उपाय

२.५५
बीच वाली पट्टी होती है और उसे पति के नीचे दो पत्तियां बहुत ध्यान से देखिएगा और समझिए जैसे यह बीच वाली पट्टी है और उसके नीचे दो पत्ती इसके मध्य में जो दांडी है बेलपत्री के और यह दो पत्ती के बीच में जो दांडी रहती है उसके बीच की जो ठंडी में चंदन का लेपन करके बीच की जो भाग है उसमें यह देखिए यह तो दो पट्टी हो गई अब यह जो बीच का भाग सब लोगों को देख रहे होंगे इस बीच के भाग पर चंदन का लेपन कर लेकर जब तुम्हें लग रहा कोई ऐसी बात है की अदालत में कोई केस चल रहा है खा रही है या अपने घर में कोई व्यापार से जुड़ी हुई या कोई धन से जुड़ी हुई कोई प्रॉब्लम है और वह समाती नहीं है तब यह बेलपत्र यह बेलपत्र इस्मत की ठंडी में चंदन लगाकर जब द्वारा में से मंदिर के अंदर प्रवेश करते हैं मुख्य द्वार से मतलब शंकर जी को जब जल चढ़ाने के लिए हम लोग अंदर जाते हैं उसके पहले नदी आ जाता है चंदन लगी हुई बेलपत्र चावल के हाथ में लेकर नदी के सीधे हाथ की ओर से मतलब आपका भी सीधा ओम नमः शिवाय बोलकर नमः शिवाय बोलकर या श्री शिवाय अशोक सुंदरी की ओर हो और शिवलिंग पर उसको समर्पित कर दो चावल के दाने के साथ केवल दो या तीन सोमवार आप करेंगे धीरे-धीरे रोग में दवाई लगा प्रारंभ हो जाएगी और रोक समाप्ति पर जाएगा और आपका कार्य
पूरी मेहनत


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