रदोष काल में एक ताम्बे के कलश में जल भर के उसमे 5 बेल पत्र दाल लिजिये, 5 शमी पत्र दाल लिजिये और 7 दाने अक्षत के दाल लिजिये। घर में एक घी का दिया जला दिजिये फिर कलश के जल को शिवमंदिर ले जा कर भगवान शंकर के शिवलिंग पर जल समरपित कर दिजिये अपनी कामना करते हुए। बिना चप्पल पहने मंदिर जाना है। दिया घर में ही जला के जाना है। मंदिर में दिया नहीं ले जाना है। फिर घर वापिस आ जाए। इस उपाय को नियम से हर प्रदोस पर करने से सब रुकावट अपने आप हटने लगती है
  2. एक कटोरी में थोड़ा सा गंगा जल निकाल लीजिये। अब एक सिक्का ले ले (1 का 2 का 5 का या 10 का, अपनी सुविधा के अनुसार)। अब कटोरी को अपने रसोई घर के पानी वाले जगह पर रख दे, जहां आप पीने के पानी का घड़ा या आरो (R.O) रखते हैं। भगवान कुंदकेश्वर महादेव का नाम स्मरण कर के अपने मन की कामना करते हुए वह सिक्का गंगाजल की कटोरी में डाल दे। सिक्के को आप इस भाव से गंगाजल में डालिए की आप कुंदकेश्वर महादेव को गंगाजल का स्नान करवा रहे हैं। उसके बाद आप उस गंगा के जल को अपनी उंगलियों से अपने आंखों से लगा के अपने उस ज़रुरी काम के लिए निकल जाए। वो काम आपका सफल हो के ही रहेगा। जब आपका काम पूरा हो जाए तो उस कटोरी के जल को शिव मंदिर ले जा के जल शिवलिंग पे समर्पित कर दे और सिक्का दान पत्र में डाल दे। शिव जी को धन्यवाद दे आपका काम पूरा करने के लिए।
  3. अगर आपका कोई काम बहुत जरूरी है, नहीं हो रहा, जैसे कर्जा बढ़ रहा है, व्यापार नहीं चल रहा, परीक्षा में बैठे और निकल ही नहीं रहा या कोई और समस्या बहुत प्रबल है तो प्रदोष के दिन का ये उपाए करना शुरू कर दे । प्रदोष के दिन, प्रदोष काल में एक तांबे के कलश में थोड़ा जल भर ले उसमे बेल पत्र डाल ले (बन सके तो 1 बेल पत्र या 7 या अपनी सुविधा से जो मिल जाए), शमी पत्र, हरे मूंग और थोड़ा सा गुड़ डाल ले। शिव मंदिर  जा के शिव जी का स्मरण कर के, अपनी मन की इच्छा बोल के जल को शिव जी के शिवलिंग पर समर्पित कर दे। 2 या 3 प्रदोष करेंगे तो बाबा आपकी मनोकामना बहुत जल्दी पूरी कर देंगे।
  4. जिसके घर में कलेश ज्यादा रहता हो या अशांति बनी रहती हो तो किसी भी प्रदोष के दिन प्रदोष काल में 7 बेल पत्र और एक सफेद कच्चे सूत को ले के शिवमंदिर जाए। मंदिर में नंदी जी का जो पाओ ऊंचा रहता है उस पाओ के पास शंकर जी और माता पार्वती का ध्यान करते हुए बैठ जाए। फिर अपना नाम और गोत्र स्मरण कर के उस कच्चे सूत से सातो बेल पत्र के डंडी वाले भाग को एक साथ लपेटना शुरू कर दे। इसके बाद सातो बेल पत्ती का जो सबसे ऊपर वाला हिसा है (सामने का हिस्सा) उसपे लाल चंदन लगाना है। और वो सातो बेल पत्र शंकर जी के शिवलिंग पे चढा देना है। जिस घर का गोत्र बोला गया है उस घर में फिर कभी कलेश नहीं हो सकता।

शिव महापुराण के कार्य सिद्धि के लिए शिवरात्रि के कुछ उपाय

  1. हर माह शिवरात्रि आती है। किसी भी शिवरात्रि पर काली मिर्च का एक दाना और काले तिल के सात दाने अपने हथेली पर रख के अपने मन की कामना बोल के शिवलिंग पर समर्पित कर दे । अगले शिवरात्रि तक बाबा कामना पूरी कर ही देंगे।
  2. जिसके घर में बहुत कलेश होता हो, सास बहू में या मां बेटे में या भाई भाई में तो किसी भी महीने की शिवरात्रि पर गेहु की 7 बाली को तोड़ लिजिये और अपने घर में हर जग घुमा लिजिये। फिर शिव मंदिर जा कर, अपने घर का नाम और गोत्र बोल कर, उन गेहु की 7 बाली को शिवलिंग पर चढा दिजिये। शिव महापुराण की कथा कहती है कि जिस घर का गोत्र बोला गया है उस घर में जिंदगी में कभी झगड़ा या कलेश की नौबत नहीं आएगी।
  3. अगर आपकी कोई दुकान नहीं चलती हो, खेत में फसल नहीं आ रही हो, घर में लक्ष्मी नहीं टिक रही हो या संपदा की कमी हो तो हर महीने शिवरात्रि आती है। किसी भी शिवरात्रि के दिन रात को 12 बजे शंकर जी पे एक धतूरा चढा दिजिये। आधे घंटे तक धतूरा चढा रहने दिजिये और तब तक आप मंदिर के बाहर बैठ के श्री शिवाय नमस्तुभ्यम का जाप करिए। 12:30 बजे उस धतूरे को उठा के ले आइये और लाल कपड़े में बांध के अपने दुकान में, घर के तिजोरी में या जो खेत में फसल नहीं हो रही उस खेत में गाड़ दिजिये। पर ये काम आपको सुबह 4 बजे के पहले कर लेना है। आपको जीवन में कभी तकलीफ नहीं भोगना पड़ेगा। लक्ष्मी बढ़ती चली जाएगी।
  4. जो व्यक्ति ज़्यादा बीमार रहता हो, तो किसी भी शिवरात्रि के दिन शंकर जी को बेर का फल चढाये। 7 बेर ले के अपने ऊपर से घुमा कर, शिवरात्रि के दिन दोपहर को 12 बजे ले जा कर शंकर जी के शिवलिंग पर अपने मन की कामना करते हुए चढा दिजिये। आपके सब रोग और बीमारी 3 महीने के अंदर ख़त्म हो जाएगी।

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